कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भारत मंडपम में हो रहे India AI Impact Summit को “extremely well” बताते हुए कहा कि बड़े आयोजनों में कुछ ऑर्गनाइज़ेशनल ग्लिचेज़ सामान्य हैं। यह बयान राहुल गांधी की “disorganised PR spectacle” वाली आलोचना के बाद आया; थरूर शुक्रवार को समिट में बोलेंगे।
“बड़े इवेंट में थोड़े ग्लिचेज़ होते हैं” — शशि थरूर ने India AI Summit की तारीफ की, बोले: “सब बेहद अच्छा गया”
India AI Impact Summit पर शशि थरूर की तारीफ: “बड़े इवेंट में कुछ ग्लिचेज़ हो जाते हैं, लेकिन सब बेहद अच्छा गया”
नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे India AI Impact Summit को लेकर कांग्रेस के भीतर अलग-अलग सुर सामने आ रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने समिट की शुरुआती दिनों की तारीफ करते हुए कहा कि यह “extremely well” गया है और बड़े आयोजनों में कुछ ऑर्गनाइज़ेशनल दिक्कतें होना सामान्य बात है। थरूर ने यह टिप्पणी अपने नए बुक लॉन्च (नारायण गुरु पर) के बाद पत्रकारों से बातचीत में की।
थरूर ने यह भी बताया कि वे अभी तक समिट में जाकर शामिल नहीं हो पाए हैं, लेकिन वे शुक्रवार को वहां बोलने वाले हैं। उनके अनुसार, उन्हें जो जानकारी मिली है, उसके आधार पर पहले “एक-दो दिन” काफी अच्छे रहे हैं, बस कुछ “glitches” और “organisational things” जैसी समस्याएं आईं—जो बड़े इवेंट्स में हो जाती हैं।
समिट का संदर्भ: ग्लोबल साउथ में पहली बड़ी AI बैठक
India AI Impact Summit 16 से 20 फरवरी तक आयोजित हो रहा है और इसे ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला पहला बड़ा वैश्विक AI समागम बताया गया है। इस समिट में दुनिया भर से पॉलिसी मेकर्स, इंडस्ट्री लीडर्स, अकादमिक्स, टेक इनोवेटर्स और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं, ताकि AI के भविष्य और समाज पर इसके प्रभाव को लेकर चर्चा हो सके।
थरूर ने समिट में भागीदारी के स्तर को “impressive” बताते हुए कहा कि यहां बड़ी संख्या में उपस्थिति देखने को मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि कई राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और वैश्विक नेता इसमें आए हैं और AI विकास को लेकर “newly integrated world” तथा समाज पर प्रभाव को केंद्र में रखने का संदेश दे रहे हैं।
राहुल गांधी की आलोचना के बाद थरूर का बयान क्यों अहम है?
थरूर की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब एक दिन पहले राहुल गांधी ने AI समिट की आलोचना की थी। राहुल गांधी ने इसे “disorganised PR spectacle” कहा और आरोप लगाया कि समिट में चीनी उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य नेताओं ने भी कथित कुप्रबंधन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे देश को शर्मिंदगी हुई।
इस पृष्ठभूमि में थरूर का बयान एक तरह से पार्टी के भीतर “नुकसान-नियंत्रण” या कम से कम “संतुलित” प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा सकता है। वे यह मानते हैं कि शुरुआती दिन बेहतर रहे और जो कमियां सामने आईं, वे बड़े आयोजन में अक्सर हो जाती हैं।
पहले दिन की भीड़ और लॉजिस्टिक दिक्कतें: क्या रिपोर्ट हुआ?
खबर के अनुसार, समिट के उद्घाटन दिवस 17 फरवरी को लंबी कतारें, भारी भीड़ और लॉजिस्टिक समस्याओं की रिपोर्ट आई थी। कुछ विज़िटर्स ने कहा कि कई गेट बिना स्पष्ट निर्देश के बंद कर दिए गए, जिससे सुरक्षा कर्मियों के साथ कन्फ्यूजन भी हुआ। हालांकि आयोजकों के अनुसार, 18 और 19 फरवरी को व्यवस्थाएं बेहतर हो गई थीं।
यहां यह बात भी अहम है कि इस तरह के हाई-प्रोफाइल आयोजनों में सुरक्षा प्रोटोकॉल कड़े होते हैं और फुटफॉल अपेक्षा से ज्यादा होने पर एंट्री मैनेजमेंट में दिक्कतें सामने आ सकती हैं। थरूर का “ग्लिचेज़ होना नॉर्मल” वाला तर्क इसी संदर्भ में बैठता है।
‘Orion’ रोबोटिक डॉग विवाद: गैलगोटियास यूनिवर्सिटी को स्पेस खाली करना पड़ा
समिट के दौरान एक और विवाद भी सामने आया। ग्रेटर नोएडा स्थित गैलगोटियास यूनिवर्सिटी को ऑनलाइन बैकलैश के बाद अपनी एक्सपो स्पेस खाली करने को कहा गया। यह विवाद “Orion” नाम के रोबोटिक डॉग को लेकर हुआ, क्योंकि समिट में यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों और एक प्रोफेसर का वीडियो सामने आया जिसमें वे इसे “इन-हाउस इनोवेशन” की तरह प्रस्तुत करते दिखे।
यह घटना समिट की “प्रदर्शनी/एक्सपो” साइड पर क्वालिटी कंट्रोल और क्लेम-वेरिफिकेशन जैसी चुनौतियों को भी उजागर करती है। बड़े टेक एक्सपो में कई पार्टिसिपेंट्स आते हैं, इसलिए ऑथेंटिसिटी और डिस्क्लोजर पर सख्ती जरूरी मानी जाती है।
थरूर शुक्रवार को समिट में क्या कह सकते हैं?
थरूर ने संकेत दिया है कि वे शुक्रवार को समिट में बोलेंगे। ऐसे में संभावना है कि वे AI के सामाजिक प्रभाव, वैश्विक सहयोग, और भारत की भूमिका जैसे विषयों पर अपनी बात रख सकते हैं—खासकर क्योंकि उन्होंने कहा कि दुनिया के नेता “society impact” को प्राथमिकता मान रहे हैं।
उनकी यह उपस्थिति राजनीतिक रूप से भी ध्यान खींचेगी, क्योंकि इसी आयोजन को लेकर कांग्रेस के कुछ शीर्ष नेताओं ने तीखी आलोचना की है। थरूर का स्टैंड फिलहाल आलोचना को नकारने का नहीं, बल्कि इसे एक “बड़े आयोजन की सामान्य दिक्कत” मानकर आगे बढ़ने का दिखता है।
FAQs (5)
- शशि थरूर ने India AI Impact Summit के बारे में क्या कहा?
थरूर ने कहा कि पहले कुछ दिन “extremely well” गए हैं और बड़े आयोजनों में कुछ ग्लिचेज़/ऑर्गनाइज़ेशनल दिक्कतें होना सामान्य है। - क्या थरूर खुद समिट में गए थे?
थरूर ने कहा कि वे अभी तक समिट में नहीं जा पाए हैं, लेकिन वे शुक्रवार को वहां बोलने वाले हैं। - राहुल गांधी ने AI समिट पर क्या आरोप लगाए?
राहुल गांधी ने समिट को “disorganised PR spectacle” कहा और आरोप लगाया कि इसमें चीनी उत्पादों को दिखाया जा रहा है। - समिट के पहले दिन किस तरह की दिक्कतें रिपोर्ट हुईं?
17 फरवरी को लंबी कतारें, भारी भीड़ और लॉजिस्टिक समस्याएं रिपोर्ट हुईं; कुछ लोगों ने कहा कि कई गेट बिना स्पष्ट निर्देश के बंद किए गए थे। - ‘Orion’ विवाद क्या था?
समिट में गैलगोटियास यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर “Orion” रोबोटिक डॉग को लेकर ऑनलाइन बैकलैश हुआ, जिसके बाद यूनिवर्सिटी को अपनी एक्सपो स्पेस खाली करने के लिए कहा गया।
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