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तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक : नितिन गडकरी ने दिया ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश

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3rd BRICS Transport Ministers' Meeting: Nitin Gadkari conveys the message of 'Vasudhaiva Kutumbakam'
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साझा भविष्य के लिए सहयोग पर दिया जोर

नई दिल्ली / नागपुर : केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वैश्विक परिवहन के भविष्य को नया रूप देने के लिए ब्रिक्स (BRICS) देशों के बीच एक गहरे और मजबूत सहयोग का आह्वान किया है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत नागपुर में आयोजित ‘तीसरे ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक’ में उद्घाटन भाषण देते हुए उन्होंने कहा कि इस समूह की सामूहिक शक्ति नवाचार, साझेदारी और साझा जिम्मेदारी के माध्यम से एक सतत, लचीली और भविष्य के लिए तैयार परिवहन प्रणाली का निर्माण कर सकती है।

बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के परिवहन मंत्रियों, प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत करते हुए केंद्रीय मंत्री ने इसे उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

‘मानवता सर्वोपरि’ दृष्टिकोण और भारत की अध्यक्षता

नितिन गडकरी ने उल्लेख किया कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का मुख्य विषय “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” है। यह विषय भारत के सनातन दर्शन ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (विश्व एक परिवार है) से प्रेरित है, जो एक जन-केंद्रित और “मानवता सर्वोपरि” दृष्टिकोण को दर्शाता है।

“ब्रिक्स देश दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में यह समूह स्वच्छ, सुरक्षित, स्मार्ट और कुशल परिवहन प्रणालियों के विकास का नेतृत्व करने के साथ-साथ सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में पूरी तरह सक्षम है।”

नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री

परिवहन क्षेत्र में भारत की अभूतपूर्व प्रगति

परिवहन को देश के आर्थिक विकास की रीढ़ बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने सड़क, रेल, समुद्री और विमानन क्षेत्रों में भारत की तीव्र प्रगति का खाका पेश किया:

  • सड़क नेटवर्क: भारत अब विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क बन चुका है। दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा, सोनमर्ग सुरंग और 10,000 किलोमीटर से अधिक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं इसका उदाहरण हैं। बुनियादी ढांचे में निजी निवेश जुटाने के लिए हाइब्रिड एनयूटी मॉडल (HAM) बेहद सफल रहा है।
  • रेलवे का आधुनिकीकरण: ब्रॉड-गेज नेटवर्क का लगभग 100% विद्युतीकरण, वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और नया पंबन ब्रिज भारतीय रेलवे की नई पहचान बन चुके हैं।
  • समुद्री और विमानन क्षेत्र: ‘मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047’, ई-नाविक, ई-समुद्र और ग्रीन शिपिंग जैसी डिजिटल पहलों ने लॉजिस्टिक्स क्षमता को बढ़ाया है। वहीं, ‘उड़ान’ (UDAN) योजना ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत किया है।

उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की सराहना की, जिसने बुनियादी ढांचा योजना में क्रांति लाकर लॉजिस्टिक्स लागत को कम किया है और परियोजनाओं को गति दी है।

सुरक्षा और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी

नितिन गडकरी ने जोर देकर कहा कि सुरक्षा और स्थिरता भारत की नीतियों के मूल में हैं। उन्होंने इसके लिए कुछ प्रमुख पहलों का जिक्र किया:

  1. पीएम-राहत योजना: सड़क दुर्घटना पीड़ितों के कैशलेस (नकद रहित) उपचार के लिए।
  2. पर्यावरण अनुकूल निर्माण: सड़क निर्माण में रिसाइकिल्ड प्लास्टिक कचरा, म्यूनिसिपल वेस्ट, फ्लाई ऐश, स्टील स्लैग और पुराने टायरों का उपयोग।
  3. सुरक्षा नवाचार: पर्यावरण के अनुकूल बांस के क्रैश बैरियर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल।

साझा चुनौतियों के लिए सामूहिक समाधान का आह्वान

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण, ट्रैफिक जाम, कार्बन उत्सर्जन, सड़क सुरक्षा और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी जैसी चुनौतियां सभी ब्रिक्स देशों में साझा हैं। भारत इन चुनौतियों से निपटने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक परिवहन, वैकल्पिक ईंधन और डिजिटल परिवहन प्रणालियों के क्षेत्र में ज्ञान साझा करने, तकनीकी सहयोग और संयुक्त अनुसंधान के लिए पूरी तरह तैयार है।

निष्कर्ष :

गडकरी ने विश्वास व्यक्त किया कि इस बैठक के विचार-विमर्श से ब्रिक्स देशों का आपसी सहयोग और मजबूत होगा। उन्होंने सभी सदस्य देशों से एक ऐसे समृद्ध भविष्य के लिए मिलकर काम करने की अपील की जो समावेशी विकास को बढ़ावा दे और पर्यावरण की रक्षा करे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

Yudhishthir Mahato is a journalist. He has been doing journalism for the past several years. He started journalism as a reporter in the year 2017. He also worked for newspapers, news portals and TV channels. Currently, along with journalism, he also does public relations work. He has done M.A in Mass Communication from Binod Bihari Mahato Koyalanchal University. He has been honored by many organizations. Apart from this, he also writes songs and poems.

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