बिजनौर । हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के ग्राम मंडोरा जट में दर्ज कराई गई लूट की सनसनीखेज घटना पुलिस जांच के दौरान पूरी तरह पलट गई। स्वाट, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में यह स्पष्ट हुआ कि जिस महिला ने खुद को लूट का शिकार बताया था, वही इस कथित वारदात की मुख्य सूत्रधार निकली।
7 फरवरी को दी गई शिकायत में बताया गया था कि दिनदहाड़े एक पुरुष और एक महिला ने घर में घुसकर अलमारियों के ताले तोड़े, बहू पर चाकू से हमला किया और सोने-चांदी के आभूषण लूटकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ, वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और तत्काल जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस को शिकायतकर्ता शिवानी के बयानों में कई विरोधाभास मिले। कॉल डिटेल, तकनीकी साक्ष्य और घटनास्थल की गहन पड़ताल के बाद जब पूछताछ की गई तो तथ्य सामने आने लगे। पुलिस के अनुसार, किसी बाहरी लुटेरे के आने के प्रमाण नहीं मिले।
पूछताछ में यह सामने आया कि घर से आभूषण स्वयं निकाले गए थे और संदेह से बचने के लिए लूट की झूठी कहानी बनाई गई। घटना को वास्तविक दिखाने के उद्देश्य से हल्की चोट भी दर्शाई गई थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आभूषणों को छिपाने में महिला के भाई गोलू उर्फ पंकज और मां संजो देवी ने सहयोग किया। जेवरातों को गांव से बाहर गन्ने के खेत में छिपाया गया था। बताया गया कि यह योजना पारिवारिक आवश्यकता, विशेषकर शादी से जुड़ी जरूरतों के कारण बनाई गई थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए आभूषण, चाकू, अलमारी तोड़ने का उपकरण और मोटरसाइकिल बरामद कर लिया हैं। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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