Home एजुकेशन चीन के Tiangong Mission में युवा विज्ञानिक और चूहों का योगदान
एजुकेशन

चीन के Tiangong Mission में युवा विज्ञानिक और चूहों का योगदान

Share
Tiangong Space Mission
Share

चीन के Tiangong Mission में शामिल 32 वर्षीय युवा अंतरिक्षयात्री व चार ट्रेन किए गए प्रयोगशाला चूहे। जानिए इस मिशन का वैज्ञानिक महत्व।

चीन के Tiangong Mission पर युवा अंतरिक्षयात्री और प्रयोगशाला चूहे

चीन ने हाल ही में Tiangong Mission पर अपने नए मिशन शेनझो-21 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। इस मिशन में तीन युवा अंतरिक्षयात्री और चार प्रशिक्षित प्रयोगशाला चूहे शामिल हैं जो लगभग छह महीने तक शोध एवं प्रयोग करेंगे।

मिशन का परिचय और उद्देश्य

शेनझो-21 अंतरिक्षयान जिउकुआन सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से लॉन्च किया गया। मिशन का लक्ष्य लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने और जैविक परिवर्तनों का अध्ययन करना है, जिससे भविष्य के चंद्र और मंगल मिशनों की तैयारी हो सके।

युवा अंतरिक्षयात्री

  • वु फी, 32 साल के, चीन के सबसे युवा अंतरिक्ष यात्री हैं।
  • इनके साथ अनुभवी ज़ांग लु और ज़ांग होंगझांग शामिल हैं।
  • मिशन में छह माह रहेंगे और वे रखरखाव, अंतरिक्ष चालन और अनुसंधान कार्य करेंगे।

प्रयोगशाला चूहे और उनका महत्व

  • 300 उम्मीदवारों में से 60 दिन की ट्रेनिंग के बाद चुने गए चार काले चूहे।
  • इनका प्रयोग हड्डी के नुकसान और मांसपेशियों में परिवर्तनों को समझने के लिए किया जाएगा।
  • कैद बॉक्स में उनकी गतिविधियों पर कैमरे और सेंसर से निगरानी रहेगी।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से मिशन का महत्व

यह मिशन चीन के अंतरिक्ष अनुसंधान क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यहाँ किए जाने वाले बायोलॉजिकल प्रयोग मानव जीवन की पृथ्वी के बाहर सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।

भविष्य के लक्ष्यों की रूपरेखा

  • आगामी वर्षों में तियांगोंग पर और भी बायोलॉजिकल प्रयोग होंगे।
  • शोध के नतीजे एलियन ग्रहों पर मानव अस्तित्व के लिए सहायक सिद्ध होंगे।
  • वु फी के मिशन से चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम में नई पीढ़ी का आगमन हुआ है।

FAQs

  1. Tiangong Mission कौन सा मिशन है?
  • यह चीन का अंतरिक्ष स्टेशन मिशन है जिसमें मानव और वैज्ञानिक प्रयोग होते हैं।
  1. इस मिशन में कितने अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं?
  • तीन अंतरिक्ष यात्री हैं, जिनमें वु फी सबसे युवा हैं।
  1. प्रयोगशाला चूहों का मिशन में क्या योगदान है?
  • वे मांसपेशियों और हड्डियों के बदलावों का अध्ययन करेंगे।
  1. मिशन का उद्देश्य क्या है?
  • लंबी अवधि के अंतरिक्ष प्रवास और जैविक बदलावों का वैज्ञानिक अध्ययन।
  1. तियांगोंग मिशन का भविष्य क्या है?
  • और अधिक बहु-विषयक प्रयोगों के लिए इसे विकसित किया जाएगा।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Pariksha Pe Charcha 2026 Highlights: PM मोदी के 10 गोल्डन Tips, एग्जाम स्ट्रेस खत्म!

Pariksha Pe Charcha 2026 Highlights: PM मोदी के मुख्य बिंदु- स्किल्स+मार्क्स बैलेंस,...

Pariksha Pe Charcha आज: पीएम से परीक्षा तनाव दूर करने के टिप्स – मिस न करें!

Pariksha Pe Charcha2026 आज 6 फरवरी सुबह 10 बजे लाइव। पीएम मोदी...

UPSC CSE 2026 नोटिफिकेशन जारी: 933 पोस्ट्स पर IAS-IPS बनने का सुनहरा मौका, जल्दी अप्लाई करें!

UPSC CSE 2026 नोटिफिकेशन जारी: 933 सिविल सर्विसेज पोस्ट्स के लिए आवेदन...

India’s Largest Raid Saga:36 Machines, 10 Days, ₹352 Cr:आयकर रेड का खौफनाक राज खुला!

India’s Largest Raid Saga: ओडिशा की बौध डिस्टिलरी पर 10 दिन का...