असम के कोकराझार में गाय चोरी शक में भीड़ ने गाड़ी आग लगा दी, 2 की जलकर मौत। बोडो-अदिवासी भिड़े, एनएच जाम, दुकानें जलीं। इंटरनेट बंद, सेना तैनात- शांति बहाल हो रही। पूरी घटना का अपडेट।
असम दंगे: गौ-चोरी के शक में जिंदा जलाए गए 2, हाईवे जाम, दुकानें राख- हालात काबू में?
कोकराझार हिंसा: गाय चोरी शक में 2 की जलकर मौत, बोडो-अदिवासी भिड़े, असम में तनाव
असम के कोकराझार जिले में सोमवार रात को जो घटना हुई, वो पूरे इलाके को हिला दिया। रोड कंस्ट्रक्शन का काम देखने जा रहे 5 लोग लौट रहे थे। गौरी नगर-माशिंग रोड पर ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी रोक ली, शक हुआ कि गाय चोरी कर रहे हैं। झगड़े में गाड़ी सड़क से फिसल गई। फिर क्या था, भीड़ ने उन पर हमला बोल दिया और गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। जिंदा जलने वालों में से एक सिखना ज्वलाव बिस्मित उर्फ राजा की मौके पर ही मौत हो गई। वो कांट्रैक्टर मोरांडा बसुमतरी का दामाद था। दूसरा सुनील मुर्मू ने अस्पताल में दम तोड़ा। बाकी तीन- प्रभात ब्रह्मा, जुविराज ब्रह्मा और महेश मुर्मू- अभी कोकराझार मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। प्रभात की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मंगलवार को गुस्सा फूट पड़ा। करीगांव के पास सैकड़ों लोग एनएच-27 पर उतर आए। टायर जलाए, ट्रैफिक जाम कर दिया। फिर बिरसा कमांडो फोर्स के दो कैंप आग लगा दिए। सिडू कन्हू भवन तोड़ा, कई दुकानें राख कर दीं। करीगांव पुलिस आउटपोस्ट पर भी हमला बोला। पुलिस ने लाठी चार्ज किया, आंसू गैस छोड़ी। कई लोग और पुलिस वाले घायल हुए। एसएसपी अक्षत गर्ग ने कहा, 19 लोग हिरासत में हैं। जांच चल रही है।
ये हिंसा बोडो और अदिवासी समुदायों के बीच भड़की। कुछ रिपोर्ट्स कहती हैं कि गाड़ी में बोडो युवक थे, जिनकी गाड़ी दो अदिवासी लड़कों से टकराई। फिर अदिवासी ग्रामीणों ने हमला किया। वाहन जलाया, एक की मौत। बाद में एक अदिवासी युवक की भी जान गई। कुल 2-3 मौतें। रोड एक्सीडेंट से शुरू हुई बात बढ़ी, तो आगजनी और भिड़ंत हो गई। असम सरकार ने तुरंत रैपिड एक्शन फोर्स भेजी। मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया, ताकि अफवाहें न फैलें।
बुधवार को हालात बिगड़े तो आर्मी उतार दी गई। संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग शुरू। प्रोहिबिटरी ऑर्डर लगाए। अब सोमवार शाम से कोई नई हिंसा नहीं। नॉर्मलसी लौट रही है। लेकिन इंटरनेट बंदी से छात्र और कामकाज वाले परेशान। स्टूडेंट्स की पढ़ाई रुकी, बिजनेस ठप। कोकराझार टाउन से 30 किमी दूर करीगांव में ये सब हुआ। एनएच ब्लॉक से ट्रांसपोर्ट प्रभावित।
कोकराझार असम का संवेदनशील जिला है। बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल का हेडक्वार्टर। बोडो और अदिवासी आबादी ज्यादा। पहले भी सांप्रदायिक टकराव हुए। 2012 के दंगों में सैकड़ों मरे। गाय चोरी का मुद्दा हमेशा गर्म रहता। ग्रामीण इलाकों में सतर्कता ज्यादा। रात को संदिग्ध वाहनों पर शक आम। लेकिन इस बार हादसा हो गया। कंस्ट्रक्शन वर्कर्स निशाना बने।
अब प्रशासन संभल गया। फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई। डिटेंशन बढ़े। एसएसपी बोले, लोगों से अपील है- कानून को काम करने दें। आर्मी डोमिनेशन चल रही। रिलीफ कैम्प खोले। लेकिन जख्म गहरे। परिवार टूटे, प्रॉपर्टी नुकसान। कोकराझार लंगड़ाता हुआ नॉर्मल हो रहा।
ऐसी घटनाओं की जड़ें गहरी। कम्युनिटी टेंशन, संदेह, अफवाहें। गाय चोरी का डर। लेकिन कानून हाथ में लेना गलत। पुलिस ने कहा, जांच में साफ होगा। क्या चोरी का इरादा था या गलतफहमी? रिपोर्ट्स कन्फर्म करेंगी। असम में बीपीएफसी सरकार अलर्ट पर। सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कड़ा रुख अख्तियार किया।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- कोकराझार हिंसा की शुरुआत कैसे हुई?
सोमवार रात गौरी नगर रोड पर गाड़ी रोकी गई। चोरी शक में हादसा, हमला, आग। राजा की मौत। - कितने मरे और घायल हुए?
2 मौतें (राजा, सुनील)। 3 क्रिटिकल भर्ती। पुलिस वाले भी चोटिल। - क्यों आर्मी बुलाई गई?
मंगलवार को आगजनी, एनएच जाम, आउटपोस्ट अटैक। आरएएफ के बाद आर्मी तैनात। - इंटरनेट कब खुलेगा?
अभी बंद। तनाव कम होने पर। छात्र-बिजनेस पर असर। - अब हालात कैसे हैं?
शांत। कोई नई हिंसा नहीं। पेट्रोलिंग जारी। नॉर्मलसी लौट रही।
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