धनबाद । उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने अपने कार्यालय कक्ष में मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना की समीक्षा की।
योजना के अंतर्गत लाभुकों के पक्ष में राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र क्रय के निमित्त डाकघर को उपलब्ध कराई गए राशि के विरुद्ध अव्यवहृत राशि को सरकारी खजाने में जमा करने की स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेह कश्यप ने बताया कि वर्ष 2011 में प्रारंभ एवं वर्ष 2019 में बंद हुई मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना के तहत पोस्ट ऑफिस के माध्यम से प्रति लाभुक बालिका के नाम प्रतिवर्ष 6000 रुपये का राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र पांच साल तक जारी किया जाता था। पोस्ट ऑफिस द्वारा लगभग 22 करोड़ रुपये का एनएससी निर्गत नहीं किया गया है। वहीं विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना बंद हो जाने के कारण अब विभाग को एनएससी की आवश्यकता नहीं है तथा उक्त राशि सरकारी खाते में जमा कराई जानी चाहिए।
दूसरी ओर, डाक विभाग ने कहा कि उपलब्ध डाटा आपस में नहीं मिल रहा है, दोनों पक्षों के बीच गणना (कैलकुलेशन) में अंतर है, जिसके कारण राशि को लेकर असहमति बनी हुई है।
इस मुद्दे के समाधान हेतु उपायुक्त ने 10 मार्च को जिला समाज कल्याण विभाग एवं डाक विभाग के बीच आंतरिक बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। जिसमें अभिलेखों एवं आंकड़ों का मिलान कर स्थिति स्पष्ट की जाएगी। इसके उपरांत 15 मार्च को उपायुक्त के साथ बैठक कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा तथा विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में उपायुक्त आदित्य रंजन, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेह कश्यप, डाक अधीक्षक, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी उपस्थित थे।
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