भारत-US ट्रेड डील पर कांग्रेस-AAP ने केंद्र पर हमला बोला – अमेरिकी किसानों को फायदा, भारतीय किसानों को नुकसान। टैरिफ ज़ीरो पर US प्रोडक्ट्स, $500 अरब खरीदारी, ब्रूक रोलिंस बयान, संसद हंगामा। डील डिटेल्स, किसानों पर असर, गवर्नमेंट रिएक्शन का पूरा विश्लेषण।
ट्रंप ने किसानों को बेच दिया? US एग्री सेक्रेटरी के बयान से खुला भारत-US डील का राज़!
भारत-अमेरिका ट्रेड डील: कांग्रेस-AAP बोले ‘किसानों पर सीधा हमला’, क्या है सच्चाई?
ट्रंप और मोदी के बीच फोन कॉल के बाद आई भारत-US ट्रेड डील ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया। अमेरिकी कृषि मंत्री ब्रूक रोलिंस ने कहा – “अमेरिकी किसानों के प्रोडक्ट्स अब भारतीय बाज़ार में बिकेंगे, इससे ग्रामीण अमेरिका में पैसे आएंगे। भारत US किसानों के लिए बेहद अहम मार्केट है।” कांग्रेस ने इसे “भारतीय किसानों पर सीधा हमला” बताया। AAP ने पूछा – क्या PM भारतीय हितों के लिए काम कर रहे या किसी और के?
2 फरवरी को ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ऐलान किया – US भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ 25% से घटाकर 18% करेगा। बदले में भारत ने US प्रोडक्ट्स पर टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर्स को ज़ीरो करने का वादा किया। साथ ही $500 अरब की US एनर्जी, टेक्नोलॉजी, एग्री, कोल आदि खरीदारी।
लोकसभा में हंगामा, विपक्ष ने वॉकआउट किया। आइए डील की डिटेल्स, किसानों पर असर, विपक्ष के आरोप और गवर्नमेंट का पक्ष स्टेप बाय स्टेप समझें।
डील की मुख्य बातें: क्या–क्या हुआ?
ट्रंप-मोदी फोन कॉल के बाद डील फाइनल। मुख्य पॉइंट्स:
- US भारत के सामान पर टैरिफ 25% से 18% घटाया। (मोदी ने इसे “मेड इन इंडिया के लिए अच्छी खबर” कहा।)
- भारत ने US प्रोडक्ट्स पर टैरिफ/नॉन-टैरिफ बैरियर्स ज़ीरो।
- भारत $500 अरब US सामान खरीड़ेगा – एनर्जी, एग्री, कोल, टेक।
- रूस ऑयल खरीद बंद, वेनेज़ुएला से भी कम।
रोलिंस ने कहा – डील से US का भारत के साथ $1.3 अरब एग्री ट्रेड डेफिसिट कम होगा। ट्रंप ने “डिलीवरिंग फॉर अमेरिकन फार्मर्स” कहा।
कांग्रेस का हमला: “मोदी ने किसानों को बेच दिया”
कांग्रेस ने X पर रोलिंस के बयान को कोट करते हुए कहा – ये भारत के लिए चिंताजनक। मोदी सरकार ने भारतीय किसानों की अनदेखी की। अमेरिकी प्रोडक्ट्स सस्ते आकर लोकल किसानों को मारेंगे। “PM ने किसानों के हित व्यापार कर दिए।”
AAP ने कहा – अमेरिकी किसानों को प्राथमिकता दी। ट्रंप के आगे सरेंडर। कॉटन जैसे इंपोर्ट पर टैक्स कम करना पहले से ही किसानों को नुकसान पहुँचा रहा।
संसद में हंगामा – लोकसभा में सदन शुरू होते ही विरोध। चेयर ने कई बार बीच-बचाव किया।
किसानों पर असर: क्या सचमुच खतरा?
विपक्ष का मुख्य तर्क – एग्री प्रोडक्ट्स (कॉर्न, सोया, डेयरी, GM क्रॉप्स) पर टैरिफ कट से US इंपोर्ट बढ़ेगा। भारतीय किसान सस्ते US प्रोडक्ट्स से कॉम्पिट नहीं कर पाएंगे।
भारत में एग्री टैरिफ हाई (39% एवरेज) था, US में 5%। अब ज़ीरो पर US माल आएगा। 2024 में US का भारत से $1.3 bn डेफिसिट – डील से बैलेंस होगा।
फायदे के पक्ष में:
- भारत को US मार्केट में 18% टैरिफ से एक्सपोर्ट बढ़ेगा।
- एनर्जी, टेक खरीदारी से इकोनॉमी बूस्ट।
- लॉन्ग टर्म में कॉम्पिटिटिविटी बढ़ेगी।
गवर्नमेंट का पक्ष: “मल्टीपल ऑप्शन्स”
सोर्सेज़ बोले – भारत ने टू-प्रॉन्ग्ड स्ट्रेटेजी अपनाई। FTAs से डाइवर्सिफाई, US पर डिपेंडेंसी कम। न्यू मार्केट्स एक्सेस।
मोदी ने कहा – किसानों, पशुपालकों, मछुआरों के हित कभी कम्प्रोमाइज़ नहीं। लेकिन फाइन प्रिंट में एग्री प्रोटेक्शन का ज़िक्र कम।
पिछले ट्रेड वार्स: ट्रंप का इतिहास
ट्रंप ने 2018-20 में भारत को “टैरिफ किंग” कहा। 50% टैरिफ लगाए। अब डील से बैलेंस। लेकिन किसानों को MSP, सब्सिडी से बचाना होगा।
राजनीतिक एंगल: विपक्ष को मौका
कांग्रेस-AAP किसान आंदोलन याद दिला रहे। 2024 चुनावों में किसान वोट्स अहम। ये डील विपक्ष के लिए नैरेटिव बनाने का मौका। BJP कहती – लॉन्ग टर्म गेन।
क्या किसान सुरक्षित हैं?
डील में GM सोया/कॉर्न पर अभी क्लैरिटी नहीं। लेकिन टैरिफ कट से कॉम्पिटिशन बढ़ेगा। किसानों को प्रोडक्टिविटी, वैल्यू चेन पर फोकस।
भविष्य: डील लागू होने पर असर दिखेगा। फिलहाल राजनीतिक बहस।
5 FAQs
प्रश्न 1: भारत-US ट्रेड डील में क्या मुख्य प्रावधान?
उत्तर: US भारत पर टैरिफ 25% से 18% घटाया। भारत ने US सामान पर टैरिफ/बैरियर्स ज़ीरो। $500 अरब US एनर्जी/एग्री खरीद।
प्रश्न 2: US एग्री सेक्रेटरी ने क्या कहा?
उत्तर: ब्रूक रोलिंस बोलीं – US फार्म प्रोडक्ट्स भारत आएंगे, ग्रामीण अमेरिका को फायदा। $1.3 bn डेफिसिट कम होगा।
प्रश्न 3: कांग्रेस-AAP का विरोध क्यों?
उत्तर: अमेरिकी प्रोडक्ट्स सस्ते आकर भारतीय किसानों को नुकसान। “किसानों पर हमला।” संसद में हंगामा।
प्रश्न 4: गवर्नमेंट का पक्ष क्या?
उत्तर: भारत को US मार्केट एक्सेस, मल्टीपल FTAs से डाइवर्सिफाई। किसानों के हित सुरक्षित।
प्रश्न 5: किसानों पर असर क्या होगा?
उत्तर: टैरिफ कट से US कॉर्न/सोया कॉम्पिटिशन। लेकिन लॉन्ग टर्म एक्सपोर्ट बूस्ट। GM क्रॉप्स पर क्लैरिटी बाकी।
Leave a comment