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“मेरी बच्ची खून से लथपथ थी”: दिल्ली जनकपुरी में स्कूल जाते वक्त कार की टक्कर

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Janakpuri accident e-rickshaw hit by car
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दिल्ली के जनकपुरी में 17 फरवरी की सुबह स्कूल जाते वक्त तेज रफ्तार सफेद कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। ई-रिक्शा पलट गया और 6 साल की बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार ने बताया कि ड्राइवर मदद किए बिना भाग गया; पुलिस ने वाहन जब्त कर आरोपी ड्राइवर संजीव को पकड़ लिया है।

जनकपुरी फायर स्टेशन के पास ई-रिक्शा पलटा, बच्ची नहीं बची; राहगीरों ने मदद नहीं की—परिवार का आरोप

जनकपुरी में स्कूल जाते वक्त दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मारी, 6 साल की बच्ची की मौत

दिल्ली के पश्चिमी इलाके जनकपुरी में एक दिल दहला देने वाले सड़क हादसे में 6 साल की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, 17 फरवरी की सुबह एक कार ने कथित तौर पर उस ई-रिक्शा को टक्कर मार दी जिसमें बच्ची अपनी नानी के साथ स्कूल जा रही थी। हादसा जनकपुरी फायर स्टेशन के पास हुआ, टक्कर के बाद ई-रिक्शा पलट गया और बच्ची व उसकी नानी सड़क पर गिर गईं।

परिवार ने बताया कि टक्कर के तुरंत बाद बच्ची खून से लथपथ थी और नानी ने राहगीरों से बार-बार मदद मांगी। नानी ने कथित तौर पर कार चालक से भी आग्रह किया कि वह अपनी कार में बच्ची को अस्पताल ले चले, लेकिन परिवार का कहना है कि चालक मदद किए बिना भाग गया। बच्ची की मां ने कहा कि नानी ने 3-4 गाड़ियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन कोई नहीं रुका; आखिरकार एक नर्स और एक अन्य व्यक्ति की मदद से बच्ची को अस्पताल पहुंचाया जा सका।

हादसे के बाद इलाज और मौत: कौन-कौन से अस्पताल ले जाया गया?

पुलिस और परिवार के अनुसार, बच्ची और उसकी नानी को पहले चोटों के साथ माता चानन देवी अस्पताल ले जाया गया। बाद में दोनों को द्वारका के एक अधिक उन्नत चिकित्सा केंद्र में शिफ्ट किया गया, जहां इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। परिवार का कहना है कि यदि मदद पहले मिल जाती, तो शायद नतीजा अलग हो सकता था।

यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि शहर में तेज रफ्तार, हिट-एंड-रन जैसी प्रवृत्ति और “गोल्डन आवर” में मदद न मिलने की सच्चाई को भी उजागर करती है। परिवार की आपबीती में सबसे बड़ा दर्द यही है कि हादसे के तुरंत बाद कई लोग सामने से गुजरते रहे, लेकिन किसी ने रुककर मदद नहीं की।

पुलिस की कार्रवाई: वाहन जब्त, आरोपी चालक पकड़ा

दिल्ली पुलिस ने बताया कि उन्होंने वाहन जब्त कर लिया है और चालक को पकड़ लिया गया है। आरोपी चालक की पहचान संजीव के रूप में हुई है और उसे बुधवार को पकड़ लिया गया। पुलिस ने कहा कि गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और फायर स्टेशन व आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम का सटीक क्रम (sequence) तैयार किया जा सके।

हादसा किस समय और कहां हुआ: पुलिस स्टेटमेंट में क्या आया?

नानी मर्सी ज़ेवियर के पुलिस को दिए बयान के मुताबिक, सुबह करीब 7:40 बजे वे अपनी नातिन के साथ ई-रिक्शा में थीं। जनकपुरी फायर स्टेशन के पास एक कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी, जिससे वह पलट गया और दोनों सड़क पर गिर गईं। यह बयान जांच की मुख्य कड़ी है और CCTV व अन्य गवाहों से इसे क्रॉस-वेरिफाई किया जा रहा है।

पड़ोसियों की याद: “बहुत खुशमिजाज बच्ची थी”

इलाके के लोगों ने बच्ची को “खुशमिजाज और चंचल” बताया। पड़ोसियों के अनुसार, नानी रोज उसे स्कूल छोड़ती थीं और वापस भी ले आती थीं। बच्ची की एक बड़ी बहन भी थी और परिवार माता-पिता व दादा-दादी के साथ रहता था। ऐसी घटनाएं एक परिवार की पूरी दुनिया को पलट देती हैं—यह बात लोगों की प्रतिक्रियाओं में झलकती है।

जनकपुरी में सड़क सुरक्षा पर सवाल: हाल की दूसरी घटना भी चर्चा में

यह हादसा ऐसे समय सामने आया है जब जनकपुरी में ही कुछ हफ्ते पहले एक 25 साल के बाइक सवार की मौत की खबर भी आई थी। उस मामले में बताया गया था कि उसकी मोटरसाइकिल दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए एक गड्ढे में गिर गई थी (5-6 फरवरी की रात)। इससे इलाके में सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और रोड वर्क्स की निगरानी जैसे मुद्दे फिर से बहस में आ गए हैं।

एक नजर में: केस की मुख्य जानकारी

तालिका: जनकपुरी हादसा — जरूरी तथ्य

बिंदुजानकारी
पीड़ित6 साल की बच्ची 
तारीख/समय17 फरवरी, सुबह लगभग 7:40 बजे 
स्थानजनकपुरी फायर स्टेशन के पास, पश्चिमी दिल्ली 
क्या हुआतेज रफ्तार कार की टक्कर से ई-रिक्शा पलटा 
अस्पतालपहले माता चानन देवी अस्पताल, फिर द्वारका में शिफ्ट 
पुलिस कार्रवाईवाहन जब्त, आरोपी चालक संजीव पकड़ा; CCTV जांच जारी 

क्या सीख मिलती है: मदद करने में देरी क्यों जानलेवा बन जाती है?

यह घटना “गोल्डन आवर” की वास्तविकता बताती है—हादसे के तुरंत बाद अगर पीड़ित को समय पर मेडिकल मदद मिले, तो कई बार जान बच सकती है। परिवार का दर्द यह है कि उन्होंने मदद मांगी, लेकिन लोग रुकने से डरते या बचते रहे। इसी वजह से सड़क दुर्घटनाओं में “बाइस्टैंडर हेल्प” और त्वरित एम्बुलेंस/पुलिस रिस्पॉन्स बेहद जरूरी हो जाता है।

साथ ही, यह केस तेज रफ्तार, जिम्मेदारी से भागने (हिट-एंड-रन) और ई-रिक्शा जैसे हल्के वाहन की सुरक्षा पर भी सवाल उठाता है। पुलिस की CCTV-आधारित जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि टक्कर किस स्पीड और किस एंगल से हुई, और चालक का व्यवहार क्या था।

FAQs (5)

  1. जनकपुरी हादसा कब और कहां हुआ?
    यह हादसा 17 फरवरी की सुबह जनकपुरी फायर स्टेशन के पास हुआ; नानी के बयान के मुताबिक समय करीब 7:40 बजे था।
  2. हादसे में किसकी मौत हुई?
    एक 6 साल की बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई।
  3. परिवार ने चालक पर क्या आरोप लगाया?
    परिवार का कहना है कि कार चालक ने ई-रिक्शा को टक्कर मारने के बाद मदद नहीं की और भाग गया, जबकि नानी ने अस्पताल ले जाने की गुहार लगाई थी।
  4. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    पुलिस ने वाहन जब्त किया है और आरोपी चालक की पहचान संजीव के रूप में कर उसे पकड़ा है; गवाहों के बयान और CCTV फुटेज की जांच चल रही है।
  5. बच्ची को किन अस्पतालों में ले जाया गया था?
    बच्ची और उसकी नानी को पहले माता चानन देवी अस्पताल ले जाया गया और फिर द्वारका के एक अधिक उन्नत चिकित्सा केंद्र में शिफ्ट किया गया, जहां बच्ची की मौत हो गई।

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