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कांग्रेस ने 64 नगरपालिकाएँ जीतीं – BRS–BJP का क्या बिगड़ा?

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Congress Telangana local polls win
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तेलंगाना म्युनिसिपल चुनावों में कांग्रेस ने 64 नगरपालिकाएँ और 1,537 वार्ड जीते, BRS 13 पर सिमटी। 7 निगमों में BJP ने 2 जीते। रेवंत रेड्डी सरकार को जनता का मंडेट।

करीमनगर–निज़ामाबाद BJP के नाम? तेलंगाना चुनावों में कांग्रेस की डबल डिजिट जीत का राज़

तेलंगाना निकाय चुनाव: कांग्रेस की जबरदस्त जीत ने तोड़ा 20 साल का रिकॉर्ड

तेलंगाना में 11 फरवरी को हुए म्युनिसिपल चुनावों के नतीजे 13 फरवरी को आए, जिसमें सत्ताधारी कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया। कुल 116 नगरपालिकाओं और 7 नगर निगमों के 2,582 वार्ड्स में से कांग्रेस ने 1,537 वार्ड जीतकर करीब 60 प्रतिशत कब्जा जमाया। 116 में से 64 नगरपालिकाओं पर कांग्रेस का कंट्रोल हो गया, जो 20 साल बाद ऐसा बड़ा जलवा है। डिप्टी CM मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि कांग्रेस ने 83 नगरपालिकाएँ और 5 निगम जीते हैं। रेवंत रेड्डी सरकार को जनता ने गरीब–मध्यम वर्ग कल्याण योजनाओं के लिए मंडेट दिया।

BRS को भारी झटका: 2020 के 1,767 से गिरकर 717 वार्ड

मुख्य विपक्षी BRS को करारा झटका लगा, जो 2020 में 1,767 वार्ड जीतकर दबंग थी, अब सिर्फ 717 पर सिमट गई। 116 नगरपालिकाओं में से सिर्फ 13 पर कब्जा हो सका। BRS वर्किंग प्रेसिडेंट केटी रामाराव ने दावा किया कि पैसे की ताकत और प्रशासनिक दुरुपयोग के बावजूद पार्टी 15 नगरपालिकाएँ जीती और 10–15 में प्रभावशाली बनी। उन्होंने कहा कि हम शहरी इलाकों में मुख्य ताकत बने रहे। लेकिन कुल मिलाकर BRS की सीटों में भारी गिरावट हुई। यह हार राज्य सरकार के खिलाफ असंतोष का संकेत देती दिखती है।

BJP ने चमकाया परचम: करीमनगर और निज़ामाबाद निगम जीते

BJP को भी अच्छे नतीजे मिले, 261–335 वार्ड्स जीतकर तीसरे नंबर पर रही। सबसे बड़ी कामयाबी करीमनगर (66 सदस्यों में 30 सीटें) और निज़ामाबाद निगम पर कब्जा, जो पहली बार हुआ। BJP स्टेट प्रेसिडेंट एन रामचंदर राव ने कहा कि हम 6 नगरपालिकाओं में सबसे बड़े बने। मंचेरियल, नलगोंडा, रामागुंडम में भी मजबूत। उन्होंने कांग्रेस–BRS–AIMIM पर गठजोड़ का आरोप लगाया। ओवैसी की AIMIM ने कहा कि अल्पसंख्यक वोटरों ने BJP को रोकने के लिए कांग्रेस–BRS को चुना। BJP की सीटें बढ़ीं लेकिन बहुमत कहीं नहीं मिला।​

7 निगमों में हंग असेंबली: इंडिपेंडेंट्स पर नजर

7 नगर निगमों में कांग्रेस ने 3 जीते और एक में आगे रही, लेकिन कई जगह हंग स्थिति बनी। कोठागुडेम में कांग्रेस और CPI के 22–22 सीटें, तीखी टक्कर। महबूबनगर में BJP आगे। कुल 38 नगरपालिकाएँ हंग, जहाँ इंडिपेंडेंट्स का रोल अहम। पार्टियाँ अब इनका सपोर्ट जुटाने में लगीं। मेयर चुनाव 16 फरवरी को होंगे। मतगणना 123 सेंटर्स पर हुई, बैलट पेपर से थोड़ी देरी हुई। 73 प्रतिशत वोटिंग हुई।

रेवंत रेड्डी का दावा: जनता ने दो साल के शासन को मंजूरी दी

CM रेवंत रेड्डी ने X पर पोस्ट कर कहा कि यह जीत लाखों कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के भरोसे का नतीजा है। दो साल के “पीपल्स गवर्नेंस”, गरीब–मध्यम कल्याण योजनाओं और वर्ल्ड–क्लास डेवलपमेंट को मंजूरी मिली। उन्होंने वादा किया कि हर नगरपालिका–निगम का व्यापक विकास होगा। डिप्टी CM ने कहा कि 20 साल बाद इतनी बड़ी जीत गर्व की बात। कांग्रेस ने 1,300+ वार्ड्स जीते। यह मिनी रेफरेंडम जैसा था।

BRS और BJP के दावे: क्या कहे नेता?

BRS के KTR ने कहा कि हमने पैसे और धमकी के बावजूद अच्छा किया, कई जगहों पर निर्णायक भूमिका। BJP के राव ने कहा कि हमारी ताकत बढ़ी, कांग्रेस–BRS–AIMIM का बॉन्ड टूटा। AIMIM ने 22 वार्ड्स 4 निगमों में और 40+ 15 नगरपालिकाओं में जीते। इंडिपेंडेंट्स ने 256 वार्ड्स लिए। कुल मिलाकर शहरी तेलंगाना में कांग्रेस हावी। BRS–BJP ने हंग जगहों पर स्ट्रैटेजी बनाई।​

2020 से तुलना: कांग्रेस का उभार, BRS का पतन

2020 में BRS (तब TRS) ने 1,767 वार्ड्स जीते, कांग्रेस 580 पर सिमटी। अब रोल रिवर्सल: कांग्रेस 1,537, BRS 781। BJP 311 से 335 तक बढ़ी। AIMIM 93 से कम। यह शिफ्ट रेवंत रेड्डी की पॉपुलैरिटी दिखाता है। शहरी वोटर विकास और कल्याण योजनाओं से खुश। BRS को भ्रष्टाचार के आरोपों ने नुकसान पहुँचाया। BJP लॉब में मजबूत लेकिन विधानसभा स्तर पर अभी पीछे।

आगे क्या: मेयर चुनाव और विकास का वादा

मेयर–डिप्टी मेयर चुनाव 16 फरवरी को। हंग जगहों पर डील होंगी। रेवंत ने कहा कि हर ULB का ट्रांसफॉर्मेशन होगा। शहरी विकास बजट बढ़ेगा। विपक्ष सतर्क। यह जीत 2028 विधानसभा चुनावों का संकेत देती है। कांग्रेस का मोमेंटम बरकरार। BRS को रणनीति बदलनी पड़ेगी। BJP उभरती ताकत।

FAQs (Hindi)

  1. प्रश्न: तेलंगाना निकाय चुनावों में कांग्रेस को कितनी सीटें मिलीं?
    उत्तर: 116 नगरपालिकाओं में 64 जीतीं, 2,582 वार्ड्स में 1,537 (करीब 60%)।
  2. प्रश्न: BRS को क्या नतीजे मिले?
    उत्तर: 13 नगरपालिकाएँ, 717–781 वार्ड्स; 2020 के 1,767 से भारी गिरावट।
  3. प्रश्न: BJP ने कहाँ जीत दर्ज की?
    उत्तर: करीमनगर (30/66) और निज़ामाबाद निगम सबसे बड़े बने, 261–335 वार्ड्स।​
  4. प्रश्न: रेवंत रेड्डी ने जीत पर क्या कहा?
    उत्तर: जनता ने दो साल के शासन को मंजूरी दी, हर ULB का विकास करेंगे।
  5. प्रश्न: हंग नगरपालिकाएँ कितनी बनीं?
    उत्तर: 38 जगह हंग, इंडिपेंडेंट्स (256 वार्ड्स) का रोल अहम; मेयर चुनाव 16 फरवरी को।

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