महाशिवरात्रि के अवसर पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और 2019 पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए 40 CRPF जवानों को नमन किया। X पोस्ट में उन्होंने शूरवीरों के अमर बलिदान को आतंकवाद खत्म करने के भारत के संकल्प का प्रतीक बताया।
योगी आदित्यनाथ ने दी महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं, पुलवामा के 40 वीरों के बलिदान को किया याद
योगी आदित्यनाथ का महाशिवरात्रि संदेश: भक्ति के साथ पुलवामा के शहीदों को सलाम
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश और देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी शिवभक्तों के लिए शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की। उन्होंने अपने संदेश में महाशिवरात्रि को “अखंड आस्था, तप और त्याग के उत्सव” के रूप में वर्णित करते हुए कहा कि भगवान शिव की कृपा से राष्ट्र की एकता और सुरक्षा और अधिक मजबूत हो।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए 40 CRPF जवानों को भी विशेष रूप से याद किया। महाशिवरात्रि से ठीक एक दिन पहले 14 फरवरी को पुलवामा हमले की बरसी होती है, जिसे देश ‘ब्लैक डे’ के रूप में याद करता है। योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वे “मां भारती के उन वीर सपूतों को नमन करते हैं जिन्होंने पुलवामा की कायराना आतंकी वारदात में सर्वोच्च बलिदान दिया।”
पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि: “अमर वीरों का बलिदान हमारा संकल्प है”
CM योगी के X पोस्ट में संदेश दिया गया कि पुलवामा के अमर शहीदों का बलिदान भारतीय पराक्रम के उस अडिग संकल्प का उद्घोष है, जो देश को आतंकवाद की जड़ें समाप्त करने के लिए लगातार प्रेरित करता है। उन्होंने लिखा कि “कायराना आतंकी हमले में मातृभूमि की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारत मां के सभी वीर सपूतों को शत्–शत् नमन। हमारे अमर सैनिकों का त्याग भारतीय वीरता के उस अजेय संकल्प का उद्घोष है, जो हमें आतंकवाद को जड़ से ख़त्म करने के लिए सदैव प्रेरित करता है। जय हिंद…”
उनके संदेश में यह भी स्पष्ट था कि पुलवामा हमले की याद सिर्फ शोक का नहीं, बल्कि संकल्प का भी दिन है। उन्होंने पुलवामा शहीदों को श्रद्धांजलि देकर यह दोहराया कि उत्तर प्रदेश सहित पूरा देश उनके परिवारों के साथ खड़ा है और राष्ट्रीय सुरक्षा के सवाल पर कोई समझौता नहीं होगा।
पुलवामा हमला क्या था? संक्षेप में पृष्ठभूमि
14 फरवरी 2019 को जम्मू–श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलवामा ज़िले के लेथपोरा के पास CRPF के काफिले पर एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटक से भरी गाड़ी से हमला किया। इस हमले में 40 CRPF जवान शहीद हुए और कई घायल हुए। पाकिस्तान–स्थित आतंकी संगठन जैश–ए–मोहम्मद (JeM) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।
हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट क्षेत्र में जैश के कथित आतंकी कैंपों पर एयरस्ट्राइक की, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर एक “निर्णायक जवाब” के रूप में देखा गया। पुलवामा हमला भारत–पाकिस्तान संबंधों में बड़ी कड़वाहट की वजह बना और आज भी इसे सीमापार आतंकवाद के सबसे घातक उदाहरणों में गिना जाता है।
महाशिवरात्रि और राष्ट्रीय एकता का संदेश
महाशिवरात्रि पर योगी आदित्यनाथ ने भगवान शिव की आराधना के साथ ही राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा को भी अपने संदेश का केंद्र बनाया। उन्होंने कहा कि शिवभक्तों की आस्था और अनुशासन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सद्भावना को बढ़ाते हैं। साथ ही, पुलवामा शहीदों को याद करते हुए उन्होंने यह संकेत दिया कि भक्ति और देशभक्ति, दोनों एक–दूसरे के पूरक हैं –
– भक्ति: व्यक्ति को त्याग, संयम और धैर्य सिखाती है।
– देशभक्ति: वही त्याग और साहस देश की रक्षा के लिए समर्पित करता है, जैसा पुलवामा के शहीदों ने किया।
उन्होंने यह भी दोहराया कि उत्तर प्रदेश सरकार शहीद परिवारों के सम्मान और सहायता के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य के नागरिकों को ऐसे वीरों की कहानियों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
पुलवामा की बरसी को “ब्लैक डे” के रूप में क्यों याद किया जाता है?
पुलवामा हमले में 40 जवानों की शहादत ने पूरे देश को झकझोर दिया। यह न सिर्फ सुरक्षा में बड़ी सेंध थी, बल्कि भावनात्मक रूप से भी देश के लिए गहरा आघात था। इसलिए 14 फरवरी को आज भी “ब्लैक डे” के रूप में याद किया जाता है –
– शहीदों की याद और परिवारों के प्रति कृतज्ञता।
– आतंकी ताकतों के खिलाफ भारत के दृढ़ संकल्प की पुनर्पुष्टि।
– सुरक्षा एजेंसियों और सेना के लिए बेहतर संसाधन और रणनीति की जरूरत पर ध्यान।
योगी आदित्यनाथ सहित कई राष्ट्रीय नेताओं ने इस दिन अपने–अपने संदेशों में इन तीनों बिंदुओं को रेखांकित किया।
5 FAQs
- CM योगी आदित्यनाथ ने महाशिवरात्रि पर क्या कहा?
उन्होंने महाशिवरात्रि पर प्रदेश और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और भगवान शिव से सबके लिए शांति, समृद्धि और राष्ट्र की सुरक्षा की कामना की, साथ ही इसे आस्था और तप का पर्व बताया। - पुलवामा शहीदों के लिए योगी का संदेश क्या था?
X पोस्ट में उन्होंने लिखा कि पुलवामा हमले में शहीद सभी वीर सपूतों को उनका नमन है और उनका बलिदान भारतीय वीरता के उस संकल्प का प्रतीक है जो आतंकवाद को जड़ से मिटाने की प्रेरणा देता है। - पुलवामा हमला कब और कैसे हुआ था?
यह हमला 14 फरवरी 2019 को जम्मू–श्रीनगर हाईवे पर तब हुआ जब एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी CRPF काफिले की बस से भिड़ा दी, जिसमें 40 जवान शहीद हुए। - पुलवामा हमले की जिम्मेदारी किसने ली थी?
पाकिस्तान–स्थित आतंकी संगठन जैश–ए–मोहम्मद (JeM) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसके बाद भारत ने बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। - 14 फरवरी को ‘ब्लैक डे’ क्यों कहा जाता है?
क्योंकि इसी दिन 2019 में पुलवामा का हमला हुआ था जिसमें 40 CRPF जवान शहीद हुए। यह दिन उनके बलिदान की याद, आतंकवाद के खिलाफ संकल्प और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता का प्रतीक बन चुका है।
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