मुंबई मनखुर्द में 19 साल की युवती पर 17 साल के नाबालिग लड़के को बहला-फुसलाकर घर बुलाने, दबाव बनाने, धमकाने और अपहरण के आरोप में POCSO व BNS के तहत केस दर्ज हुआ।
वन–साइडेड लव से बना क्राइम? मुंबई में नाबालिग को जबरन रिश्ता करने का दबाव, POCSO केस दर्ज
मुंबई में अजीब मामला: नाबालिग को ‘ना’ कहने की कीमत अपहरण और धमकी से चुकानी पड़ी?
मुंबई के मनखुर्द इलाके से सामने आए एक मामले ने यह साफ दिखा दिया है कि एकतरफा प्यार जब जुनून में बदल जाए, तो कानून के दायरे में आने में देर नहीं लगती। मनखुर्द पुलिस थाने ने 19 साल की एक युवती के खिलाफ 17 साल के नाबालिग लड़के को परेशान करने, बहला-फुसलाकर घर बुलाने, शारीरिक संबंध के लिए दबाव बनाने और बाद में उसका अपहरण करने जैसे गंभीर आरोपों में FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार युवती लड़के के प्रति वन–साइडेड अट्रैक्शन विकसित कर चुकी थी और उसके इनकार के बाद पूरा मामला क्राइम में बदल गया। यह केस इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आमतौर पर POCSO के मामले में आरोपी पुरुष होते हैं, जबकि यहाँ आरोपी एक महिला है।
FIR में क्या लिखा है: अगस्त 2024 से शुरू हुआ था सिलसिला
शिकायत के मुताबिक, आरोपित युवती, जिसकी पहचान सानिया के नाम से हुई है, ने पिछले साल अगस्त में पहली बार इस 17 वर्षीय लड़के को अपने घर बुलाया। उस पर आरोप है कि उसने बहाने से उसे रेजिडेंस पर बुलाकर उसके साथ ‘इंटिमेट एक्ट्स’ के लिए दबाव बनाया और मना करने पर धमकाया कि अगर उसने किसी को बताया तो उसके लिए नतीजे गंभीर होंगे। यही नहीं, उसने यह भी कहा कि अगर वह उसके साथ रिलेशनशिप में नहीं आएगा, तो वह खुद को नुकसान पहुंचा सकती है। शिकायत में साफ लिखा है कि लड़के पर मानसिक और भावनात्मक दोनों तरह का दबाव बनाया गया, जिससे वह डर के कारण किसी को कुछ नहीं बता पा रहा था।
शादी के प्रस्ताव से लेकर खुदकुशी की धमकी तक
पुलिस के अनुसार, समय के साथ युवती ने नाबालिग पर शादी का प्रस्ताव भी रखा। जब लड़के ने साफ शब्दों में इनकार कर दिया और कहा कि वह नाबालिग है और इस तरह के रिश्ते के लिए तैयार नहीं है, तो युवती का व्यवहार और आक्रामक हो गया। आरोप है कि उसने लड़के को बार–बार धमकी दी कि अगर उसने उसके प्रस्ताव को ठुकराया तो वह खुदकुशी कर लेगी और इसका आरोप उस पर और उसके परिवार पर लगा देगी। ऐसे हालात में नाबालिग और भी ज्यादा मानसिक तनाव में चला गया और चुप्पी साधे रहा।
जब ‘ना’ सुनकर आया किडनैपिंग का मोड़
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब लड़के ने शादी के प्रस्ताव को ठुकराया, तो युवती ने एक कदम और आगे बढ़कर उसे जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि FIR में किडनैपिंग के आरोप भी शामिल किए गए हैं क्योंकि युवती ने नाबालिग की मर्जी के खिलाफ उसे कहीं और ले जाने और मजबूरन रिलेशनशिप में रखने की कोशिश की। इस दौरान उसने फिर से खुदकुशी की धमकी दी और कहा कि अगर उसने साथ न दिया तो वह खुद को नुकसान पहुंचाकर पूरा दोष उसी पर डाल देगी। यह सब सुनकर लड़का और अधिक डरा रहा और काफी समय तक घर वालों से सब छुपाता रहा।
परिवार को सच बताने के बाद मामला पुलिस तक पहुँचा
आख़िरकार, लगातार दबाव और मानसिक तनाव झेलने के बाद नाबालिग ने अपने परिवार को पूरी कहानी बताने की हिम्मत जुटाई। उसने बताया कि कैसे अगस्त से लेकर अब तक उस पर दबाव, धमकी और जबरन रिश्ता बनाने की कोशिशें होती रहीं। परिवार ने तुरंत मनखुर्द पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद केस दर्ज करने का फैसला किया और गंभीर धाराएँ लगाईं, क्योंकि मामला नाबालिग के खिलाफ यौन शोषण और अपहरण की कोशिश से जुड़ा था। परिवार ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की ताकि लड़के की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
POCSO और BNS के तहत कौन–कौन सी धाराएँ लगीं?
इस केस में पुलिस ने Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) एक्ट के तहत यौन अपराध से जुड़ी धाराएँ लगाई हैं, क्योंकि पीड़ित 18 साल से कम उम्र का है। POCSO कानून किसी भी जेंडर के आरोपी पर लागू हो सकता है, यानी महिला भी इसके दायरे से बाहर नहीं है। इसके साथ ही भारतीय दंड संहिता की जगह लागू नई भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita – BNS) के तहत अपहरण से संबंधित प्रावधानों में भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी के अनुसार, किडनैपिंग की धाराएँ इसलिए लगाई गईं क्योंकि नाबालिग को उसकी इच्छा के खिलाफ ले जाने और रखने की कोशिश की गई।
आरोपी युवती फरार, पुलिस तलाश में जुटी
मनखुर्द पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपित सानिया फिलहाल फरार है। पुलिस की तरफ से उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस ने कहा है कि जैसे ही वह ट्रेस होगी, उससे पूछताछ की जाएगी और अदालत के सामने पेश किया जाएगा। FIR दर्ज होने के बाद से ही पुलिस ने इस केस को संवेदनशील श्रेणी में रखा है, क्योंकि इसमें नाबालिग की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य दोनों शामिल हैं। अधिकारी के अनुसार, पीड़ित को काउंसलिंग भी उपलब्ध कराई जा रही है।
कानून की नजर में ‘कंसेंट’ और जेंडर का सवाल
यह मामला एक महत्वपूर्ण कानूनी और सामाजिक सवाल भी उठाता है कि क्या जेंडर बदल जाने से अपराध की गंभीरता कम हो जाती है। POCSO एक्ट साफ कहता है कि अगर पीड़ित नाबालिग है तो उसकी ‘कंसेंट’ कानूनी तौर पर मान्य नहीं होती, चाहे आरोपी पुरुष हो या महिला। यानी 17 साल के लड़के की सहमति भी कानून के हिसाब से वैसी ही स्थिति में है जैसी 17 साल की लड़की की होती। इसलिए किसी भी प्रकार का यौन दबाव या धमकी अपने आप में अपराध की श्रेणी में आता है। यह केस यह भी दिखाता है कि समाज को लड़कों के मानसिक और भावनात्मक शोषण को भी गंभीरता से लेने की जरूरत है।
सोशल और फैमिली लेवल पर क्या सीख मिलती है?
इस घटना से परिवारों के लिए एक बड़ा संदेश यह है कि किशोर उम्र के बच्चों से खुलकर बातचीत करना कितना ज़रूरी है। अक्सर लड़के यह सोचकर चुप रहते हैं कि अगर वे ऐसी बात बताएँगे तो कोई उन्हें गंभीरता से नहीं लेगा या मज़ाक उड़ाएगा। यहाँ भी नाबालिग ने कई महीनों तक सब छुपाए रखा, जिससे उसकी परेशानियाँ और बढ़ीं। अगर परिवार, स्कूल और समाज लड़कों को भी सुरक्षित स्पेस दें, जहाँ वे बिना शर्म और डर के अपनी बात रख सकें, तो ऐसे कई मामले शुरुआती दौर में ही रोके जा सकते हैं। साथ ही, यह भी ज़रूरी है कि युवा यह समझें कि किसी भी रिश्ते में ‘ना’ कहना उनका अधिकार है और ‘ना’ को सम्मान देना हर किसी की जिम्मेदारी है।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: यह मामला कहाँ और कब सामने आया?
उत्तर: यह मामला मुंबई के मनखुर्द इलाके का है, जहाँ 19 साल की युवती के खिलाफ 17 साल के नाबालिग लड़के की शिकायत के आधार पर हाल ही में FIR दर्ज की गई। - प्रश्न: युवती पर क्या आरोप लगे हैं?
उत्तर: उस पर आरोप है कि उसने नाबालिग को घर बुलाकर इंटिमेट एक्ट्स के लिए दबाव बनाया, धमकाया, शादी का प्रस्ताव ठुकराने पर खुदकुशी की धमकी दी और उसे जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश की। - प्रश्न: पुलिस ने कौन–कौन से कानून लगाए हैं?
उत्तर: पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत यौन अपराध से जुड़ी धाराएँ और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपहरण से संबंधित प्रावधानों में केस दर्ज किया है। - प्रश्न: आरोपी की वर्तमान स्थिति क्या है?
उत्तर: आरोपी युवती सानिया फिलहाल फरार है, पुलिस उसकी तलाश कर रही है और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। - प्रश्न: इस केस से क्या कानूनी संदेश निकलता है?
उत्तर: संदेश यह है कि POCSO जेंडर-न्यूट्रल है, यानी महिला भी आरोपी हो सकती है, और नाबालिग के साथ किसी भी तरह का यौन दबाव, धमकी या जबरन रिश्ता कानून के तहत गंभीर अपराध है।
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