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पीयूष गोयल का बड़ा ऐलान: ओमान के साथ ट्रेड डील से लेबर प्रोडक्ट्स ड्यूटी फ्री, फार्मा रेवोल्यूशन शुरू!

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CEPA Ops in Q1, 90-Day Pharma Auto-Approval Magic!
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भारत-ओमान CEPA 3 महीने में चालू! पीयूष गोयल ने बताया, फार्मा को 90 दिन में ऑटो अप्रूवल, लेबर इंटेंसिव एक्सपोर्ट्स ड्यूटी फ्री। मोदी की ओमान यात्रा से ट्रेड बूस्ट, जानिए पूरा फायदा।

मोदी की ओमान यात्रा का फल: CEPA जल्दी लागू, फार्मा और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट में बूम आएगा?

CEPA क्या है और क्यों खास?

भारत और ओमान के बीच कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) 18 दिसंबर 2025 को साइन हुआ, जब पीएम नरेंद्र मोदी ओमान में थे। ये डील ट्रेड को दोगुना करने का मौका देगी, खासकर लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स जैसे टेक्सटाइल, ज्वेलरी और फार्मा के लिए। कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने 19 दिसंबर को कहा कि ये 3 महीने में ऑपरेशनल हो जाएगा, जो 2006 के ओमान-US डील (3 साल लगे) से बहुत तेज है।

फायदे साफ हैं: इंडियन एक्सपोर्टर्स को ओमान में ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा, जिससे कॉस्ट कम होकर कॉम्पिटिटिव एज बढ़ेगा। फार्मा के लिए तो गेम-चेंजर है – रेकग्नाइज्ड यूनिट्स को 90 दिनों में ऑटो अप्रूवल। ये मल्टी-कंट्री रेकग्निशन पर बेस्ड है, मतलब इंडिया की दवाएं ओमान मार्केट में फटाफट एंटर करेंगी।

ओमान की स्ट्रैटेजिक पोजिशन गल्फ में इसे और वैल्युएबल बनाती है। भारत का ओमान के साथ ट्रेड 2024 में $12 बिलियन से ऊपर पहुंचा, CEPA से 2028 तक $25 बिलियन का टारगेट।

पीयूष गोयल के बड़े ऐलान की डिटेल्स

पीयूष गोयल ने ब्रीफिंग में साफ कहा, “ओमान-US ट्रेड एग्रीमेंट को 3 साल लगे, लेकिन हमने लर्निंग से स्पीड-अप किया।” CEPA फोकस लेबर-इंटेंसिव एक्सपोर्ट्स पर है, जहां इंडिया स्ट्रॉन्ग है – गारमेंट्स, लेदर, हैंडलूम। ड्यूटी जीरो होने से MSMEs को बूस्ट मिलेगा।

फार्मा सेक्टर में रेवोल्यूशन: अगर इंडियन यूनिट WHO, USFDA या EMA जैसी बॉडीज से अप्रूvd है, तो ओमान में 90 दिनों में ऑटो क्लियरेंस। ये मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और प्रोडक्ट्स दोनों पर लागू। इंडिया का फार्मा एक्सपोर्ट $25 बिलियन+ का है, ओमान जैसे मार्केट्स से ग्रोथ पोटेंशियल हाई।

भारत के एक्सपोर्टर्स को क्या फायदे?

  • ड्यूटी फ्री एक्सेस: टेक्सटाइल, ज्वेलरी, इंजीनियरिंग गुड्स – ओमान इंपोर्ट का 80% कवर। 2024 ट्रेड बैलेंस इंडिया के फेवर में ($5B सरप्लस)।
  • फार्मा फास्ट-ट्रैक: 90-डे रूल से टाइम और कॉस्ट सेविंग। जेनेरिक दवाओं का एक्सपोर्ट बूस्ट।
  • MSME बूस्ट: छोटे बिजनेस को गल्फ मार्केट एंट्री आसान, जॉब्स क्रिएशन।
  • लॉजिस्टिक्स इम्प्रूवमेंट: ओमान पोर्ट्स से री-एक्सपोर्ट आसान।

5 FAQs

  1. भारत-ओमान CEPA कब लागू होगा?
    3 महीने के अंदर, पीयूष गोयल के अनुसार। 18 दिसंबर को साइन, तेज इम्प्लीमेंटेशन।
  2. फार्मा कंपनियों को क्या फायदा?
    90 दिनों में ऑटो अप्रूवल रेकग्नाइज्ड यूनिट्स को। मैन्युफैक्चरिंग और प्रोडक्ट्स दोनों।
  3. कौन से प्रोडक्ट्स ड्यूटी फ्री?
    लेबर-इंटेंसिव जैसे टेक्सटाइल, ज्वेलरी, लेदर। ओमान इंपोर्ट का बड़ा हिस्सा।
  4. मोदी की ओमान विजिट का रिजल्ट?
    CEPA साइनिंग, ट्रेड बूस्ट। गल्फ रिलेशंस स्ट्रॉन्गर।
  5. पिछली डील से क्या लर्निंग?
    ओमान-US 2006 डील को 3 साल लगे, इंडिया ने स्पीड-अप किया।
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