यूनियन बजट 2026 में FM निर्मला सीतारामन ने हर जिले में STEM लड़कियों के लिए एक हॉस्टल का ऐलान किया। VGF फंडिंग से, STEM ड्रॉपआउट कम करने का प्लान। 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स, फार्मा–आयुर्वेद इंस्टीट्यूट्स, बजट आवंटन, GER डेटा और महिलाओं की भागीदारी पर पूरा विश्लेषण।
क्या हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल से STEM में महिलाओं की भागीदारी दोगुनी हो जाएगी?
यूनियन बजट 2026: हर जिले में STEM लड़कियों के लिए एक हॉस्टल, महिलाओं की एजुकेशन पर बड़ा फोकस
1 फरवरी 2026 को संसद में पेश हुए यूनियन बजट 2026-27 में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारामन ने अपनी नौवीं लगातार स्पीच में एजुकेशन सेक्टर को खास तवज्जो दी। सबसे बड़ा ऐलान था – देश के हर जिले में STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथ्स) पढ़ने वाली लड़कियों के लिए कम से कम एक गर्ल्स हॉस्टल बनाना। यह प्लान VGF (वायबिलिटी गैप फंडिंग) और कैपिटल सपोर्ट से चलेगा।
सीतारामन ने कहा, “हायर एजुकेशन के STEM इंस्टीट्यूट्स में लंबे स्टडी आवर्स और लैब वर्क लड़कियों के लिए चैलेंज बन जाते हैं। ये हॉस्टल्स इन दिक्कतों को दूर करेंगे और महिलाओं को एडवांस्ड स्टडीज में बने रहने में मदद करेंगे।”
यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि भारत में STEM ग्रेजुएट्स में 42.6% लड़कियां हैं, जो ग्लोबल एवरेज 35% से ऊपर है। लेकिन वर्कफोर्स में रिटेंशन बहुत कम है – C-suite में सिर्फ 14%, VP लेवल पर 12.4%। आइए इस बजट के एजुकेशन प्रपोज़ल्स को डिटेल में देखें – क्यों ज़रूरी, कैसे लागू होगा, आंकड़े क्या कहते हैं।
गर्ल्स STEM हॉस्टल्स का प्लान: क्यों और कैसे?
STEM फील्ड्स में लड़कियों की एंट्री तो अच्छी है, लेकिन ड्रॉपआउट रेट हाई। कारण – लंबे लैब आवर्स, घर से दूर रहने की सेफ्टी चिंता, फैमिली प्रेशर, ट्रांसपोर्ट की दिक्कतें।
बजट में हर जिले में एक हॉस्टल का ऐलान इसी गैप को भरने के लिए है। फंडिंग:
- VGF: प्रोजेक्ट्स जो कमर्शियली वायबल नहीं, उनके लिए गवर्नमेंट फंडिंग जो प्राइवेट इन्वेस्टर्स को आकर्षित करे।
- कैपिटल सपोर्ट: डायरेक्ट सरकारी फंड।
यह 700+ जिलों में लागू होगा, यानी हजारों लड़कियों को फायदा। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसे “एजुकेशन और एम्प्लॉयमेंट क्रिएशन का ब्लूप्रिंट” कहा।
असर? STEM में महिलाओं की रिटेंशन बढ़ेगी, जो इंडिया की 2.5 मिलियन सालाना STEM ग्रेजुएट्स (आधे लड़कियां) को बेहतर यूज करेगी।
बजट 2026 के दूसरे बड़े एजुकेशन ऐलान्स
हॉस्टल्स के अलावा कई और कदम:
- 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स
मेजर इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स कॉरिडॉर्स के पास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स। इनमें मल्टीपल कॉलेज, रिसर्च इंस्टीट्यूट्स, स्किल सेंटर्स और रेसिडेंशियल कॉम्प्लेक्स। स्टेट्स को चैलेंज रूट से सपोर्ट।
ये इंडस्ट्री के करीब एजुकेशन हब बनाएंगे, जो जॉब्स और स्किल ट्रेनिंग को डायरेक्ट लिंक करेंगे।
- फार्मा एजुकेशन बूस्ट
3 नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPER), 7 मौजूदा को अपग्रेड। - आयुर्वेद और डिज़ाइन इंस्टीट्यूट्स
7 नए आयुर्वेद इंस्टीट्यूट्स, ईस्टर्न रीजन में एक नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन। - क्लिनिकल ट्रायल्स नेटवर्क
1000 एक्रेडिटेड इंडिया क्लिनिकल ट्रायल्स का नेटवर्क।
ये सभी हेल्थ, ट्रेडिशनल मेडिसिन और इनोवेशन को बूस्ट करेंगे।
एजुकेशन बजट का ट्रेंड: आंकड़े क्या कहते हैं?
2026 बजट में एजुकेशन मिनिस्ट्री को Rs 1,39,285.95 करोड़ – पिछले साल से 8.27% बढ़ोतरी।
- 2023: Rs 1.12 लाख करोड़
- 2024: Rs 1.28 लाख करोड़ (6.65% बढ़ोतरी)
- 2025: Rs 1.39 लाख करोड़
- स्कूल एजुकेशन: Rs 83,561 करोड़
- हायर एजुकेशन: Rs 55,724 करोड़ (तेज़ बढ़ोतरी)
इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 के आंकड़े चिंताजनक:
- स्कूल सिस्टम में 25 करोड़ स्टूडेंट्स, 14.7 लाख स्कूल्स, 1 करोड़ टीचर्स।
- GER: क्लास 1-5: 90.9%, 6-8: 90.3%, 9-10: 78.7%, 11-12: 58.4%।
- हायर एजुकेशन GER: 27.1% (2019-20) से 29.5% (2022-23)।
सर्वे कहता है – सेकेंडरी लेवल पर ड्रॉपआउट हाई, ग्रामीण इलाकों में सिर्फ 17.1% स्कूल्स सेकेंडरी एजुकेशन देते। 2030 तक 100% स्कूल GER, 2035 तक 50% हायर GER टारगेट।
STEM लड़कियों के लिए चुनौतियाँ: आंकड़े और हक़ीक़त
भारत में STEM ग्रेजुएट्स में लड़कियों का शेयर 42.6% – ब्रिटेन (31%), जर्मनी (27.7%), फ्रांस (32%) से ज़्यादा।
लेकिन:
- ग्रेजुएशन के बाद जॉब में ट्रांज़िशन कम।
- लीडरशिप में गिरावट: हर साल 2-3% अट्रिशन, C-suite में सिर्फ 14%।
- कारण: बायस, वर्क-लाइफ बैलेंस, मेंटरशिप की कमी।
हॉस्टल्स इन प्रॉब्लम्स को हल करेंगे – सेफ स्टे, लंबे आवर्स के लिए सुविधा।
इंप्लीमेंटेशन कैसे होगा? चैलेंजेस क्या?
- VGF: PPP मॉडल से, प्राइवेट इन्वेस्टर्स आकर्षित।
- स्टेट्स के साथ कोऑर्डिनेशन।
- क्वालिटी चेक: सेफ्टी, फैसिलिटीज़।
चैलेंजेस: फंडिंग टाइमली रिलीज़, मॉनिटरिंग, ग्रामीण जिलों में लैंड/इंफ्रा। लेकिन NEP 2020 के साथ मैच करता।
इन ऐलान्स का लॉन्ग टर्म असर
- महिलाओं को STEM में रखना: GDP बूस्ट, इनोवेशन।
- यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स: इंडस्ट्री–एजुकेशन लिंक, जॉब्स।
- NIPER, आयुर्वेद: हेल्थ सेक्टर ग्रोथ।
पिछले बजट्स के वादे: 75,000 मेडिकल सीट्स, IIT अपग्रेड – अब ट्रैक पर।
क्या ये बजट एजुकेशन को नई ऊँचाई देगा? स्टूडेंट्स, टीचर्स और पेरेंट्स की नज़रें इंप्लीमेंटेशन पर।
FAQs
प्रश्न 1: बजट 2026 में गर्ल्स STEM हॉस्टल्स का प्लान क्या है?
उत्तर: हर जिले में कम से कम एक गर्ल्स हॉस्टल STEM स्टूडेंट्स के लिए। VGF और कैपिटल सपोर्ट से, ताकि लंबे स्टडी–लैब आवर्स की दिक्कतें दूर हों।
प्रश्न 2: एजुकेशन बजट 2026 में कितना आवंटन हुआ?
उत्तर: Rs 1,39,285.95 करोड़ – 8.27% बढ़ोतरी। स्कूल: Rs 83,561 Cr, हायर: Rs 55,724 Cr।
प्रश्न 3: STEM में भारत की लड़कियों की स्थिति क्या है?
उत्तर: 42.6% STEM ग्रेजुएट्स लड़कियां (ग्लोबल 35% से ज़्यादा), लेकिन रिटेंशन कम – C-suite में 14%।
प्रश्न 4: बजट में यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स क्या हैं?
उत्तर: 5 टाउनशिप्स इंडस्ट्रियल कॉरिडॉर्स के पास। कॉलेज, रिसर्च, स्किल सेंटर्स, हाउसिंग। स्टेट्स को चैलेंज रूट सपोर्ट।
प्रश्न 5: इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में एजुकेशन के आंकड़े क्या कहते हैं?
उत्तर: हायर GER 29.5%, सेकेंडरी 58.4%। ग्रामीण में 17.1% स्कूल्स ही सेकेंडरी एजुकेशन देते। 2030 तक 100% स्कूल GER टारगेट।
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