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क्या दिल्ली मेट्रो अब इंडिया गेट तक पहुँचेगी? फेज़ V(A) की मंजूरी से ट्रैफिक जाम खत्म?

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Delhi Metro Phase V(A), Rekha Gupta Metro approval
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दिल्ली सरकार ने मेट्रो फेज़ V(A) को मंजूरी दी – 16.1 किमी के 3 कॉरिडोर, 13 स्टेशन, 12,014 करोड़ की लागत। सेंट्रल विस्टा, एयरपोर्ट T1 और साउथ दिल्ली कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

सेंट्रल विस्टा को मेट्रो कनेक्टिविटी क्यों? दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने बताई 12 हज़ार करोड़ की योजना

दिल्ली मेट्रो का नया फेज़ V(A): कैबिनेट ने दी हरी झंडी

दिल्ली सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट मीटिंग में मेट्रो के फेज़ V(A) को मंजूरी मिल गई। ये केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद हुआ। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद इसकी घोषणा की। कुल लागत 12,014.91 करोड़ रुपये है। दिल्ली सरकार 2,940.46 करोड़ रुपये देगी। इससे राजधानी का पब्लिक ट्रांसपोर्ट और मज़बूत बनेगा।

ये प्रोजेक्ट 2028 तक पूरा होगा। इसमें तीन नए कॉरिडोर बनेंगे। कुल लंबाई 16.1 किलोमीटर है। 13 स्टेशन बनेंगे। इनमें 10 अंडरग्राउंड और 3 ऊँचे होंगे। रेखा गुप्ता ने पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा ये उनके 7-C विज़न से मेल खाता है। Common, Connected, Convenient, Congestion-free, Charged, Clean और Cutting-edge। ट्रैफिक कम होगा और हवा साफ़ होगी।

सबसे बड़ा कॉरिडोर: आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ

पहला और सबसे लंबा कॉरिडोर आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक है। इसकी लंबाई 9.91 किलोमीटर है। इसमें 9 स्टेशन बनेंगे। ये सेंट्रल विस्टा इलाके से गुजरेगा। महत्वपूर्ण जगहें जुड़ेंगी जैसे शिवाजी स्टेडियम, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, CCS भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल, बारोडा हाउस, भारत मंडपम। करतव्य भवन भी कनेक्ट होगा। रोज़ 60,000 सरकारी कर्मचारी और 2 लाख यात्री फायदा लेंगे। लागत 9,570.40 करोड़, दिल्ली हिस्सा 2,337.24 करोड़।

ये कॉरिडोर मैजेंटा लाइन को एक्सटेंड करेगा। सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट को मेट्रो एक्सेस मिलेगा। दिल्ली का एडमिनिस्ट्रेटिव हब आसानी से पहुँच जाएगा। ट्रैफिक जाम कम होगा। पर्यटक भी आसानी से इंडिया गेट पहुँच सकेंगे। ये दिल्ली को विश्वस्तरीय शहर बनाने का कदम है। सरकारी दफ्तरों के कर्मचारियों के लिए वरदान साबित होगा।

एयरपोर्ट कनेक्टिविटी: एयरोसिटी से IGI टर्मिनल-1

दूसरा कॉरिडोर एयरपोर्ट एरिया का है। एयरोसिटी से इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 तक 2.26 किलोमीटर लंबा। इसमें सिर्फ़ एक स्टेशन बनेगा। लागत 1,419.64 करोड़ रुपये। दिल्ली सरकार 351.86 करोड़ देगी। ये गोल्डन लाइन को बढ़ाएगा। घरेलू यात्रियों को डायरेक्ट मेट्रो मिलेगा। आसपास ट्रैफिक कम होगा। एयरपोर्ट एरिया में भीड़भाड़ घटेगी। पर्यटकों और लोकल्स दोनों को सुविधा। ये दिल्ली के हवाई अड्डे को मेट्रो से जोड़ेगा।

एयरपोर्ट मेट्रो पहले से पॉपुलर है। लेकिन टर्मिनल-1 का कनेक्शन मिसिंग था। अब पैसेंजर्स चेक-इन से पहले ही मेट्रो से उतर सकेंगे। पार्किंग की समस्या खत्म। ईंधन बचत होगी। प्रदूषण कम होगा। ये दिल्ली को कनेक्टेड सिटी बनाएगा। बिज़नेस ट्रैवलर्स को बड़ा फायदा।

तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज: साउथ दिल्ली का नया लिंक

तीसरा कॉरिडोर तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक। लंबाई 3.9 किलोमीटर। तीन स्टेशन बनेंगे। लागत 1,024.87 करोड़। दिल्ली हिस्सा 251.36 करोड़। ये साउथ और साउथ-ईस्ट दिल्ली को जोड़ेगा। साकेत, कालिंदी कुंज इलाके बेहतर कनेक्टिविटी पाएंगे। मैजेंटा लाइन एक्सटेंशन होगा। लोकल ट्रैवल आसान होगा। रोज़मर्रा के कामों के लिए सुविधा। ट्रैफिक रिडक्शन होगा।

ये इलाके घनी आबादी वाले हैं। मेट्रो न होने से लोग प्राइवेट व्हीकल यूज़ करते। अब वो कम होगा। स्कूल, मार्केट, हॉस्पिटल आसानी से पहुँच जाएंगे। युवा और महिलाओं को सुरक्षित ट्रैवल। दिल्ली का साउथ पार्ट डेवलप होगा। इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा।

कुल लागत और फंडिंग: केंद्र-राज्य का योगदान

पूरे प्रोजेक्ट की कुल लागत 12,014.91 करोड़ है। केंद्र सरकार बड़ा हिस्सा देगी। दिल्ली का 2,940.46 करोड़। ये DMRC के तहत बनेगा। पहले फेज़ जैसे सफल रहा। 2028 तक तैयार। 13 स्टेशन में 10 अंडरग्राउंड। टेक्नोलॉजी कटिंग एज होगी। इंटरचेंज स्टेशन बढ़ेंगे। मैजेंटा लाइन सबसे लंबी बनेगी।

फंडिंग ट्रांसपेरेंट है। दिल्ली बजट से हिस्सा। केंद्र की ग्रीन सिग्नल ज़रूरी थी। अब काम तेज़ी से शुरू। टेंडर प्रोसेस जल्द। लैंड एक्विज़िशन चैलेंज होगा। लेकिन सेंट्रल विस्टा जैसी सेंसिटिव जगह पर सावधानी। ये प्रोजेक्ट दिल्लीवासियों का सपना पूरा करेगा। रोज़गार भी पैदा होगा।

रेखा गुप्ता का विज़न: पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मज़बूत बनाना

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कैबिनेट मीटिंग में ये फैसला लिया। उन्होंने कहा पब्लिक ट्रांसपोर्ट मॉडर्नाइज़ करना ज़रूरी। ट्रैफिक जाम से दिल्ली परेशान। हवा खराब हो रही। मेट्रो से ये सॉल्व होगा। पीएम मोदी के 7-C विज़न को फॉलो कर रही। दिल्ली को वर्ल्ड क्लास बनाना लक्ष्य। ये स्टेप उसी दिशा में। लोगों को सुविधा मिलेगी।

गुप्ता सरकार ने कई ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट्स किए। ये उसका एक्सटेंशन। विपक्ष की आलोचना हो सकती लेकिन ये पब्लिक बेनिफिट। दिल्लीवासी इंतज़ार करेंगे। स्टेशनों के नाम आकर्षक। इंडिया गेट स्टेशन पर्यटकों को लुभाएगा। सरकारी स्टाफ़ खुश।​

दिल्ली मेट्रो का सफर: पुराने फेज़ से तुलना

दिल्ली मेट्रो 2002 से चल रही। फेज़ 1 से 4 तक 400 किमी से ज़्यादा। करोड़ों यात्री रोज़। फेज़ V(A) इसे और बढ़ाएगा। मैजेंटा लाइन सबसे लंबी बनेगी। सबसे ज़्यादा इंटरचेंज। अंडरग्राउंड स्टेशन रिकॉर्ड। ये दिल्ली को NYC, लंदन जैसी मेट्रो सिटी बनाएगा। प्रदूशन कंट्रोल में मदद। ईवी चार्जिंग भी इंटीग्रेट।

पहले फेज़ महंगे पड़े लेकिन अब कॉस्ट कंट्रोल। DMRC का एक्सपीरियंस काम आएगा। लैंड चैलेंज सेंट्रल एरिया में। लेकिन केंद्र सपोर्ट से संभव। ये प्रोजेक्ट इकोनॉमी बूस्ट करेगा। टूरिज़म बढ़ेगा। रियल एस्टेट वैल्यू अप।

लाभार्थी कौन होंगे? रोज़मर्रा का असर

सबसे ज़्यादा फायदा सेंट्रल दिल्ली वालों को। सरकारी कर्मचारी समय बचाएंगे। पर्यटक इंडिया गेट आसानी से। एयरपोर्ट पैसेंजर्स टैक्सी से बचेंगे। साउथ दिल्ली रेसिडेंट्स को नया ऑप्शन। महिलाएँ, स्टूडेंट्स सुरक्षित। ट्रैफिक 20-30% कम अनुमान। पॉल्यूशन कंट्रोल। हेल्थ बेहतर। इकोनॉमी ग्रोथ। ये सब 2028 तक।

लोग उत्साहित। सोशल मीडिया पर चर्चा। CM का ऐलान वायरल। विपक्ष ने वेलकम किया लेकिन फंडिंग पर सवाल। कुल मिलाकर पॉजिटिव। दिल्ली बदल रही। मेट्रो इसका इंजन। भविष्य उज्ज्वल।

FAQs

  1. प्रश्न: दिल्ली मेट्रो फेज़ V(A) में कौन-कौन से कॉरिडोर बनेंगे?
    उत्तर: आरके आश्रम मार्ग-इंद्रप्रस्थ (9.91 किमी), एयरोसिटी-IGI T1 (2.26 किमी), तुगलकाबाद-कालिंदी कुंज (3.9 किमी)। कुल 16.1 किमी, 13 स्टेशन।
  2. प्रश्न: कुल लागत और दिल्ली सरकार का हिस्सा कितना?
    उत्तर: 12,014.91 करोड़ कुल। दिल्ली 2,940.46 करोड़ देगी। 2028 तक पूरा।
  3. प्रश्न: सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर से कितने लोग फायदा लेंगे?
    उत्तर: रोज़ 60,000 सरकारी कर्मचारी और 2 लाख यात्री। इंडिया गेट, CCS भवन आदि जुड़ेंगे।
  4. प्रश्न: ये प्रोजेक्ट किस विज़न से जुड़ा?
    उत्तर: पीएम मोदी के 7-C विज़न से – Common, Connected, Congestion-free आदि। ट्रैफिक और पॉल्यूशन कम करेगा।
  5. प्रश्न: कितने स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे?
    उत्तर: 13 में से 10 अंडरग्राउंड, 3 एलिवेटेड। मैजेंटा लाइन सबसे लंबी बनेगी।

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