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क्या बंगाल में बॉम्ब राज चलता है? सीतारामन ने ममता सरकार को क्यों घेरा लोकसभा में?

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Nirmala Sitharaman Bengal bomb culture
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लोकसभा में बजट बहस पर जवाब देते हुए FM निर्मला सीतारामन ने TMC पर हमला बोला – बंगाल बॉम्ब कल्चर से चलता है, महिलाओं को रात में घर न निकलने की सलाह, पेट्रोल महंगा।

पेट्रोल 10 रुपये महंगा क्यों? बंगाल में GST के बहाने बॉम्ब कल्चर का राज़ क्या?

लोकसभा में बजट बहस पर तीखा जवाब

10 फरवरी 2026 को लोकसभा में यूनियन बजट 2026-27 पर बहस का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने पश्चिम बंगाल सरकार पर ज़ोरदार हमला बोला। उन्होंने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के जीएसटी वाले बयान का जवाब देते हुए कहा कि बंगाल में शायद मौत के बाद भी कट मनी की परंपरा हो। सीतारामन ने साफ़ कहा कि बंगाल अब कानून व्यवस्था से नहीं बल्कि बॉम्ब कल्चर से चलता है। ये बयान सुनते ही सदन में हंगामा मच गया और विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कुल मिलाकर ये हमला ममता बनर्जी सरकार की कमियों को उजागर करने वाला था।​

अभिषेक बनर्जी के जीएसटी वाले बयान पर पलटवार

अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि जीएसटी इतना बोझ है कि मौत के बाद अगर अगरबत्ती जलाओ तो भी टैक्स लगता है। इस पर सीतारामन ने कटाक्ष किया कि बंगाल में मौत के बाद कट मनी लेना आम बात हो सकती है। उन्होंने पूछा कि अगर आम आदमी पर बोझ कम करना है तो राज्य में पेट्रोल 10 रुपये क्यों महंगा है। केंद्र ने पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कम किया लेकिन राज्य ने VAT बढ़ाकर बोझ डाला। ये सवाल सीधे ममता सरकार को निशाने पर ले गया। अभिषेक के बयान को सीतारामन ने बंगाल की खराब इकॉनमी का सबूत बताया।

महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर आरोप

सीतारामन ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ममता बनर्जी पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने RG कर मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर केस का ज़िक्र किया जहाँ एक जूनियर डॉक्टर की निर्मम हत्या हुई। ममता ने कहा था कि महिलाएँ रात में बाहर न निकलें वरना खतरा हो सकता है। एक महिला मुख्यमंत्री का ऐसा बयान देने को सीतारामन ने शर्मनाक बताया। राज्य में लगातार रेप और हिंसा के केस आ रहे हैं लेकिन एक्शन कमज़ोर। ये टिप्पणी TMC के लिए करारा जवाब थी।

बॉम्ब कल्चर का मतलब क्या है बंगाल में?

सीतारामन ने कहा कि बंगाल में बॉम्ब का राज चलता है न कि कानून का। पश्चिम बंगाल में क्रूड बॉम्ब ब्लास्ट्स की घटनाएँ आम हो गई हैं। 2025 में पुरबा बर्धमान में एक ब्लास्ट में एक की मौत हुई और कई घायल। टीएमसी नेता ने आरोप लगाया कि ये उनके खिलाफ साजिश थी। SATP डेटा के अनुसार 2007 से अब तक सैकड़ों बॉम्ब रिकवरी हुईं। राजनीतिक हिंसा और गुंडागर्दी राज्य की पहचान बन गई।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर TMC के दावों का खंडन

सीतारामन ने दांकुनी-सूरत फ्रेट कॉरिडोर का ज़िक्र किया। TMC ने कहा कि ये ममता के रेल मंत्री काल का आइडिया है। लेकिन FM ने साफ किया कि ममता ने लुधियाना-कोलकाता कॉरिडोर की घोषणा की थी जो कभी शुरू नहीं हुआ। नया कॉरिडोर ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी बढ़ाएगा और बंगाल को फायदा पहुँचेगा। क्रेडिट लेने की कोशिश को गलत बताया। ये बंगाल के डेवलपमेंट में केंद्र की भूमिका को हाइलाइट करता है।

बजट 2026-27 के मुख्य बिंदु

बजट बहस के जवाब में सीतारामन ने FY27 के लिए इफेक्टिव कैपेक्स को 17.1 लाख करोड़ बताया। ये GDP का 4.4 प्रतिशत है और विकसित भारत का लक्ष्य है। राज्यों को सपोर्ट शामिल है जिसमें बंगाल भी फायदा ले सकता। AI एजुकेशन, एंटरप्रेन्योरशिप, इंफ्रा और इंडस्ट्री पर फोकस। मेगा टेक्सटाइल पार्क्स, स्किलिंग और लॉजिस्टिक्स में स्टेट्स के साथ कोऑपरेशन। TMC के “बंगाल को कुछ नहीं मिला” वाले दावे को खारिज किया।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और हंगामा

सीतारामन के बयान पर TMC ने आपत्ति जताई और सदन वॉकआउट की धमकी दी। ममता सरकार ने इसे राजनीतिक बयानबाज़ी बताया। BJP ने कहा कि ये हकीकत है जो आंकड़े बोलते हैं। राज्यसभा में भी 11 फरवरी को जवाब देना है। ये बहस केंद्र-राज्य संबंधों को उजागर करती है। विपक्ष और सत्ता के बीच तनाव बढ़ा।

बंगाल में कानून व्यवस्था की हकीकत

पश्चिम बंगाल में बॉम्ब ब्लास्ट्स राजनीतिक हिंसा से जुड़े पाए जाते हैं। 2025 में कई घटनाएँ हुईं जहाँ जेल से निकले क्रिमिनल्स ने बॉम्ब बनाए। RG कर केस के बाद डॉक्टर्स की हड़ताल हुई लेकिन सिस्टम सुधार धीमे। अपराध दर ऊँची है और कन्विक्शन रेट कम। आम लोग असुरक्षित महसूस करते हैं। केंद्र की आलोचना राज्य सरकार के लिए चुनौती।​

केंद्र का स्टैंड और आगे की राह

सीतारामन ने साफ कहा कि केंद्र राज्यों के साथ काम करने को तैयार है। लेकिन कानून व्यवस्था राज्य का विषय है। बजट से बंगाल को इंफ्रा मिलेगा अगर सहयोग हो। महिलाओं की सुरक्षा पर नेशनल लेवल पुश ज़रूरी। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर सुधार चाहिए। विकसित भारत में सभी राज्यों की एकजुटता ज़रूरी।

क्या बदलेगा बंगाल का भविष्य?

ये बयानबाज़ी से आगे सोचना होगा। राज्य सरकार को बॉम्ब कल्चर खत्म करने के कदम उठाने चाहिए। पुलिस सुधार, फास्ट ट्रायल और पॉलिटिकल हिंसा पर रोक। केंद्र-राज्य मिलकर इंफ्रा बना सकते हैं। आम बंगाली चाहता है शांति और विकास। सियासत से ऊपर उठें तो रास्ता खुलेगा।

FAQs (Hindi)

  1. प्रश्न: सीतारामन ने बंगाल सरकार पर क्या सबसे बड़ा आरोप लगाया?
    उत्तर: उन्होंने कहा कि बंगाल कानून व्यवस्था से नहीं बल्कि बॉम्ब कल्चर से चलता है और महिलाओं को रात में घर न निकलने की सलाह देना शर्मनाक है।
  2. प्रश्न: अभिषेक बनर्जी के जीएसटी बयान पर क्या जवाब दिया?
    उत्तर: मौत के बाद अगरबत्ती पर जीएसटी का दावा सुनकर कहा कि बंगाल में शायद कट मनी मौत के बाद भी चलती हो।
  3. प्रश्न: पेट्रोल महंगा होने का मुद्दा क्या था?
    उत्तर: राज्य में पेट्रोल 10 रुपये ज़्यादा क्यों, अगर आम आदमी पर बोझ कम करना है तो VAT क्यों बढ़ाया।
  4. प्रश्न: दांकुनी-सूरत कॉरिडोर पर TMC का दावा क्या?
    उत्तर: TMC ने कहा ममता ने घोषित किया था लेकिन FM ने खारिज किया – वो पुराना था, नया ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर है।
  5. प्रश्न: RG कर केस का ज़िक्र क्यों आया?
    उत्तर: ममता के बयान पर – महिलाएँ रात में न निकलें वरना रेप का खतरा; एक महिला CM का ऐसा कहना गलत।

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