धनबाद । गुरुवार को दलित समाज के लोगों ने रणधीर वर्मा चौक पर डुमरी विधायक जयराम महतो के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने उनका पुतला दहन कर अपने गहरे रोष और असंतोष को व्यक्त किया।
यह विरोध विशेष रूप से विधायक जयराम महतो द्वारा सूड़ी समाज को अनुसूचित जाति (SC) में शामिल करने की मांग के खिलाफ किया गया। दलित समाज के लोगों ने इस मांग को पूरी तरह अनुचित,असंवैधानिक और अपने अधिकारों के खिलाफ बताया।
दलित समाज के लोगों का कहना है कि सूड़ी समाज को अनुसूचित जाति (SC) श्रेणी में किसी भी परिस्थिति में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। इसके पीछे ठोस सामाजिक और ऐतिहासिक आधार हैं। सूड़ी समाज एक सर्वसंपन्न एवं सशक्त समाज है, जो न तो सामाजिक रूप से वंचित रहा है और न ही उसे वह ऐतिहासिक उत्पीड़न झेलना पड़ा है।जिसका सामना अनुसूचित जाति समाज के लोगों ने हजारों वर्षों तक किया है।
अनुसूचित जाति समाज सदियों से छुआछूत, जातिगत भेदभाव, शोषण और अपमान का शिकार रहा है। आज भी यह समाज अपने अधिकार, सम्मान और बराबरी की जगह पाने के लिए निरंतर संघर्ष कर रहा है।ऐसे में किसी ऐसे समाज को, जो इन परिस्थितियों से नहीं गुज़रा है, SC श्रेणी में शामिल करना न केवल अन्यायपूर्ण होगा, बल्कि लाखों दलितों के अधिकारों का हनन भी होगा।
साथ ही यह भी उल्लेखनीय है कि सूड़ी समाज को वर्तमान में CNT (छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम) के तहत भी वह दर्जा प्राप्त नहीं है, जो वास्तविक रूप से वंचित और संरक्षित वर्गों को दिया जाता है। इसलिए इसे SC श्रेणी में शामिल करने की मांग पूरी तरह निराधार और अनुचित है।
दलित समाज के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में मांग किया कि विधायक जयराम महतो तत्काल अपने इस बयान और मांग को वापस लें तथा दलित समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
साथ ही यह स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही इस विषय पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो दलित समाज अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक और निर्णायक आंदोलन करने को बाध्य होगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों की होगी।
मौके पर विकास हरि, दिनेश दास, विक्की हरि, सचिन दास, आदर्श पासवान, रौनक पासवान, बंटी हाड़ी, समीर दास, सोनू दास, चन्दन दास, अमन दास, रंजीत दास, आयुष दास एवं अन्य मौजूद रहें।
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