महाराष्ट्र नांदेड़ के केरूर गांव में पिता ने 6 साल की बेटी प्राची को सरपंच चुनाव लड़ने के लिए मार डाला। टू चाइल्ड रूल पूरा करने निज़ामसागर नहर में धकेला। सर्पंच संग षड्यंत्र, पुलिस जांच, ग्रामीण सदमा। पॉपुलेशन पॉलिसी का काला चेहरा।
सरपंच बनने के लालच में बेटी की हत्या? महाराष्ट्र पिता का खौफनाक कांड क्यों झकझोर रहा
महाराष्ट्र का दिल दहला देने वाला कांड: सरपंच बनने बेटी की हत्या
महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के केरूर गांव में एक ऐसा क्रूर कांड हुआ है जिसने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। 28 साल का पंडुरंग कोण्डमंगल ने अपनी 6 साल की बेटी प्राची को कथित तौर पर मार डाला सिर्फ इसलिए क्योंकि वो आगामी पंचायत चुनाव में सरपंच का चुनाव लड़ना चाहता था। महाराष्ट्र पंचायत राज एक्ट के तहत दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्ति ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनाव नहीं लड़ सकते। पंडुरंग के तीन बच्चे थे – 3 साल का बेटा और जुड़वां बेटियाँ। जून 2026 में निर्धारित चुनावों से पहले उसने एक बेटी को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और मौजूदा सरपंच गणेश शिंदे को भी सह–षड्यंत्रकारी बनाया। ये घटना 2 फरवरी 2026 के आसपास घटी जब पिता ने बेटी को मोटरसाइकिल पर तेलंगाना बॉर्डर के निज़ामसागर नहर ले जाकर धकेल दिया।
केरूर गांव का परिवार जो सबको लगता था खुशहाल
केरूर गांव नांदेड़ जिले में महाराष्ट्र–तेलंगाना बॉर्डर पर बसा छोटा सा गांव है जहाँ ज़्यादातर लोग खेती और छोटे धंधों से गुज़र–बसर करते हैं। पंडुरंग कोण्डमंगल यहाँ वीराट सलून नाम का छोटा सा नाई की दुकान चलाता था और गाँव वाले उसे एक साधारण परिवार वाला आदमी मानते थे। उसके परिवार में पत्नी दो जुड़वां बेटियाँ प्राची और एक छोटी बहन और 3 साल का बेटा था। बाहर से सब कुछ सामान्य लगता था लेकिन अंदर ही अंदर पंडुरंग के मन में सरपंच बनने का जुनून सवार हो गया था। मौजूदा सरपंच गणेश शिंदे से उसकी दोस्ती थी और दोनों ने मिलकर इस क्रूर प्लान को अंजाम दिया। पुलिस कमिश्नर सौ चैतन्य ने बताया कि पंडुरंग ने शिंदे से सलाह ली और दोनों ने बच्ची को गोद देने या छोड़ने का विचार त्याग दिया क्योंकि रिकॉर्ड में नाम रह जाता। आखिरकार हत्या का प्लान बना। पूरा मामला तब खुला जब नहर से शव बरामद हुआ और फोटो वायरल हो गई।
टू चाइल्ड नियम: चुनावी महत्वाकांक्षा का काला चेहरा
महाराष्ट्र पंचायत राज एक्ट 1994 के तहत ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार के दो से अधिक जीवित बच्चे नहीं होने चाहिए। ये नियम पॉपुलेशन कंट्रोल के लिए 2001 में सख्त किया गया था। पंडुरंग को तीन बच्चे होने से अयोग्य माना जाता। चुनाव जून 2026 में होने हैं इसलिए उसने जल्दबाज़ी में कदम उठाया। पुलिस के अनुसार पहले बच्ची को गोद देने का सोचा लेकिन जन्म प्रमाणपत्र में नाम रह जाता। फिर कहीं छोड़ने का प्लान लेकिन बच्ची लौट आई तो परेशानी। आखिर नहर में धकेलने का फैसला। ये घटना दिखाती है कि कैसे सरकारी नियम अच्छे इरादे से बने होते हैं लेकिन कुछ लोग इन्हें तोड़ने के लिए क्रूर रास्ते अपनाते हैं। कई राज्य जैसे राजस्थान मध्य प्रदेश में भी यही नियम है लेकिन ऐसी वारदातें कम ही सामने आतीं। इस कांड ने पूरे देश में बहस छेड़ दी कि क्या ये नियम सही हैं या बदलाव की ज़रूरत।
हत्या का प्लान और अंजाम: बॉर्डर पार मोटरसाइकिल यात्रा
2 फरवरी को पंडुरंग ने प्राची को मोटरसाइकिल पर घुमाने का बहाना बनाया। गाँव वालों को लगा सामान्य बात है क्योंकि बॉर्डर पार निज़ामाबाद जाना आम है। वह तेलंगाना के निज़ामसागर नहर पहुँचा जो खेतों से घिरी जगह है। वहाँ उसने बच्ची को पानी में धकेल दिया और भाग गया। किसान भाइयों ने छपाक की आवाज़ सुनी और शव देखा। लोकल पुलिस ने तुरंत शव बरामद किया। चूंकि शव जल्दी मिला इसलिए चेहरा साफ था। पुलिस ने फोटो सोशल मीडिया व्हाट्सएप अखबारों में शेयर की। केरूर के किसी ने पहचाना और सूचना दी। तेलंगाना पुलिस ने तीन टीमें बनाईं। महाराष्ट्र जाकर पूछताछ की। पंडुरंग ने पहले बहाना बनाया कि बच्ची दूर हॉस्पिटल में है। दबाव में कबूल लिया कि उसने मार डाला। पुलिस ने मर्डर और क्रिमिनल कांस्पिरेसी के तहत केस दर्ज किया।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी: साजिश कैसे खुली
निज़ामाबाद पुलिस कमिश्नर सौ चैतन्य ने बताया कि शव 10 मिनट में मिला लेकिन बच्ची तैर नहीं सकती थी इसलिए बच न सकी। तेलंगाना पुलिस ने बॉर्डर पार जाकर केरूर पहुँची। पंडुरंग के घर जाकर पूछताछ शुरू की। पहले उसने झूठ बोला लेकिन सबूतों के सामने टूट गया। सरपंच गणेश शिंदे की भूमिका भी सामने आई। दोनों दोस्त थे और सलाह–मशविरा हुआ था। शिंदे को भी आरोपी बनाया गया। महाराष्ट्र पुलिस ने पंडुरंग को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सारे प्लान की परतें खुलीं। पत्नी को बाद में पता चला। गाँव में सदमा है। पुलिस ने कहा कि और लोग शामिल तो नहीं ये जांच रहे। ये केस दोनों राज्यों में चर्चा में है।
टू चाइल्ड नियम पर बहस: कितना प्रभावी कितना खतरनाक
भारत में कई राज्य पॉपुलेशन कंट्रोल के लिए दो बच्चे नियम लगाते हैं। महाराष्ट्र राजस्थान गुजरात हरियाणा मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव पर लागू। उद्देश्य परिवार नियोजन लेकिन आलोचना भी है। कुछ कहते हैं ये भेदभावपूर्ण क्योंकि लड़कियों पर ज़्यादा दबाव। कुछ मामलों में अवैध गर्भपात या बच्चों को छोड़ना भी सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने 2003 में कहा था कि ये वैकल्पिक होना चाहिए। लेकिन राज्य इसे जारी रखे। इस कांड ने सवाल उठाए कि क्या ये नियम उल्टा क्राइम को जन्म दे रहे। विशेषज्ञ कहते हैं शिक्षा जागरूकता बेहतर तरीका। सरकार को नियम पर पुनर्विचार करना चाहिए। ग्रामीण भारत में ये नियम चुनावी टूल भी बन गया।
परिवार नियोजन का सही रास्ता: शिक्षा जागरूकता ज़रूरी
दो बच्चे नीति अच्छे इरादे से है लेकिन अमल में दिक्कतें। ग्रामीण इलाकों में लड़कियों को नुकसान ज़्यादा। सरकार को काउंसलिंग कैंप बढ़ाने चाहिए। एनजीओ परिवार नियोजन पर काम कर रहे। इस कांड से सीख – महत्वाकांक्षा क्राइम को जन्म न दे। गाँव वाले कहते हैं पंडुरंग सामान्य लगता था लेकिन अंदर काला मन। पत्नी बच्चों का क्या होगा ये सोचना ज़रूरी।
गाँव और समाज पर असर: भरोसा टूटा
केरूर में सदमा है। गाँव वाले अविश्वास में। प्राची की बहन बेटा माँ अकेले। सरपंच शिंदे की छवि खराब। चुनावी माहौल में ये कांड चर्चा बनेगा। महिलाओं सुरक्षा बच्चों अधिकार पर बहस तेज़। पुलिस ने सिक्योरिटी बढ़ाई। ये केस सजा का उदाहरण बनेगा। समाज को सोचना चाहिए महत्वाकांक्षा की हद।
5 FAQs
प्रश्न 1: महाराष्ट्र पिता ने बेटी क्यों मारी?
उत्तर: पंडुरंग कोण्डमंगल सरपंच चुनाव लड़ना चाहता था। टू चाइल्ड नियम से अयोग्य। तीन बच्चे थे इसलिए एक बेटी प्राची को मार डाला। जून 2026 चुनाव से पहले प्लान।
प्रश्न 2: हत्या कैसे की गई?
उत्तर: पिता ने घुमाने बहाना बनाकर मोटरसाइकिल पर तेलंगाना निज़ामसागर नहर ले गया। वहाँ धकेल दिया। किसानों ने शव देखा पुलिस ने बरामद किया। फोटो वायरल से पहचान हुई।
प्रश्न 3: सरपंच की क्या भूमिका?
उत्तर: मौजूदा सरपंच गणेश शिंदे पंडुरंग का दोस्त। सलाह दी। गोद देना छोड़ना प्लान रिजेक्ट। हत्या की साजिश में शामिल। पुलिस ने सह–आरोपी बनाया।
प्रश्न 4: टू चाइल्ड नियम क्या है?
उत्तर: महाराष्ट्र पंचायत राज एक्ट में दो से अधिक बच्चे वाले सरपंच आदि चुनाव नहीं लड़ सकते। पॉपुलेशन कंट्रोल के लिए। कई राज्य लागू। लेकिन आलोचना भी।
प्रश्न 5: पुलिस ने क्या एक्शन लिया?
उत्तर: तेलंगाना पुलिस ने जांच की महाराष्ट्र जाकर गिरफ्तार। मर्डर कांस्पिरेसी केस। पूछताछ जारी। गाँव में सदमा।
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