Home बिजनेस जयशंकर का अमेरिका को तगड़ा जवाब – स्वतंत्र फैसले लेंगे
बिजनेस

जयशंकर का अमेरिका को तगड़ा जवाब – स्वतंत्र फैसले लेंगे

Share
Jaishankar strategic autonomy, Munich Security Conference 2026
Share

म्यूनिख कॉन्फ्रेंस में EAM जयशंकर ने कहा भारत स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी से बंधा है, एनर्जी खरीद पर इंडिपेंडेंट फैसले लेगा। US के रूसी तेल बंद करने दावे पर कूटनीतिक जवाब।

रूबियो का दावा – भारत ने रूस तेल बंद करने का वादा किया: जयशंकर का स्मार्ट काउंटर

जयशंकर का म्यूनिख में तगड़ा संदेश: भारत स्वतंत्र फैसले लेगा

म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस 2026 के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ शब्दों में कहा कि भारत अपनी ‘स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी’ से पूरी तरह जुड़ा हुआ है। उन्होंने जर्मन विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल के साथ सेशन में कहा कि यह हमारी इतिहास और विकास का हिस्सा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के दावे के ठीक बाद आया यह बयान, जिसमें रूबियो ने कहा कि भारत ने US ट्रेड फ्रेमवर्क के तहत अतिरिक्त रूसी तेल खरीद बंद करने का वादा किया है। जयशंकर ने कहा कि एनर्जी कंपनियां उपलब्धता, कीमत और रिस्क देखकर फैसले लेती हैं। उन्होंने जोर दिया कि भारत हमेशा इंडिपेंडेंट माइंडेड रहेगा।

US का दावा: ट्रेड डील में रूसी तेल पर प्रतिबद्धता

US ने हाल ही में भारत के साथ इंटरिम ट्रेड एग्रीमेंट का ऐलान किया, जिसमें 25% पेनल्टी टैरिफ हटाने का वादा किया गया। राष्ट्रपति ट्रंप के एक्जीक्यूटिव ऑर्डर में कहा गया कि भारत ने रूसी तेल डायरेक्ट या इंडायरेक्ट इंपोर्ट बंद करने का कमिटमेंट दिया है। रूबियो ने म्यूनिख में दोहराया कि हमने भारत से यह आश्वासन लिया है। व्हाइट हाउस ने कहा भारत US एनर्जी प्रोडक्ट्स बढ़ाएगा। लेकिन भारत ने इसे स्पष्ट रूप से कन्फर्म नहीं किया। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा एनर्जी सोर्सिंग नेशनल इंटरेस्ट से गाइड होगी।

भारत के रूसी तेल इंपोर्ट में पहले से गिरावट क्यों?

Kpler डेटा के मुताबिक भारत का रूसी क्रूड इंपोर्ट जनवरी 2026 में 1.16 मिलियन बैरल प्रति दिन (mbpd) रहा, जो जून 2025 के 2.09 mbpd पीक से काफी कम है। यह तीन साल का सबसे निचला स्तर है। कारण हैं US सैंक्शंस का दबाव, प्राइस डायनामिक्स, सप्लाई रिस्क और डाइवर्सिफिकेशन। दिसंबर में भी 22% गिरावट आई थी। लेकिन सरकार ने इसे ट्रेड डील से लिंक नहीं किया। जयशंकर ने कहा कंपनियां कमर्शियल फैसले लेती हैं।

स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी क्या है और भारत क्यों जोर देता है?

जयशंकर ने कहा यह हमारी पॉलिटिकल स्पेक्ट्रम से कटती है। मल्टीपोलर वर्ल्ड में देश लगातार कैलकुलेशन रीकैलकुलेट करते हैं। 2022-23 से बदलाव आया है। भारत US या किसी और से सहमत न होने पर भी अपने फैसले लेगा। उन्होंने कहा डायलॉग से कॉमन ग्राउंड ढूंढेंगे। यह पोजीशन भारत की विदेश नीति का कोर है। EU के साथ FTA प्रोग्रेस पर भी बात की।

म्यूनिख कॉन्फ्रेंस में जयशंकर की अन्य मुलाकातें

जयशंकर ने G7 मंत्रियों से मिले। UN@80 एजेंडा पर भारत का सपोर्ट दोहराया। सी लाइन्स ऑफ कम्युनिकेशन, फर्स्ट रिस्पॉन्डर रोल, पोर्ट सिक्योरिटी, सबमरीन केबल्स पर भारत का योगदान बताया। BRICS प्रेसिडेंसी में भारत की भूमिका पर चर्चा। यूरोप को रूस–चीन BRICS में असहज बताया लेकिन भारत–ब्राजील जैसे देशों से इंगेजमेंट बढ़ाने को कहा।

ट्रेड डील की डिटेल्स: क्या मिला भारत को?

इंटरिम एग्रीमेंट में US ने भारत पर 25% एडिशनल टैरिफ हटा दिया। बदले में भारत ने US इंडस्ट्रियल गुड्स, फूड, एग्री प्रोडक्ट्स पर टैरिफ कम करने का वादा किया। रूल्स ऑफ ओरिजिन तय होंगे। कॉमर्स सेक्रेटरी भारत के रूसी तेल पर मॉनिटर करेगी। अगर इंपोर्ट बढ़ा तो टैरिफ वापस लग सकता है। भारत ने डिफेंस कोऑपरेशन 10 साल बढ़ाने का कमिटमेंट दिया।

विपक्ष का आरोप: क्या भारत ने ‘सरेंडर’ किया?

घरेलू स्तर पर विपक्ष ने कहा कि ट्रेड डील में भारत ने US के आगे झुका लिया। लेकिन सरकार ने इसे म्यूचुअल बेनिफिट बताया। जयशंकर का बयान इसी बहस को जवाब देता है। एनर्जी डाइवर्सिफिकेशन जारी रहेगा। रूसी तेल अभी भी भारत के कुल इंपोर्ट का बड़ा हिस्सा है। US प्रोडक्ट्स बढ़ाने से बैलेंस बनेगा।

मल्टीपोलर वर्ल्ड में भारत की पोजीशन

जयशंकर ने कहा दुनिया बदल रही है, पार्टनरशिप्स रीसेट हो रही हैं। भारत UNSC रिफॉर्म्स का समर्थन करेगा। G7 से मिलकर UN80 पर बात। BRICS चेयरमैनशिप में भारत अहम रोल निभाएगा। यूरोप के साथ FTA तेजी से आगे बढ़ेगा। यह सब स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी का हिस्सा।

क्या रूसी तेल इंपोर्ट पूरी तरह बंद होगा?

सरकार ने कन्फर्म नहीं किया। लेकिन इंपोर्ट घट रहा है। US सैंक्शंस से रिस्क बढ़ा। इंडियन रिफाइनर्स मिडिल ईस्ट, US से ज्यादा ले रहे। लेकिन कमर्शियल फैसले जारी। जयशंकर ने कहा इंडिपेंडेंट चॉइस बरकरार। आगे ट्रेंड देखना होगा।

FAQs (Hindi)

  1. प्रश्न: जयशंकर ने म्यूनिख में क्या कहा स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी पर?
    उत्तर: भारत इससे पूरी तरह जुड़ा है, एनर्जी फैसले कमर्शियल हैं, इंडिपेंडेंट चॉइस लेते रहेंगे भले सहमत न हों।
  2. प्रश्न: US ने क्या दावा किया रूसी तेल पर?
    उत्तर: रूबियो ने कहा भारत ने अतिरिक्त रूसी तेल खरीद बंद करने का कमिटमेंट दिया, ट्रंप ऑर्डर में टैरिफ हटाने का लिंक।
  3. प्रश्न: भारत का रूसी तेल इंपोर्ट जनवरी 2026 में कितना?
    उत्तर: 1.16 mbpd, तीन साल का सबसे कम, जून 2025 के 2.09 mbpd से गिरावट।
  4. प्रश्न: ट्रेड डील में भारत को क्या मिला?
    उत्तर: 25% पेनल्टी टैरिफ हटा, बदले में US गुड्स पर टैरिफ कम, डिफेंस कोऑपरेशन बढ़ा।
  5. प्रश्न: जयशंकर की G7 मुलाकातों में क्या हुआ?
    उत्तर: UN@80 सपोर्ट, सी सिक्योरिटी, BRICS रोल, EU FTA प्रोग्रेस पर चर्चा।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

पायलट शॉर्टेज से उबरेगी इंडिगो? फ्लीट रैम्प-अप के लिए 1000 हायरिंग

इंडिगो 1000 से ज्यादा पायलट्स भर्ती करेगी – ट्रेनी FO, SFO और...

TCS, Infosys पर ब्रेकिंग: AI खतरा नहीं, मौका है – मंत्री गोयल की सलाह से स्टॉक्स क्यों उछले?

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा भारतीय IT फर्म्स AI शिफ्ट के...

अमेरिका को भारत से बाइक-कार डील: हॉर्ले डेविडसन खुश, लेकिन EV कंपनियों का क्या होगा

भारत ने अमेरिका को 800-1600cc हॉर्ले डेविडसन मोटरसाइकिल पर जीरो टैरिफ, लग्जरी...