धनबाद: धनबाद सदर अंचल अधिकारी (CO) द्वारा सरकारी भूमि से संबंधित दावा एवं आपत्ति आमंत्रित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण आम-सूचना जारी की गई है। इसके तहत पाण्डरपाला मौजा की गैराबाद खाते की भूमि से जुड़े लोगों को अपनी वैधता साबित करने का अवसर दिया गया है।
मौजा पाण्डरपाला की भूमि का पूरा विवरण
जारी सूचना के अनुसार, संबंधित भूमि का विवरण इस प्रकार है:
- अंचल : धनबाद सदर
- मौजा : पाण्डरपाला (मौजा संख्या–04)
- पुराना खाता संख्या : 98
- पुराना प्लॉट संख्या : 227 एवं 228 (वर्तमान प्लॉट संख्या–239)
- कुल रकवा : 01 एकड़ 91 डिसमिल
- वर्तमान स्थिति : यह भूमि वर्तमान में बिहार सरकार के नाम से हाल सर्वे खतियान में दर्ज है, जो गैराबाद खाते की भूमि है।
ऑनलाइन पंजी-II में अंकित 09 व्यक्तियों के नाम और रकबा
जांच के दौरान उक्त सरकारी भूमि से संबंधित कुल 09 व्यक्तियों के नाम ऑनलाइन पंजी-II में अंकित पाए गए हैं, जिनका विवरण निम्नलिखित है:
| क्र.सं. | नाम (पंजी-II के अनुसार) | पिता/पति का नाम | संबंधित रकबा |
| 1 | शिव नाथ गोप व दशरथ गोप | पिता- स्व. जयलाल गोप | 01 एकड़ 39 डिसमील |
| 2 | महेन्द्र प्रसाद यादव | पिता- स्व. लक्ष्मी प्रसाद यादव | 4.95 डिसमील |
| 3 | प्रियंका राय | पति- अशोक कुमार राय | 6.60 डिसमील |
| 4 | अमृता प्रकाश | पति- संजय प्रकाश | 13.20 डिसमील |
| 5 | देवनन्दन प्रसाद यादव | पिता- विन्देश्वरी प्रसाद यादव | 4.95 डिसमील |
| 6 | रजनी कुमार सिन्हा | पिता- स्व. हीरा लाल | 9.76 डिसमील |
| 7 | अमृता प्रकाश | पति- संजय प्रकाश | 3.30 डिसमील |
| 8 | रूबी कुमारी | पति- जनार्दन सिन्हा | 6.60 डिसमील |
| 9 | नीतिका सिंह | पिता- स्व. सुरेन्द्र कुमार सिंह | 2.47 डिसमील |
भूमि सुधार अधिनियम की धारा 4(H) के तहत होगी कार्रवाई
इस मामले में बिहार (झारखंड) भूमि सुधार अधिनियम, 1950 की धारा 4(H) के अंतर्गत कार्रवाई की जानी है।
दावा/आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया:
यदि किसी व्यक्ति, संस्था अथवा पक्षकार को उक्त भूमि पर किसी भी प्रकार का दावा या आपत्ति दर्ज करानी हो, तो वे इस सूचना के प्रकाशन की तिथि से 15 (पंद्रह) दिनों के भीतर अपने दावे से जुड़े सभी आवश्यक साक्ष्य और अभिलेखों (दस्तावेजों) के साथ अंचलाधिकारी, धनबाद सदर कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकते हैं।
समय सीमा समाप्त होने पर स्वतः होगी कार्रवाई
अंचल अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित 15 दिनों की अवधि समाप्त होने के बाद प्राप्त किसी भी आवेदन, दावा या आपत्ति पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। यदि तय समय सीमा के भीतर कोई दावा प्राप्त नहीं होता है, तो कार्यालय में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर एकतरफा विधिसम्मत कार्रवाई और आगे की अनुशंसा कर दी जाएगी।
जिला प्रशासन ने संबंधित सभी पक्षों से अपील की है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए निर्धारित समयावधि के भीतर अपने वैध दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष निश्चित रूप से प्रस्तुत करें।
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