IAF वाइस चीफ ने कहा राफेल ऑपरेशन सिंदूर में स्टार रहा, MRFA के तहत नए जेट्स चाहिए। वायु शक्ति 2026 में 120+ एसेट्स दिखाएंगे ताकत। स्क्वाड्रन स्ट्रेंथ 30 पर, 42+ का लक्ष्य।
वायु शक्ति 2026: राफेल-तेजस की ताकत देख पाकिस्तान क्यों सिहरेगा?
IAF को नए जेट्स की क्यों इतनी बेताबी?
भारतीय वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल नागेश कपूर ने कहा कि IAF अपनी कम्बैट कैपेबिलिटी बढ़ाने के लिए नए जेनरेशन के फाइटर जेट्स की बड़ी तादाद में चाहती है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राफेल को ऑपरेशन सिंदूर का हीरो बताया। ये ऑपरेशन हाल ही में हुआ था जिसमें राफेल ने शानदार परफॉर्म किया। कपूर ने कहा राफेल अब ‘बज़वर्ड’ बन गया है लेकिन फैसला पेंडिंग है। IAF का फोकस मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) पर है। जितनी जल्दी हो उतना बेहतर।
ऑपरेशन सिंदूर में राफेल का जलवा क्यों?
ऑपरेशन सिंदूर में राफेल ने अन्य हीरोज के साथ कमाल दिखाया। ये फ्रेंच जेट मल्टी-रोल है जो एयर सुपीरियॉरिटी, ग्राउंड अटैक सब कर सकता है। कपूर ने कहा हाँ, राफेल बज़वर्ड है लेकिन सिर्फ राफेल ही नहीं। IAF ज्यादा MRFA चाहती है चाहे वो राफेल हो या कोई और। अभी दो स्क्वाड्रन हैं – नंबर 17 गोल्डन एरोज़ अंबाला में और 101 फाल्कन्स हसीमारा में। पहली 36 जेट्स 2020-21 में आईं। अब नेवी को भी 26 राफेल-एम मिल रहे हैं।
वायु शक्ति 2026 एक्सरसाइज़ का क्या खास?
27 फरवरी 2026 को राजस्थान के पोखरण रेंज पर वायु शक्ति एक्सरसाइज़ होगी। 120 से ज्यादा एयर एसेट्स शिरकत करेंगे। 77 फाइटर जेट्स जैसे राफेल, सु-30एमकेआई, मिग-29, तेजस, जागुआर, मिराज-2000। हेलीकॉप्टर्स अपाचे, चिनूक, एलसीएच प्रचंड, एएलएच। ट्रांसपोर्ट में 8 प्लेन और पहली बार सी-295। पाक बॉर्डर के पास ये डेमो दुश्मन को सबक सिखाने की कैपेबिलिटी दिखाएगा। ऑपरेशन सिंदूर के सक्सेस हाइलाइट होंगे। 24 फरवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल।
IAF की स्क्वाड्रन स्ट्रेंथ कितनी कमज़ोर क्यों?
फिलहाल IAF के पास 30 स्क्वाड्रन हैं जबकि ऑथराइज़्ड 42। मिग-21 बाहर हो गए तो और कम। चीन थ्रेट के सामने ये कम है। सु-30 12 स्क्वाड्रन, मिराज-2000 3, राफेल 2, तेजस 2, जगुआर 6, मिग-29 3। 42 से ऊपर जाने का प्लान। तेजस एमके1ए 180 ऑर्डर, एमके2 आने वाले। अपग्रेडेड सु-30, एमसीए भी। लेकिन MRFA 114 जेट्स ज़रूरी।
MRFA प्रोग्राम में राफेल की क्या भूमिका?
MRFA के तहत 114 4.5 जेन मल्टीरोल जेट्स खरीदने हैं। राफेल टॉप चॉइस, फ्रांस के साथ G2G डील पर बात। 90 F4 स्टैंडर्ड, 24 F5 ऑप्शन। डीएसी ने क्लियरेंस दिया। 3.6 लाख करोड़ का डील। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स फ्यूज़लेज़ बनाएगा। बेंचमार्क प्राइस नेवी के 26 राफेल-एम से। मैक्रॉन विज़िट फरवरी 2026 में फाइनल हो सकता। भारत एकमात्र देश जो लैंड और कैरियर दोनों राफेल उड़ाएगा।
तेजस और स्वदेशी विमानों का फ्यूचर क्या?
तेजस एमके1 दो स्क्वाड्रन में। 180 एमके1ए ऑर्डर, 7+ एमके2। स्वदेशी इंजन अमca आने वाला। वायु शक्ति में तेजस क्लोज एयर सपोर्ट दिखाएगा। ब्रह्मोस, अस्त्र मिसाइल्स इंटीग्रेट। आत्मनिर्भर भारत को बूस्ट। लेकिन नंबर्स कम हैं तो इंपोर्टेड MRFA बैलेंस लाएंगे। HAL प्रोडक्शन बढ़ाएगा।
वायु शक्ति में कौन-कौन सी नई चीज़ें?
सी-295 पहली बार नाइट असॉल्ट लैंडिंग। सी-130जे गरुड़ कमांडो ड्रॉप। AWACS से कोऑर्डिनेशन। SRLM, आकाश, स्पाइडर SAM। एंटी-ड्रोन सिस्टम्स। स्टैंड-ऑफ वेपन्स, BVR मिसाइल्स। सु-30 ब्रह्मोस, राफेल SCALP-हैमर। पोखरण का डेज़र्ट टेरेन रियलिस्टिक। नोटम जारी, सिक्योरिटी टाइट।
चीन-पाक थ्रेट के सामने IAF की स्ट्रेटजी
चीन के J-20 और पाक JF-17 के मुकाबले IAF को नंबर्स और टेक दोनों चाहिए। दो फ्रंट वॉर के लिए 42+ स्क्वाड्रन। नेटवर्क्ड वॉरफेयर, AWACS, सैटेलाइट इंटीग्रेशन। वायु शक्ति दुश्मन को मैसेज। ह्यूमैनिटेरियन रोल भी दिखेगा। इंडक्शन जितना तेज़ उतना अच्छा।
कुल मिलाकर IAF का विज़न
राफेल बज़वर्ड है लेकिन IAF डाइवर्सिफाई करेगी। MRFA, तेजस, एमसीए से फ्लीट मज़बूत। वायु शक्ति दुनिया को ताकत दिखाएगा। बजट और क्लियरेंस तेज़ी से मिले तो 2030 तक लक्ष्य। टैक्सपेयर को भरोसा कि पैसा सही जगह जा रहा।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: एयर मार्शल नागेश कपूर ने राफेल के बारे में क्या कहा?
उत्तर: राफेल ऑपरेशन सिंदूर में हीरो रहा, अब बज़वर्ड है लेकिन MRFA के तहत और नए जेट्स चाहिए। - प्रश्न: वायु शक्ति 2026 कब और कहाँ होगी?
उत्तर: 27 फरवरी को पोखरण रेंज, जैसलमेर; 120+ एसेट्स, पाक बॉर्डर के पास। - प्रश्न: IAF के पास कितने स्क्वाड्रन हैं?
उत्तर: 30 ऑपरेशनल, टारगेट 42+; राफेल 2, सु-30 12, तेजस 2। - प्रश्न: MRFA में कितने जेट्स?
उत्तर: 114 मल्टीरोल, राफेल टॉप चॉइस, G2G डील पेंडिंग। - प्रश्न: एक्सरसाइज़ में नया क्या?
उत्तर: सी-295 नाइट लैंडिंग, गरुड़ कमांडो ड्रॉप, स्वदेशी वेपन्स डेमो।
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