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पटना में वैलेंटाइन पर धमकी: बाबू-सोना मिले तो कोना-कोना तोड़ देंगे?

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Patna Valentine's posters, Hindu Shivbhawani Sena threat
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वैलेंटाइन डे से पहले पटना में हिंदू शिवभवानी सेना के पोस्टर लगे – ‘जहाँ मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना’। लव जिहाद, अश्लीलता का विरोध, पुलवामा शहीदों को श्रद्धांजलि का आह्वान।

पुलवामा शहीदों का दिन वैलेंटाइन? पटना में विरोध पोस्टरों का राज़

पटना की सड़कों पर वैलेंटाइन को लेकर धमकी भरे पोस्टर क्यों लगे?

वैलेंटाइन डे यानी 14 फरवरी नजदीक आते ही पटना में हलचल मच गई। शहर की कई सड़कों, दीवारों और सार्वजनिक जगहों पर पोस्टर चस्पा हो गए। इनमें लिखा था – ‘जहाँ मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना’। हिंदू शिवभवानी सेना नाम के संगठन ने इन्हें लगवाया। उनका कहना है कि ये पश्चिमी पर्व भारतीय संस्कृति के खिलाफ है। प्रेमी जोड़ों को चेतावनी दी गई कि पार्क, रेस्तरां या सड़क पर घूमे तो लाठियाँ चलेंगी। संगठन के कार्यकर्ता पूरे दिन नजर रखेंगे। सोशल मीडिया पर ये पोस्टर वायरल हो चुके हैं।

ये पोस्टर सिर्फ पटना तक सीमित नहीं। मध्य प्रदेश में भी ऐसे ही मैसेज वाले पोस्टर दिखाई दिए। हर साल वैलेंटाइन के आसपास कुछ संगठन विरोध जताते हैं। लेकिन इस बार का नारा काफी आक्रामक लग रहा। लोग डर रहे हैं कि कहीं हिंसा न हो जाए। पुलिस ने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। लेकिन स्थानीय लोग कह रहे हैं कि ये नैतिक पुलिसिंग का पुराना खेल है। वैलेंटाइन को लेकर देश के कई हिस्सों में ऐसी बहस होती रहती है।

हिंदू शिवभवानी सेना का दावा: वैलेंटाइन लव जिहाद बढ़ावा देता है

संगठन का कहना है कि चॉकलेट डे से शुरू होकर 14 फरवरी तक चलने वाला ये सिलसिला अश्लीलता फैलाता है। वो इसे नग्नता, धर्मांतरण और लव जिहाद से जोड़ते हैं। उनका मानना है कि प्रेमी जोड़ों के नाम पर कुछ लोग गलत काम करते हैं। पटना जैसे शहर में अगर ऐसा हुआ तो सदस्य लाठियों-डंडों से सबक सिखाएंगे। पोस्टरों में साफ लिखा कि भारतीय संस्कृति में ऐसी चीजों की कोई जगह नहीं। संगठन दावा कर रहा कि वो सिर्फ संस्कृति की रक्षा कर रहे। लेकिन कई लोग इसे नफरत फैलाने का तरीका बता रहे। वैलेंटाइन को प्यार का प्रतीक मानने वाले युवा इससे नाराज हैं।

पोस्टरों में पुलवामा हमले का भी जिक्र किया गया। 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में आतंकी हमला हुआ था। 40 जवान शहीद हो गए थे। संगठन कहता है कि इस दिन शहीदों को याद करो, न कि पश्चिमी पर्व मनाओ। लोगों से अपील की गई कि सैनिकों को श्रद्धांजलि दो। ये भावना देशभक्ति से जुड़ी लगती है। लेकिन विरोधियों का कहना है कि प्यार और देशभक्ति को आपस में न जोड़ो। पुलवामा को याद करना तो हर दिन करो। वैलेंटाइन पर हमला क्यों? ये बहस सोशल मीडिया पर जोरों पर है। कई मीम्स और वीडियो बन रहे।

राजनीतिक बवाल: RJD ने की कड़ी निंदा

पोस्टरों पर सबसे तेज प्रतिक्रिया RJD ने दी। प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि BJP और उसके सहयोगी संगठन नफरत की भाषा बोलते हैं। वो प्यार को नष्ट करने की साजिश रच रहे। ऐसे संगठन समाज में झगड़ा फैलाते हैं। वो तोड़ना जानते हैं, जोड़ना नहीं। RJD का ये बयान वायरल हो गया। BJP ने अभी चुप्पी साधी है। लेकिन स्थानीय नेता इसे संस्कृति रक्षा बता सकते हैं। बिहार में चुनावी माहौल हमेशा गर्म रहता। वैलेंटाइन जैसे मुद्दे राजनीति का हथियार बन जाते। विपक्ष इसे हिंदुत्व का हथकंडा कह रहा। सत्ताधारी दल शायद समर्थन करे।

पुलिस क्या करेगी? कानूनी पहलू क्या कहते हैं?

पोस्टरों में खुली धमकी है। IPC की धारा 503 (आपराधिक धमकी) और 153A (समूहों के बीच नफरत फैलाना) लग सकती है। लेकिन पुलिस अक्सर ऐसे मामलों में चुप रहती। अतीत में यूपी, हरियाणा में एंटी-रोमियो स्क्वायड बने। वहाँ भी विवाद हुआ। पटना पुलिस ने कहा कि निगरानी रखी जाएगी। प्रेमी जोड़ों को सलाह दी कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर न जाएं। संगठन को चेतावनी मिल सकती है। लेकिन अगर हिंसा हुई तो FIR दर्ज होगी। युवाओं को सतर्क रहना चाहिए। प्राइवेट जगहों पर मनाएं। कानून दोनों तरफ बराबर है।

वैलेंटाइन डे का भारत में इतिहास और विवाद

वैलेंटाइन डे सबसे पहले 14वीं सदी में यूरोप से आया। सेंट वैलेंटाइन नाम के पादरी की याद में मनाया जाता। भारत में 1990 के बाद पॉपुलर हुआ। चॉकलेट, गिफ्ट्स, डेटिंग का सिलसिला। लेकिन कट्टर संगठन इसे वेस्टर्न कल्चर कह विरोध करते। शिवसेना, बाजरंग दल ने पहले तोड़फोड़ की। 2020 से ऑनलाइन विरोध बढ़ा। युवा इसे प्यार का दिन मानते। परिवार वाले चुप रहते या विरोध करते। सोशल मीडिया ने इसे बड़ा बना दिया। मीम्स, चैलेंजेस चलते। लेकिन छोटे शहरों में खतरा रहता। पटना जैसी जगह पर पोस्टर असर डालते।

मध्य प्रदेश में भी वैसा ही सीन क्यों?

पटना के अलावा MP के कुछ शहरों में भी पोस्टर लगे। वहाँ भी हिंदुत्व संगठनों का दबदबा। इंदौर, भोपाल में खबरें आईं। मैसेज वही – बाबू-सोना से दूर रहो। लव जिहाद का डर। पुलिस वहाँ भी अलर्ट। लेकिन बड़े शहरों में युवा बेफिक्र। वैलेंटाइन कमर्शियल इवेंट बन चुका। मॉल्स, कैफे फुल बुकिंग। ऑनलाइन डिलीवरी रिकॉर्ड तोड़ रही। विरोध के बावजूद बिक्री बढ़ेगी। ये टकराव संस्कृति बनाम आधुनिकता का है। दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क देते।

प्रेमी जोड़ों के लिए टिप्स: सुरक्षित कैसे रहें?

अगर आप वैलेंटाइन मनाना चाहते तो सावधानी बरतें। भीड़ वाली जगहों से बचें। होटल या प्राइवेट स्पॉट चुनें। दोस्तों के साथ घूमें। सोशल मीडिया पर लोकेशन शेयर न करें। अगर धमकी मिले तो पुलिस को बताएं। परिवार को भरोसा दें। प्यार छिपाने से बेहतर है समझदारी से मनाएं। कानून आपकी रक्षा करेगा। संगठनों को भी हिंसा का हक नहीं। शांतिपूर्ण विरोध ठीक लेकिन धमकी गलत। युवा वोट बैंक हैं। राजनीति इन्हें नाराज न करे।

क्या वैलेंटाइन का विकल्प कुछ और हो सकता?

कुछ लोग इसे शहीद दिवस मानते। पुलवामा याद करो। या बसंती पूर्णिमा से जोड़ो। लेकिन प्यार को दबाना मुश्किल। नई पीढ़ी चेंज चाहती। संगठनों को डायलॉग करना चाहिए। स्कूल-कॉलेज में जागरूकता फैलाओ। असली लव जिहाद रोकने के कानून सख्त करो। प्यार को संस्कृति से अलग न जोड़ो। विविधता ही भारत की ताकत। वैलेंटाइन मनाओ या न मनाओ, शांति बनाए रखो। पोस्टर हटवाओ, बहस करो लेकिन हाथ न उठाओ।

वैलेंटाइन पर बॉलीवुड और पॉप कल्चर का रोल

फिल्में जैसे DDLJ, ये जवानी है दीवानी ने वैलेंटाइन को रोमांटिक बना दिया। सलमान, शाहरुख के गाने बजते। चॉकलेट बिक्री करोड़ों में। लेकिन कट्टर ग्रुप्स के लिए ये खतरा। वो कहते हैं संस्कृति खतरे में। युवा जवाब देते हैं समय बदल गया। ऑनलाइन डेटिंग ऐप्स बढ़े। वैलेंटाइन एक्सक्यूज है। विवाद मीडिया को पसंद। TRP मिलती। असल में प्यार निजी मामला। दूसरों को क्यों तंग करो?

FAQs (Hindi)

  1. प्रश्न: पटना में वैलेंटाइन पोस्टरों पर क्या लिखा था?
    उत्तर: ‘जहाँ मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना’। हिंदू शिवभवानी सेना ने प्रेमी जोड़ों को चेतावनी दी कि अश्लीलता पर लाठियाँ चलेंगी।
  2. प्रश्न: संगठन ने वैलेंटाइन को क्यों गलत बताया?
    उत्तर: इसे हिंदू संस्कृति के खिलाफ, लव जिहाद, अश्लीलता और नग्नता बढ़ाने वाला बताया। चॉकलेट डे से 14 फरवरी तक का सिलसिला गलत माना।
  3. प्रश्न: पोस्टरों में पुलवामा का जिक्र क्यों?
    उत्तर: 14 फरवरी 2019 को पुलवामा हमले में 40 जवान शहीद हुए, इसलिए इस दिन शहीदों को श्रद्धांजलि देने का आह्वान किया गया।
  4. प्रश्न: RJD ने पोस्टरों की क्या आलोचना की?
    उत्तर: प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा BJP संगठन नफरत फैलाते हैं, प्यार नष्ट करने की साजिश है, वो तोड़ते हैं बनाते नहीं।
  5. प्रश्न: मध्य प्रदेश में भी ऐसे पोस्टर लगे?
    उत्तर: हाँ, MP के कुछ शहरों में भी वैलेंटाइन विरोधी पोस्टर दिखे, मैसेज लगभग वही था।

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