Mann Ki Baat के 131वें एपिसोड में PM मोदी ने बोर्ड परीक्षाओं के बीच छात्रों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आपकी “क़ीमत” मार्कशीट तय नहीं करती; तनाव और शक स्वाभाविक हैं, आत्मविश्वास रखें, मेहनत पर फोकस करें और माता-पिता व शिक्षकों से खुलकर बात करें।
Pariksha Pe Charcha का जिक्र, Mann Ki Baat में मोटिवेशन: माता-पिता/टीचर से बात करो, मेहनत पर फोकस करो
“आपकी क़ीमत मार्कशीट तय नहीं करती” — Mann Ki Baat में PM मोदी का परीक्षा दे रहे छात्रों के नाम संदेश
देशभर में बोर्ड परीक्षाओं और स्कूल के फाइनल एग्जाम का दौर चल रहा है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Mann Ki Baat के 131वें एपिसोड में छात्रों को सीधे संबोधित करते हुए भरोसा और हौसला बढ़ाने वाला संदेश दिया। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे कॉन्फिडेंस बनाए रखें, अपनी कोशिश पर ध्यान दें और तनाव या शंका से खुद को दबने न दें।
PM मोदी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि छात्रों ने इस महीने की शुरुआत में आया “Pariksha Pe Charcha” देखा होगा और उससे कुछ सीखा होगा। उन्होंने छात्रों को “exam warriors” कहते हुए कहा कि वे पूरे मन से तैयारी कर रहे होंगे। यह संदेश खास तौर पर कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड एग्जाम सहित चल रही परीक्षाओं के बीच आया, जब बच्चों पर पढ़ाई, समय और रिजल्ट का दबाव सबसे ज्यादा होता है।
परीक्षा के समय डर और शंका क्यों आती है? PM मोदी बोले—“ये नैचुरल है”
PM मोदी ने उस बात को सबसे पहले नॉर्मलाइज किया जिसे अक्सर बच्चे अपने मन में छिपा लेते हैं—डर, घबराहट और “क्या होगा?” वाली चिंता। उन्होंने कहा कि परीक्षा के समय कुछ शंका होना, कभी-कभी यह सोचना कि “सब याद रहेगा या नहीं”, या यह डर कि “समय कम पड़ जाएगा”—ये सब बिल्कुल स्वाभाविक है।
उन्होंने यह भी कहा कि हर पीढ़ी के बच्चों ने यह फीलिंग्स अनुभव की हैं, इसलिए कोई भी छात्र यह न सोचे कि “ये सिर्फ मेरे साथ हो रहा है।” इस लाइन का सीधा मतलब यह है कि परीक्षा का तनाव कोई कमजोरी नहीं है, बल्कि इसे पहचानकर सही तरीके से संभाला जा सकता है।
“आपकी क़ीमत मार्कशीट तय नहीं करती” — सबसे मजबूत संदेश
PM मोदी ने छात्रों को याद दिलाया कि इंसान की वैल्यू सिर्फ नंबरों से तय नहीं होती। उन्होंने कहा, “Remember, your worth isn’t determined by your mark sheet.” यानी मार्कशीट आपकी पहचान या आपका भविष्य अकेले तय नहीं करती।
उन्होंने छात्रों से कहा कि वे खुद पर भरोसा रखें और जो पढ़ा है, उसे पूरे दिल से लिखें। यह संदेश उन बच्चों के लिए खास है जो कम नंबर आने के डर से खुद को कम समझने लगते हैं या जो परीक्षा के दौरान “परफेक्ट” करने के दबाव में घबरा जाते हैं।
माता-पिता और टीचर्स से बात करें: “वे मेहनत देखते हैं, सिर्फ नंबर नहीं”
PM मोदी ने बच्चों को यह भी सलाह दी कि वे अपने माता-पिता और शिक्षकों से लगातार बातचीत में बने रहें। उन्होंने कहा कि माता-पिता और टीचर्स बच्चों को उनके प्रयास और मेहनत के आधार पर आंकते हैं, केवल नंबरों के आधार पर नहीं।
उनका कहना था कि माता-पिता और शिक्षक बच्चों की हार्डवर्क से खुश होते हैं। यह बात सुनने में छोटी लग सकती है, लेकिन परीक्षा के दिनों में यही भरोसा बच्चों को मानसिक रूप से स्थिर रखता है—खासकर तब, जब सोशल मीडिया या दोस्तों के बीच तुलना का दबाव बढ़ जाता है।
PM मोदी ने छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें भरोसा है कि छात्र अपने एग्जाम में सफल होंगे और जीवन में नई ऊंचाइयों तक जाएंगे। यह भरोसा “रिजल्ट” से ज्यादा “रूटीन और एफर्ट” की ताकत पर आधारित संदेश है।
Pariksha Pe Charcha का संदर्भ: शिक्षा केवल बोर्ड एग्जाम नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक, PM मोदी ने पिछले हफ्ते Pariksha Pe Charcha के 9वें संस्करण के दूसरे एपिसोड में शिक्षकों की भूमिका पर भी बात की थी। उन्होंने कहा था कि उनके अपने टीचर्स का उनकी जिंदगी पर गहरा असर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि Pariksha Pe Charcha सिर्फ बोर्ड एग्जाम की तैयारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों को परीक्षा, तनाव, अपेक्षाओं और जीवन के बड़े सवालों पर खुलकर बात करने का प्लेटफॉर्म देता है।
PPC 2026 की खास बात: पहली बार ‘पैन-इंडिया’ विस्तार
2026 के Pariksha Pe Charcha को “ट्रूली पैन-इंडिया” प्रोग्राम के रूप में विस्तारित बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस बार बातचीत देश के अलग-अलग क्षेत्रों में कई लोकेशंस पर की गई—Coimbatore (Tamil Nadu), Raipur (Chhattisgarh), Devmogra (Gujarat), Guwahati (Assam) और New Delhi सहित।
सबसे अलग सत्र असम में हुआ, जहां ब्रह्मपुत्र नदी पर एक क्रूज़ में इंटरैक्शन कराया गया। इसका प्रतीकात्मक अर्थ यह बताया गया कि कार्यक्रम में रीजनल रिप्रेजेंटेशन और आउटरीच को नया, इनोवेटिव रूप दिया गया है।
छात्रों के लिए प्रैक्टिकल टिप्स (इसी संदेश की भावना में)
- अपना फोकस “एफर्ट” पर रखें, “परफेक्शन” पर नहीं।
- घबराहट आए तो खुद को याद दिलाएं: “ये नैचुरल है, मैं अकेला नहीं।”
- हर दिन 10–15 मिनट रिवीजन का ‘सेफ स्लॉट’ रखें ताकि कॉन्फिडेंस बना रहे।
- माता-पिता/टीचर से सीधे बात करें—मन में बात दबाने से चिंता बढ़ती है।
- परीक्षा के दिन अपना टाइम मैनेजमेंट सिंपल रखें: पहले आसान प्रश्न, फिर मुश्किल।
FAQs (5)
- PM मोदी ने Mann Ki Baat में छात्रों से क्या कहा?
उन्होंने छात्रों को तनाव से न घबराने, कॉन्फिडेंस रखने, अपनी कोशिश पर फोकस करने और यह याद रखने की बात कही कि आपकी “क़ीमत” आपकी मार्कशीट तय नहीं करती। - PM मोदी ने परीक्षा के समय डर/शंका को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि परीक्षा में कभी-कभी संदेह होना, समय कम पड़ने की चिंता करना या सब याद रहेगा या नहीं—ये स्वाभाविक है और हर पीढ़ी के बच्चों ने ऐसा महसूस किया है। - उन्होंने माता-पिता और टीचर्स को लेकर क्या सलाह दी?
PM मोदी ने छात्रों से कहा कि वे माता-पिता और शिक्षकों से बातचीत बनाए रखें, क्योंकि वे बच्चों को मेहनत और प्रयास से आंकते हैं, सिर्फ नंबरों से नहीं। - PM मोदी ने Pariksha Pe Charcha का जिक्र क्यों किया?
उन्होंने कहा कि PPC से छात्रों को सीख मिलती है और यह सिर्फ बोर्ड तैयारी नहीं, बल्कि परीक्षा, तनाव, अपेक्षाओं और जीवन पर खुलकर बात करने का प्लेटफॉर्म है। - PPC 2026 में क्या नया बताया गया?
रिपोर्ट के अनुसार, PPC 2026 को पहली बार कई लोकेशंस के साथ पैन-इंडिया बनाया गया, और असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर क्रूज़ में एक विशेष इंटरैक्शन भी हुआ।
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