Home बिजनेस मोदी का 20B लक्ष्य, लूला की 30B चुनौती: ग्लोबल साउथ पार्टनरशिप में भारत-ब्राज़ील ने बढ़ाई रफ्तार
बिजनेस

मोदी का 20B लक्ष्य, लूला की 30B चुनौती: ग्लोबल साउथ पार्टनरशिप में भारत-ब्राज़ील ने बढ़ाई रफ्तार

Share
India Brazil trade target 30 billion dollars
Share

ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुईज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने भारत-ब्राज़ील रिश्ते को “बराबरी की साझेदारी” बताते हुए कहा कि भारत के साथ बातचीत “किसी उपनिवेशवादी” जैसी नहीं होती। India-Brazil Economic Forum में उन्होंने 30 बिलियन डॉलर व्यापार लक्ष्य रखा और CDSCO-ANVISA के फार्मा/मेडिकल प्रोडक्ट्स रेगुलेशन MoU सहित 7 समझौतों को अहम बताया।

“हम किसी उपनिवेशवादी से डील नहीं कर रहे” — लूला ने भारत-ब्राज़ील साझेदारी की तारीफ की, 30 बिलियन डॉलर ट्रेड टारगेट रखा

भारत-ब्राज़ील रिश्तों में नया आत्मविश्वास: लूला बोले—“भारत के साथ बातचीत बराबरी की, किसी उपनिवेशवादी से डील नहीं”

भारत-ब्राज़ील इकोनॉमिक फोरम में ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुईज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी की खुलकर तारीफ की और इसे “बराबरी के बीच का रिश्ता” बताया। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश के साथ बातचीत में “हम किसी उपनिवेशवादी से डील नहीं कर रहे”, और यही बात इस रिश्ते को कई अमीर देशों के साथ होने वाली “अथॉरिटेरियन” शैली वाली बातचीत से अलग बनाती है।

लूला के मुताबिक, भारत के साथ वार्ताओं में ऐसा महसूस नहीं होता कि कोई एक देश दूसरे से ऊपर है। उन्होंने कहा कि जब ताकत का संतुलन बराबरी का होता है, तब एक्शन प्लान बनाना और उद्यमियों के बीच साझेदारियां खड़ी करना आसान हो जाता है। उनके इस बयान में ग्लोबल साउथ के देशों के बीच “पीयर-टू-पीयर” सहयोग की वही भावना दिखती है, जिसकी चर्चा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार बढ़ रही है।

$2.4 बिलियन से $10.5 बिलियन तक: ट्रेड ग्रोथ का दावा और अब $30 बिलियन का लक्ष्य

लूला ने मंच से बताया कि उनकी पहली भारत यात्रा के बाद से द्विपक्षीय व्यापार $2.4 बिलियन से बढ़कर $10.5 बिलियन तक पहुंच गया है। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले $20 बिलियन व्यापार का लक्ष्य 2030 तक रखने की बात कही थी, लेकिन वे इससे भी ज्यादा महत्वाकांक्षी हैं।

लूला ने साफ कहा, “हम 30 बिलियन डॉलर के ट्रेड तक पहुंचेंगे क्योंकि दोनों देशों की आर्थिक क्षमता बहुत मजबूत है।” यानी संदेश स्पष्ट है—भारत और ब्राज़ील सिर्फ दोस्ताना कूटनीति नहीं, बल्कि ठोस व्यापारिक विस्तार की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ाना चाहते हैं।

भारत-ब्राज़ील में समानताएं: भाषा अलग, चुनौतियां मिलती-जुलती

लूला ने यह भी कहा कि भले ही दोनों देशों की भाषा और धर्म अलग हों, लेकिन उनकी चुनौतियों में “गहरी समानता” है। उनके मुताबिक, इसी वजह से दोनों पक्ष एक-दूसरे की जरूरतों, रवैये और प्राथमिकताओं को आसानी से समझ पाते हैं, और फिर समझदारी के साथ साझेदारी आगे बढ़ती है।

उन्होंने खास तौर पर यह बात रखी कि कुछ “रिच देशों” के साथ बातचीत में कई बार छोटे/मध्यम देशों की खुशहाली या उनके नजरिए को पर्याप्त महत्व नहीं मिलता। लेकिन भारत के साथ मामला अलग है—यहां साझेदारी “समान स्तर” पर बनती है।

हेल्थकेयर और फार्मा बना ‘ग्रोथ इंजन’: CDSCO-ANVISA का अहम MoU

इस पूरे आर्थिक रोडमैप में हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर को एक बड़े ड्राइवर के रूप में रखा गया है। इसी दिशा में भारत और ब्राज़ील ने फार्मास्यूटिकल और मेडिकल प्रोडक्ट्स के रेगुलेशन को मजबूत करने के लिए एक MoU का आदान-प्रदान किया।

यह MoU भारत की Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO) और ब्राज़ील की Health Regulatory Agency (ANVISA) के बीच हुआ है। समझौते के तहत फार्मा इंग्रीडिएंट्स, बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स और मेडिकल डिवाइसेज सहित मेडिकल प्रोडक्ट्स पर जानकारी के आदान-प्रदान के लिए एक संरचित फ्रेमवर्क बनाया जाएगा।

इस तरह की रेगुलेटरी कोऑपरेशन का सीधा फायदा यह है कि दोनों देशों में “सेफ और क्वालिटी-अश्योर्ड” दवाओं की उपलब्धता और निगरानी बेहतर हो सकती है। साथ ही, रेगुलेटरी प्रैक्टिसेज़ में कन्वर्जेंस बढ़ने से व्यापार और इंडस्ट्री पार्टनरशिप भी ज्यादा सहज हो सकती है।

7 समझौते और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट का फोकस

लूला ने कहा कि इस यात्रा के दौरान साइन किए गए सात समझौते ब्राज़ील के इंडस्ट्रियल सेक्टर के विकास के लिए “बहुत महत्वपूर्ण” हैं। हालांकि रिपोर्ट में सभी सात समझौतों की सूची नहीं दी गई, लेकिन उनका जोर स्पष्ट था कि ये एग्रीमेंट्स केवल कागज़ी नहीं, बल्कि उद्योग और व्यापार को आगे बढ़ाने वाले कदम हैं।

इसका मतलब यह भी है कि भारत-ब्राज़ील सहयोग अब केवल ट्रेडिंग तक सीमित नहीं, बल्कि रेगुलेटरी, इंडस्ट्रियल और टेक्निकल कोऑपरेशन के स्तर पर भी गहराता जा रहा है।

लूला की 5वीं भारत यात्रा और कूटनीतिक गति

यह लूला की भारत की पांचवीं यात्रा है। यह दौरा उस समय आया है जब वे इसी हफ्ते इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में भी शामिल रहे। यह सारा कूटनीतिक एक्टिविटी ऐसे दौर में हो रही है जब सिर्फ सात महीने पहले जुलाई 2025 में PM मोदी ने ब्रासीलिया की स्टेट विज़िट की थी—जिससे दोनों देशों के रिश्तों की रफ्तार और स्पष्ट हो जाती है।

यानी लगातार हाई-लेवल विज़िट्स, बिज़नेस फोरम, और सेक्टर-स्पेसिफिक समझौते मिलकर यह संकेत देते हैं कि भारत और ब्राज़ील 2030 से पहले ही रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाना चाहते हैं।

क्या बदलेगा? भारत और ब्राज़ील के लिए ‘$30B’ लक्ष्य का मतलब

$30 बिलियन का लक्ष्य एक स्टेटमेंट भी है और एक टेस्ट भी। स्टेटमेंट इसलिए क्योंकि यह बताता है कि दोनों देशों को अपने आर्थिक संबंधों में “अभी से कहीं ज्यादा” क्षमता दिख रही है। टेस्ट इसलिए क्योंकि इसे हासिल करने के लिए लॉजिस्टिक्स, टैरिफ/नॉन-टैरिफ बैरियर्स, स्टैंडर्ड्स, और मार्केट-एक्सेस जैसे मुद्दों पर निरंतर काम करना पड़ेगा।

अगर फार्मा और मेडिकल डिवाइसेज में रेगुलेटरी सहयोग सही तरीके से जमीन पर उतरता है, तो यह मॉडल दूसरे सेक्टर्स में भी कॉपी किया जा सकता है—जिससे ट्रेड बढ़ने की संभावना और मजबूत होती है।

FAQs (5)

  1. लूला ने भारत-ब्राज़ील रिश्ते पर क्या खास टिप्पणी की?
    लूला ने कहा कि भारत के साथ बातचीत “किसी उपनिवेशवादी से डील” जैसी नहीं होती और यह रिश्ता बराबरी के बीच का है, जहां कोई देश दूसरे से ऊपर नहीं है।
  2. भारत-ब्राज़ील का नया ट्रेड टारगेट क्या है?
    लूला ने $30 बिलियन द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य रखा और कहा कि दोनों देशों की आर्थिक क्षमता मजबूत है, इसलिए यह संभव है।
  3. ट्रेड में अब तक कितना बढ़ोतरी बताई गई?
    लूला के अनुसार, उनकी पहली भारत यात्रा के बाद व्यापार $2.4 बिलियन से बढ़कर $10.5 बिलियन हो गया है।
  4. CDSCO-ANVISA MoU किस बारे में है?
    यह MoU भारत की CDSCO और ब्राज़ील की ANVISA के बीच फार्मा और मेडिकल प्रोडक्ट्स (फार्मा इंग्रीडिएंट्स, बायोलॉजिक्स, मेडिकल डिवाइसेज) के रेगुलेशन में सहयोग, जानकारी साझा करने और रेगुलेटरी कन्वर्जेंस बढ़ाने के लिए है।
  5. इस यात्रा में और क्या अहम रहा?
    लूला ने कहा कि इस यात्रा में सात समझौते साइन हुए हैं, जो ब्राज़ील के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, और यह उनकी भारत की पांचवीं यात्रा है; हाल ही में जुलाई 2025 में PM मोदी भी ब्रासीलिया गए थे।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

“$20 बिलियन भी कम है” — लूला ने भारत‑ब्राज़ील ट्रेड को 2030 तक $30 बिलियन पहुँचाने का दिया बड़ा लक्ष्य

भारत‑ब्राज़ील ने 5 साल में $20 बिलियन द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य तय...

गोयल बोले—किसानों, मछुआरों और MSMEs को ग्लोबल मार्केट में ‘सीधी’ एंट्री​

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हाल के व्यापार समझौतों के...

भारत‑अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील अप्रैल से लागू? पीयूष गोयल का बड़ा दावा

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक भारत‑अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील अप्रैल...

“एक अरब भारतीयों के लिए अपना AI” — Sarvam AI ने दिल्ली AI समिट में पेश किए नए मॉडल

बेंगलुरु की Sarvam AI ने दिल्ली AI समिट में भारत के लिए...