पश्चिम बंगाल के बरासत में निपाह वायरस के 5 मामले पकड़े गए। दो नर्सें ICU में, एक कोमा में। 100 लोग क्वारंटीन। WHO की प्रायोरिटी बीमारी, न वैक्सीन न इलाज। लक्षण, बचाव और केरल केस पढ़ें।
पश्चिम बंगाल निपाह आउटब्रेक: चमगादड़ों से फैल रहा खतरा, 50% तक मौत का रिस्क!
निपाह वायरस का खतरा: पश्चिम बंगाल में 5 मामले, बरासत अस्पताल पर संकट- न दवा, न वैक्सीन
पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस ने दस्तक दे दी है। सोमवार को कोलकाता के पास बरासत में पहला केस पकड़ा गया। एक प्राइवेट अस्पताल के पुरुष और महिला नर्स संक्रमित मिले। दोनों आईसीसीयू में हैं। स्वास्थ्य विभाग के सीनियर अधिकारी ने बताया कि पुरुष नर्स की हालत सुधर रही, लेकिन महिला नर्स बहुत क्रिटिकल है, कोमा में चल रही आक्रामक ट्रीटमेंट पर। बाद में उसी अस्पताल के डॉक्टर, एक और नर्स व हेल्थ स्टाफ में भी वायरस की पुष्टि। ये तीनों बेलेगाटा के सरकारी इंफेक्शस डिजीज हॉस्पिटल में भर्ती।
स्वास्थ्य महकमा अलर्ट पर। करीब 100 संपर्कों को घर पर क्वारंटीन किया गया ताकि कम्युनिटी में न फैले। राज्य सरकार ने सैंपल ICMR के NIV पुणे भेजे। निपाह WHO की प्रायोरिटी पाथोजन है, महामारी का खतरा। न वैक्सीन है, न स्पेसिफिक एंटीवायरल। बस अर्ली डिटेक्शन, सख्त आइसोलेशन और सपोर्टिव केयर। बंगाल सरकार ने गाइडलाइंस जारी कीं- सभी संदिग्धों को तुरंत अलग रखें, PPE पहनें, ड्रॉपलेट प्रीकॉशन्स।
निपाह जोनोटिक वायरस है, जानवरों से इंसानों में आता। फ्रूट बैट्स इसका नैचुरल होस्ट। डॉ. राजीव जयदेवन, पूर्व IMA प्रेसिडेंट कहते हैं ज्यादातर केस चमगादड़ों से संक्रमित फल खाने से। ग्रामीण इलाकों में खतरा ज्यादा जहां खेतीबाड़ी से बैट्स-ह्यूमैन कॉन्टैक्ट बढ़ता। ताड़ी का रस (date palm sap) पीना भी बड़ा कारण, खासकर नदिया जिले में जहां नर्सें गई थीं। एक बुजुर्ग मरीज भी संदिग्ध, हाल ही मरा। इंसान-से-इंसान ट्रांसमिशन भी हो सकता।
लक्षण शुरू में फ्लू जैसे- बुखार, सिरदर्द, खांसी, बदन दर्द। 4-14 दिन में एन्सेफलाइटिस, भटकाव, सुस्ती, दौरा, कोमा। मृत्यु दर 40-75% तक। बचाव ही एक रास्ता। साफ फल धोएं, कच्चा ताड़ी न पिएं, बैट्स से दूर। मास्क, सैनिटाइजर। केरल ने 2018 से कई बार देखा- 90% मौतें। बंगाल में 2007 बाद पहला।
निपाह का इतिहास
1998 में मलेशिया-सिंगापुर में सूअरों से फैला। 300 मरे। साउथ एशिया में बार-बार। भारत में केरल चैम्पियन- 2018 (17 मौतें), 2019 (2), 2021 (4), 2023 (2)। तमिलनाडु, बंगाल में भी। WHO R&D ब्लूप्रिंट में टॉप। वैक्सीन ट्रायल्स चल रहे, mRNA बेस्ड। ICMR केरल में स्टडी कर रहा।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
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