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‘बिश्नोई ग्रुप’ बताकर बिल्डर से वसूली की कोशिश: MP यात्रा के दौरान पहली धमकी, 20 फरवरी को FIR

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Bishnoi group threat calls
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ठाणे के एक प्रमुख बिल्डर ने ‘बिश्नोई ग्रुप’ के नाम पर 10 करोड़ रुपये की रंगदारी और जान से मारने की धमकियों को लेकर नौपाड़ा पुलिस में शिकायत दी। 11 फरवरी को MP में रहते WhatsApp कॉल आए, फिर 20 फरवरी को इंटरनेशनल नंबर से कॉल व ऑडियो क्लिप भेजकर धमकाया गया; FIR दर्ज, अभी गिरफ्तारी नहीं।

ठाणे में 10 करोड़ की रंगदारी: इंटरनेशनल नंबर से कॉल, ऑडियो क्लिप में जान से मारने की धमकी—पुलिस जांच शुरू

ठाणे में 10 करोड़ की रंगदारी की कोशिश: ‘बिश्नोई ग्रुप’ बताकर WhatsApp कॉल्स से धमकी, बिल्डर ने दर्ज कराई FIR

महाराष्ट्र के ठाणे में एक प्रमुख बिल्डर को ‘बिश्नोई ग्रुप’ के नाम पर 10 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी और जान से मारने की धमकियां मिलने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, 60 वर्षीय व्यवसायी ने नौपाड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ extortion और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। फिलहाल इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि बिल्डर को पहली बार 11 फरवरी को WhatsApp के जरिए कॉल्स आए थे, जब वे मध्य प्रदेश में एक धार्मिक समारोह में शामिल होने गए हुए थे। कॉल उठाने पर सामने वाले ने 10 करोड़ रुपये देने की मांग की और धमकी दी कि अगर पैसा नहीं दिया तो “मरने के लिए तैयार रहो”। आरोपी ने खुद को “बिश्नोई ग्रुप” से जुड़ा बताते हुए यह भी कहा कि बिल्डर चाहें तो कॉल रिकॉर्ड करके पुलिस को दे सकते हैं।

20 फरवरी को फिर बढ़ा दबाव: इंटरनेशनल नंबर और ऑडियो क्लिप से धमकी

शिकायत के अनुसार, धमकियों का सिलसिला यहीं नहीं रुका। 20 फरवरी को, जब बिल्डर ठाणे में अपने ऑफिस में थे, तब उन्हें एक इंटरनेशनल नंबर से चार WhatsApp कॉल्स आए। जब उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया, तो संदिग्ध ने दोपहर 12:29 बजे उनके मोबाइल पर एक ऑडियो क्लिप भेजी, जिसमें आगे भी जान से मारने की धमकियां दी गईं।

इन कॉल्स और ऑडियो क्लिप्स को सबूत के तौर पर जोड़ते हुए पुलिस ने 20 फरवरी को FIR दर्ज की। नौपाड़ा पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर अभय चंद्रनाथ महाजन ने कहा कि शिकायत, WhatsApp कॉल्स और ऑडियो क्लिप के आधार पर Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) के तहत extortion और अन्य अपराधों की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

यह मामला क्यों गंभीर है: ‘गैंग नेम’ और डिजिटल ट्रेस का खेल

इस तरह के मामलों में कई बार आरोपी किसी कुख्यात गैंग या ग्रुप का नाम इस्तेमाल करके डर और दबाव बनाते हैं, ताकि पीड़ित जल्दी घबरा जाए और पैसा देने पर मजबूर हो जाए। वहीं, WhatsApp कॉल्स और इंटरनेशनल नंबर का इस्तेमाल ट्रेसिंग को जटिल बनाने की कोशिश भी हो सकती है। हालांकि, डिजिटल सबूत (कॉल लॉग, नंबर, ऑडियो, अकाउंट डिटेल्स) जांच एजेंसियों के लिए अहम लीड बनते हैं।

पुलिस अब कॉल करने वालों की पहचान, WhatsApp अकाउंट/नंबर की लोकेशन, और ऑडियो क्लिप के सोर्स की जांच करेगी। ऐसे मामलों में अक्सर टेक्निकल एनालिसिस (जैसे CDR/साइबर फॉरेंसिक) और नेटवर्क इंटेलिजेंस के जरिए संदिग्ध तक पहुंचने की कोशिश की जाती है।

पीड़ितों के लिए जरूरी कदम: क्या करें, क्या न करें

अगर किसी को इसी तरह की रंगदारी/धमकी आती है, तो कुछ बातें बहुत जरूरी हो जाती हैं।

  1. किसी भी हालत में पैसे ट्रांसफर न करें और बातचीत बढ़ाकर जोखिम न लें।
  2. कॉल/चैट/ऑडियो—हर सबूत सुरक्षित रखें, स्क्रीनशॉट, कॉल टाइम, नंबर और ऑडियो फाइल्स डिलीट न करें।
  3. तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन और साइबर सेल को शिकायत करें, क्योंकि शुरुआती घंटे डिजिटल ट्रेस के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।
  4. परिवार/स्टाफ को सतर्क रखें, ऑफिस और घर की सुरक्षा बढ़ाएं, खासकर रूटीन मूवमेंट और गेट एंट्री पर।

(यह सामान्य सुरक्षा सलाह है; मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई पुलिस की प्रक्रिया के अनुसार ही होगी।)

आगे क्या? जांच की दिशा और संभावित कार्रवाई

इस केस में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस की प्राथमिकता होगी कि इंटरनेशनल नंबर के पीछे असली यूज़र कौन है और ‘बिश्नोई ग्रुप’ नाम का इस्तेमाल वास्तविक कनेक्शन है या केवल डराने की रणनीति। पुलिस WhatsApp कॉल्स और ऑडियो क्लिप के टेक्निकल इनपुट्स के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश करेगी।

फिलहाल अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच जारी है। ऐसे मामलों में अगर आरोप साबित होते हैं, तो extortion और धमकी से जुड़ी धाराओं में सख्त कार्रवाई हो सकती है।

FAQs (5)

  1. ठाणे के बिल्डर को क्या धमकी दी गई?
    कॉल करने वाले ने 10 करोड़ रुपये देने की मांग की और कहा कि नहीं दिए तो “मरने के लिए तैयार रहो”, साथ ही खुद को “बिश्नोई ग्रुप” से जुड़ा बताया।
  2. धमकी कब-कब आई?
    शिकायत के अनुसार, पहली बार 11 फरवरी को MP यात्रा के दौरान WhatsApp कॉल्स आए, फिर 20 फरवरी को इंटरनेशनल नंबर से चार कॉल और 12:29 pm पर ऑडियो क्लिप के जरिए धमकी दी गई।
  3. FIR कहाँ दर्ज हुई है?
    यह FIR ठाणे के नौपाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई।
  4. किस कानून के तहत केस दर्ज हुआ?
    पुलिस के अनुसार, Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) के तहत extortion और अन्य अपराधों की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
  5. क्या इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है?
    नहीं, पुलिस ने बताया कि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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