Home देश अनुराग ठाकुर को SC से बड़ी राहत: 9 साल पुरानी पाबंदी हटी, अब BCCI में वापसी?
देश

अनुराग ठाकुर को SC से बड़ी राहत: 9 साल पुरानी पाबंदी हटी, अब BCCI में वापसी?

Share
Anurag Thakur BCCI ban lifted
Share

सुप्रीम कोर्ट ने 5 फरवरी 2026 को अनुराग ठाकुर पर 2017 की पाबंदी हटा दी। BCCI मामलों में हिस्सा ले सकेंगे। Lodha कमिटी, कंट्रोवर्सी, माफी, प्रोपोर्शनलिटी डॉक्ट्रिन का पूरा केस हिस्ट्री, असर IPL–BCCI पर। 

Lodha सिफारिशों पर झगड़े का अंत: SC ने ठाकुर को BCCI में साफ़ चिट दी

अनुराग ठाकुर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत: 9 साल बाद BCCI में वापसी का रास्ता साफ

क्रिकेट के शौकीनों के लिए एक पुराना चैप्टर बंद हो गया। पूर्व BCCI अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को सुप्रीम कोर्ट ने 5 फरवरी 2026 को बड़ी राहत दी। 2017 के अपने फैसले को मॉडिफाई करते हुए कोर्ट ने ठाकुर पर लगी पाबंदी हटा ली। अब वो BCCI के नियमों के मुताबिक बोर्ड के मामलों में हिस्सा ले सकेंगे।

CJI सुर्या कांत और जस्टिस जॉयमलया बागची की बेंच ने प्रोपोर्शनलिटी डॉक्ट्रिन अप्लाई की। कहा – “हमारा इरादा लाइफटाइम बैन लगाने का नहीं था। ठाकुर ने अनकंडीशनल माफी मांगी, 9 साल हो चुके, अब हार्डशिप नहीं होनी चाहिए।”

ये फैसला ठाकुर की अर्जी पर आया, जिसमें 2017 के पैरा 25(ii) को हटाने की मांग थी। अब ठाकुर BCCI इलेक्शन, मीटिंग्स या एडमिन में हिस्सा ले सकेंगे। लेकिन क्या वो फिर अध्यक्ष बनेंगे? आइए पूरा बैकग्राउंड समझें।

2017 का विवाद: ठाकुर पर बैन क्यों लगा?

सब कुछ शुरू हुआ Lodha कमिटी से। 2015 में SC ने क्रिकेट एडमिन सुधार के लिए रिटायर्ड CJI आरएम लोढ़ा की कमिटी बनाई। सिफारिशें – कूलिंग ऑफ पीरियड, एज लिमिट 70, स्टेट एसोसिएशन रिफॉर्म्स।

BCCI ने विरोध किया। ठाकुर तब BCCI चीफ थे। उन्होंने ICC चेयरमैन शशांक मनोहर को लेटर लिखा – “Lodha सिफारिशें लागू न करें, BCCI ऑटोनॉमी खतरे में।” लेकिन अफिडेविट में झूठ बोला कि ऐसा लेटर नहीं लिखा। SC को पता चला – कंटेंप्ट और पर्जरी प्रोसीडिंग्स शुरू।

2 जनवरी 2017 को SC ने ऑर्डर – ठाकुर BCCI फंक्शनिंग से दूर रहें। 14 जुलाई 2017 को कंटेंप्ट ड्रॉप किया माफी पर, लेकिन पैरा 25(ii) बरकरार रहा।

Lodha का असर: BCCI में बड़े बदलाव

Lodha से:

  • सौरव गांगुली (2019-22), रणदीप सिंह सुरजेवाला (इंटरिम), जय शाह (2022 से चेयरमैन)।
  • IPL, घरेलू क्रिकेट रिफॉर्म्स।
  • स्टेट यूनिट्स में चेंज।

ठाकुर हिमाचल क्रिकेट एसोसिएशन के चीफ रहे, लेकिन BCCI से दूर।

2026 का केस: प्रोपोर्शनलिटी डॉक्ट्रिन क्या?

ठाकुर ने अर्जी दी – 9 साल हो गए, माफी स्वीकार हो चुकी। कोर्ट ने सहमति। प्रोपोर्शनलिटी मतलब – सजा अपराध के अनुपात में हो। लाइफटाइम बैन नहीं।

SC ने पैरा 25(ii) मॉडिफाई: “ठाकुर BCCI नियमों के अनुसार हिस्सा ले सकते।”

अनुराग ठाकुर का क्रिकेट सफर

  • हिमाचल क्रिकेट एसोसिएशन अध्यक्ष (2000 से)।
  • BCCI चीफ 2015-16।
  • IPL टीमों, DDCA में रोल।
  • अब केंद्रीय मंत्री (यूथ अफेयर्स, स्पोर्ट्स)।

अब BCCI में वापसी का मतलब?

  • हिमाचल के ज़रिए वोटिंग, मीटिंग्स।
  • लेकिन चेयरमैन जय शाह (अमित शाह के बेटे) के साथ डायनामिक्स।
  • IPL, वर्ल्ड कप बिड्स पर असर? संभवतः एडवाइज़री रोल।

राजनीतिक कोण: BJP को फायदा?

ठाकुर BJP सांसद हमीरपुर से। ये फैसला पार्टी को क्रिकेट फैनबेस में प्लस पॉइंट। लेकिन BCCI न्यूट्रल रहने की कोशिश।

Lodha कमिटी का लिगेसी

Lodha ने BCCI को ट्रांसपेरेंट बनाया। लेकिन ठाकुर जैसे दिग्गजों को बाहर रखा। अब बैलेंस।

भविष्य: क्या ठाकुर फिर चेयरमैन?

संभवतः नहीं तुरंत। जय शाह 2028 तक। लेकिन इन्फ्लुएंस बढ़ेगा।

5 FAQs

प्रश्न 1: SC ने अनुराग ठाकुर को क्या राहत दी?
उत्तर: 2017 के ऑर्डर को मॉडिफाई। अब BCCI मामलों में हिस्सा ले सकेंगे।

प्रश्न 2: 2017 में बैन क्यों लगा?
उत्तर: Lodha सिफारिशों पर ICC को लेटर का झूठा अफिडेविट। कंटेंप्ट।

प्रश्न 3: प्रोपोर्शनलिटी डॉक्ट्रिन क्या?
उत्तर: सजा अपराध के अनुपात में। लाइफटाइम बैन नहीं। 9 साल काफी।

प्रश्न 4: ठाकुर ने क्या किया माफी के बाद?
उत्तर: 2017 में अनकंडीशनल माफी। कंटेंप्ट ड्रॉप, लेकिन बैन बरकरार।

प्रश्न 5: BCCI में वापसी का असर?
उत्तर: हिमाचल के ज़रिए रोल। चेयरमैन बनना मुश्किल, लेकिन इन्फ्लुएंस बढ़ेगा।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

बिहार चुनाव में 10 हज़ार की लॉटरी वोट खरीदने का हथियार? प्रशांत किशोर का SC में बड़ा हमला

प्रशांत किशोर की जन सुराज ने SC में बिहार 2025 चुनाव चैलेंज...