मथुरा के खप्परपुर गाँव में मनीष-सुमा ने 3 बच्चों हनी, प्रियांशी, प्रतीक की हत्या कर खुदकुशी की। वीडियो में मनीष बोला ‘मैं बहुत upset था’, 12 लाख की ज़मीन बेची लेकिन कोई दोषी नहीं बताया।
माँ के सामने बच्चों की गला दबाकर हत्या? मथुरा केस ने खोले मानसिक तनाव के राज
मथुरा गाँव में भयानक हादसा: पूरा परिवार मृत मिला
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के खप्परपुर गाँव में 10 फरवरी 2026 की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। एक घर के अंदर मनीष कुमार (35), उनकी पत्नी सीमा (32) और तीन मासूम बच्चे – हनी (8), प्रियांशी (5), प्रतीक (3) – मृत पाए गए। पड़ोसी चिंतित हो गए जब बच्चे खेलने नहीं निकले। मनीष के भाई सुधीर ने खिड़की से झाँका तो कोई हलचल नहीं दिखी। उन्होंने दीवार तोड़कर घर में घुसा और शवों को देख लिया। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर पोस्टमॉर्टम कराया। शुरू में जहर का शक था लेकिन रिपोर्ट ने चौंकाया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने खोला मौत का राज
पोस्टमॉर्टम से साफ हुआ कि मौतें अलग-अलग तरीके से हुईं। मनीष की मौत बिजली के करंट से हुई, सीमा ने फाँसी लगाई और बच्चों को गला घोंटकर मारा गया। SSP श्लोक कुमार ने बताया कि शव एक कमरे में मिले। दूध के गिलास मिले थे लेकिन जहर नहीं था। घटना सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक चली लगभग दो घंटे। मनीष ने पहले बच्चों को रस्सी से मारा, फिर पत्नी पर भारी चीज़ से हमला किया और खुद बिजली से मरा। परिवार 2018 में शादीशुदा था। भाई ने कहा कोई तनाव नहीं दिखा।
वीडियो मैसेज में मनीष ने क्या कहा?
घर से मनीष का मोबाइल मिला जिसमें सुबह 4-5 बजे का वीडियो था। वीडियो में मनीष ने कहा, हम अपनी मर्ज़ी से मर रहे हैं। किसी का दोष नहीं। पुलिस किसी को तंग न करे। मैं बहुत upset था इसलिए कोई परेशान न करे। उन्होंने 12 लाख रुपये में प्लॉट बेचा था लेकिन खरीदार को दोषी नहीं ठहराया। बाकी पैसे बाकी थे लेकिन ये वजह नहीं। दीवार पर लिखा था, हम मनीष और सीमा अपनी इच्छा से मर रहे। डायरी नोट भी मिला। पुलिस ने इसे सुसाइड पुष्टि माना।
ज़मीन बिक्री से जुड़ी परेशानी या कुछ और?
मनीष किसान थे और हाल ही में प्लॉट 12 लाख में बेचा। भाई सुधीर ने कहा 19 लाख का प्लॉट था, 7 लाख बाकी लेकिन मनीष ने वीडियो में साफ कहा ये वजह नहीं। पुलिस को शक है मनीष को पिछले तीन साल से मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम थी। ऑकल्ट प्रैक्टिस भी करता था। परिवार सामान्य लगता था। बच्चे गाँव के स्कूल जाते थे। दो भाई अलग रहते थे। कोई बड़ा झगड़ा या कर्ज़ा नहीं मिला। फिर भी upset होने का राज़ बाकी।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
पुलिस ने घर की फॉरेंसिक जाँच की। कमरे में बंद था। कोई बाहरी घुसपैठ नहीं। DM चंद्र प्रकाश सिंह, ADG अनुपम कुलश्रेष्ठ ने साइट देखी। सुसाइड ही लगता लेकिन मेंटल हेल्थ एंगल चेक हो रहा। भाई सुधीर ने बताया मनीष खुश लगता था। पड़ोसियों ने कहा बच्चे खेलते थे। वीडियो और नोट से कोई दूसरा दोषी नहीं। पुलिस ने केस सुसाइड क्लोज़्ड रखा लेकिन काउंसलिंग ज़रूरी बताई।
भारत में फैमिली सुसाइड्स क्यों बढ़ रहे?
UP में फैमिली सुसाइड्स केस बढ़े हैं। फाइनेंशियल स्ट्रेस, मेंटल हेल्थ, घरेलू झगड़े मुख्य वजह। NCRB डेटा कहता 30% सुसाइड्स मेंटल प्रेशर से। ग्रामीण इलाकों में किसानों का कर्ज़ा, ज़मीन विवाद ट्रिगर। बच्चे शामिल होने से सवाल उठते हैं। हेल्पलाइन 104, 9152907152 हैं लेकिन अवेयरनेस कम। NGO मानते किसान हेल्थ चेकअप न करवाते। ये केस जागरूकता बढ़ाए।
मानसिक तनाव के संकेत क्या होते हैं?
लोग upset छिपाते हैं लेकिन संकेत दिखते हैं। अचानक चिड़चिड़ापन, नींद न आना, फैमिली से दूर जाना। मनीष जैसे ऑकल्ट में जाना खतरे की घंटी। बात न करना, प्लानिंग बदलना। परिवार वाले नोटिस करें तो काउंसलर से बात करवाएँ। फ्री हेल्पलाइन 9152907152 पर कॉल। प्रिवेंशन के लिए रेगुलर चेकअप। समाज में स्टिग्मा कम हो। बच्चे सबसे प्रभावित होते।
कैसे बचें ऐसे हादसों से?
ग्रामीण इलाकों में हेल्थ सेंटर्स बढ़ें। किसानों को काउंसलिंग फ्री मिले। स्कूलों में मेंटल हेल्थ क्लास। परिवार बातचीत रखें। अगर upset लगे तो दोस्त-रिश्तेदार मदद माँगें। NGO हेल्पलाइन चला रहे। सरकार PM किसान सम्मान निधि से स्ट्रेस कम करे। ये ट्रेजडी सिखाती है समय रहते मदद लो। जिंदगी कीमती है।
कुल मिलाकर मथुरा ट्रेजडी
ये घटना दिल तोड़ने वाली है। मासूम बच्चों की मौत सबसे दुखी। मनीष-सुमा का upset छिपा रहा। समाज सोचे मेंटल हेल्थ पर। पुलिस ने अच्छा काम किया। भविष्य में ऐसे केस कम हों। परिवारों जागरूक रहें। मदद उपलब्ध है।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: मथुरा में कौन-कौन मरे और कैसे?
उत्तर: मनीष (इलेक्ट्रोक्यूशन), सीमा (हैंगिंग), बच्चे हनी, प्रियांशी, प्रतीक (स्ट्रैंगुलेशन); 10 फरवरी सुबह शव मिले। - प्रश्न: वीडियो में मनीष ने क्या कहा?
उत्तर: हम अपनी मर्ज़ी से मर रहे, किसी का दोष नहीं, मैं बहुत upset था, 12 लाख प्लॉट बेचा लेकिन खरीदार दोषी नहीं। - प्रश्न: शव कैसे मिले?
उत्तर: बच्चे खेलने न निकले तो भाई सुधीर ने दीवार तोड़ी, कमरे में बंद शव पाए। - प्रश्न: सुसाइड की वजह क्या लग रही?
उत्तर: upset, संभवतः मेंटल हेल्थ इश्यू, ऑकल्ट प्रैक्टिस; ज़मीन बिक्री लेकिन दोषी नहीं बताया। - प्रश्न: मदद के लिए कौन सी हेल्पलाइन?
उत्तर: 104 या 9152907152 पर कॉल करें, फ्री मेंटल हेल्थ सपोर्ट उपलब्ध।
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