Ravidas Jayanti 2026: 1 फरवरी माघ पूर्णिमा को 649वीं जयंति। भक्ति संत के जीवन, दोहे, जाति-विरोधी संदेश। पूजा विधि, भजन, वाराणसी जनमस्थान। रविदासिया धर्म, सिख ग्रंथ साहिब महत्व!
Ravidas Jayanti 2026: भक्ति संत का जाति-विहीन बेगमपुरा सपना
1 फरवरी 2026 को रविदास जयंती मनाई जाएगी – संत गुरु रविदास की 649वीं जन्म जयंति। माघ पूर्णिमा पर उत्तर भारत में भक्तों का सैलाब उमड़ेगा। पूर्णिमा तिथि 1 फरवरी सुबह 5:52 बजे से 2 फरवरी सुबह 3:38 बजे तक। ये चमार जाति के जूते बनाने वाले संत भक्ति आंदोलन के स्तंभ बने। कबीर, नानक देव के समकालीन रविदास ने जाति-धर्म की दीवारें तोड़ीं।
गुरु रविदास कौन थे? जीवन परिचय
1377 ई. (कुछ 1399) में वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर में रविदास का जन्म। पिता रग्घु चमार जूते बनाने वाले, मां कलसा भक्त। बचपन से भक्ति, मीरा बाई के गुरु। चित्तस्वरूपानंद जी से दीक्षा। मीराबाई, कबीर संग संगत। 1527 में समाधि। रविदासिया धर्म के संस्थापक।
रविदास जी समानता, भक्ति, आंतरिक शुद्धता सिखाते। ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ – उनका प्रसिद्ध दोहा। जाति-वर्ण भेद मिथ्या। ईश्वर एक। गुरु ग्रंथ साहिब में 40+ भजन शामिल। रविदासिया, सिख, हिंदू सब मानते। जयंती पर सामाजिक सद्भाव, कírtan, शोभायात्रा।
रविदास जयंती 2026 तिथि समय सारणी
| कार्यक्रम | तारीख और समय |
|---|---|
| रविदास जयंती | रविवार, 1 फरवरी 2026 |
| पूर्णिमा तिथि प्रारंभ | 1 फरवरी सुबह 5:52 बजे |
| पूर्णिमा तिथि समाप्त | 2 फरवरी सुबह 3:38 बजे |
| अभिजीत मुहूर्त | सुबह 11:50 से दोपहर 12:40 तक |
| अमृत काल | सुबह 7:00-8:30, दोपहर 1:30-3:00 |
प्रमुख शिक्षाएं और प्रसिद्ध दोहे
- समानता: “जाति पांति पूछे नहिं कोई, हरि को भजे सो हरि का होई।”
- भक्ति: “मन चंगा तो कठौती में गंगा।”
- बेगमपुरा: बिना डर का शहर – जाति, कर, राजा से मुक्त।
- शुद्धता: “प्रभु जी तुम चंदन हम पानी, अंग अंग भरमावौं।”
- सेवा: चर्मकार से भगत बने।
गुरु ग्रंथ साहिब के पृष्ठ 345-346 पर भजन।
- सुबह स्नान, स्वच्छ वस्त्र।
- रविदास जी फोटो स्थापित, दीप प्रज्वलन।
- रविदास वाणी पाठ, भजन कीर्तन।
- प्रसाद: खीर, पूरी, हलवा।
- शाम को शोभायात्रा।
- रविदासिया मंदिरों में विशेष सत्संग।
सीर गोवर्धनपुर में श्री गुरु रविदास जन्म स्थान मंदिर। जयंती पर लाखों भक्त। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा में छुट्टी। यूके, कनाडा में रविदासिया गुरुद्वारा।
2010 में अलग धर्म घोषित। रविदास रामानंदी सम्प्रदाय से। गुरु ग्रंथ साहिब में स्थान विशेष। अमृतसर रविदासिया केंद्र प्रमुख।
इतिहासकार 1377 vs 1399। हिंदू पंचांग माघ पूर्णिमा मान्य। जयंती तिथि पर ही।
| स्थान | विशेष आयोजन |
|---|---|
| वाराणसी | जन्म स्थान शोभायात्रा |
| पंजाब | गुरुद्वारा कीर्तन |
| हरियाणा | सामूहिक भंडारा |
| यूके (साउथऑल) | रविदास गुरुद्वारा महोत्सव |
| कनाडा (सरे) | रविदासिया टेम्पल उत्सव |
“प्रभु जी तुम चंदन हम पानी…”
“जो सतगुरु तें मिलै मनु संतोष…”
बेगमपुरा की नगरी – बिना गम का शहर।
जातिवाद विरोधी। दलित सशक्तिकरण। सामाजिक न्याय। आज भी प्रासंगिक।
उत्सव टिप्स
- सफेद-पीला वस्त्र।
- शाकाहारी भोजन।
- भजन डाउनलोड।
- ऑनलाइन कीर्तन।
संत रविदास सिखाते – जाति नहीं, भक्ति भेद मिटाती। बेगमपुरा बनाएं!
5 FAQs
1. रविदास जयंती 2026 कब है?
1 फरवरी 2026, माघ पूर्णिमा।
2. गुरु रविदास का जन्म कब?
1377 ई., वाराणसी।
3. कौन से दोहे प्रसिद्ध?
मन चंगा तो कठौती में गंगा।
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