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भारत के टैरिफ-सब्सिडी से चीन भड़का: WTO केस दाखिल, घरेलू उद्योग बचाने का जवाब क्यों?

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China vs India WTO Clash: Photovoltaic Subsidies & Tech Tariffs Under Fire
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चीन ने WTO में भारत के खिलाफ केस दायर किया – ICT प्रोडक्ट्स पर टैरिफ और फोटोवोल्टेइक सब्सिडी को अनफेयर बताया। चीनी हितों को नुकसान, WTO नियम तोड़े। भारत से तुरंत सुधार की मांग! ट्रेड टेंशन बढ़े।

WTO में चीन का भारत पर मुकदमा: अनफेयर एडवांटेज का आरोप, ट्रंप टैरिफ से प्रेरणा?

चीन ने WTO में भारत के खिलाफ केस दायर किया: ICT टैरिफ और सोलर सब्सिडी पर विवाद

19 दिसंबर 2025 को चीन के कॉमर्स मिनिस्ट्री ने घोषणा की कि उन्होंने वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (WTO) में भारत के खिलाफ केस फाइल किया है। मुद्दा दो: इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशंस टेक्नोलॉजी (ICT) प्रोडक्ट्स पर भारत के टैरिफ्स और फोटोवोल्टेइक (सोलर) सब्सिडीज। चीन का कहना है ये भारत के डॉमेस्टिक इंडस्ट्रीज को अनफेयर कॉम्पिटिटिव एडवांटेज देते हैं, चीनी हितों को नुकसान पहुंचाते हैं और WTO नियमों का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने भारत से तुरंत गलतियां सुधारने को कहा।

ये ट्रेड डिस्प्यूट बाइलेटरल रिलेशंस में नया टेंशन पैदा कर सकता। भारत-चीन ट्रेड 2024-25 में $135 बिलियन रहा, लेकिन ट्रेड डेफिसिट भारत के पक्ष में $85 बिलियन। भारत आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया से ICT व सोलर में लोकल मैन्युफैक्चरिंग बूस्ट कर रहा। PLI स्कीम्स से सब्सिडीज, इंपोर्ट्स पर टैरिफ्स – चीन के एक्सपोर्ट्स प्रभावित।

ICT टैरिफ विवाद: क्या लगाए भारत ने?

भारत ने 2023 से ICT प्रोडक्ट्स जैसे मोबाइल फोन्स, कंपोनेंट्स पर 10-20% कस्टम्स ड्यूटी बढ़ाई। AL-1 सेल्स (मोबाइल, LED) पर 15% SAFEM (सेफगार्ड) ड्यूटी। उद्देश्य: चाइनीज डंपिंग रोकना, लोकल असेंबली प्रोडक्शन बढ़ाना। 2025 में स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग 25% ग्लोबल शेयर (सैमसंग, ऐपल इंडिया शिफ्ट)। चीन का आरोप: ये WTO के ITA (इंफो टेक एग्रीमेंट) का उल्लंघन, जहां जीरो टैरिफ। भारत ने ITA एक्सटेंशन रिजेक्ट किया था।

सोलर सब्सिडी पर हमला

फोटोवोल्टेएक सब्सिडी से चीन भड़का। भारत की PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, PLI फॉर सोलर PV मॉड्यूल्स – $10 बिलियन+ इनवेस्टमेंट। डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट (DCR) से चाइनीज पैनल्स पर पाबंदी। भारत सोलर कैपेसिटी 100 गिगावॉट+ पहुंची, 2030 तक 500 GW टारगेट। चीन 80% ग्लोबल सोलर सप्लाई चेन कंट्रोल करता, भारत आत्मनिर्भर बन रहा। WTO में सब्सिडी डिस्प्यूट सेटलमेंट बॉडी (DSB) में केस।

5 FAQs

  1. चीन ने WTO में भारत पर क्यों केस किया?
    ICT टैरिफ्स और सोलर सब्सिडीज को अनफेयर एडवांटेज बताकर।
  2. ICT टैरिफ्स क्या हैं?
    मोबाइल, कंपोनेंट्स पर 10-20% ड्यूटी, चाइनीज डंपिंग रोकने को।
  3. फोटोवोल्टेइक सब्सिडी विवाद क्यों?
    PLI स्कीम्स से लोकल सोलर मैन्युफैक्चरिंग बूस्ट, चीन एक्सपोर्ट प्रभावित।
  4. WTO प्रोसेस कितना लंबा?
    कंसल्टेशंस 60 दिन, पैनल 6-12 महीने।
  5. भारत का जवाब क्या?
    WTO नियमों का पालन, नेशनल सिक्योरिटी और आत्मनिर्भरता प्रायोरिटी।
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