प्रतिरक्षा प्रणाली को संक्रमण से लड़ने के लिए तैयार करता है टीका – सिविल सर्जन
14 वर्ष से अधिक व 15 वर्ष से कम आयु की 31000 बच्चियों को टीका लगाने का लक्ष्य।
धनबाद । ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण के खिलाफ लड़ने के लिए एचपीवी टीकाकरण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को तैयार करता है। यह एक ‘कैंसर-निवारक’ वैक्सीन है, जो वायरस के संक्रमण को होने से पहले ही रोकता है।
उपरोक्त बातें सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा ने उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में बताई। उन्होंने कहा कि 30 मार्च 2026 से जिले के सदर अस्पताल एवं सभी आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अभियान की शुरुआत होगी, जो 29 जून 2026 तक चलेगा। इसमें जिले की 14 वर्ष से अधिक एवं 15 वर्ष से कम आयु की 31000 बच्चियों को टीका देने का लक्ष्य है।
उन्होंने इस आयु वर्ग की बच्चियों के अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण टीका है, जो ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से बचाव करता है। यह वायरस सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) सहित अन्य जननांग कैंसर और मस्सों का मुख्य कारण है। यह लड़कियों के लिए अत्यधिक अनुशंसित है और यौन रूप से सक्रिय होने से पहले लगवाना सबसे प्रभावी है। यह टीका शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को एचपीवी संक्रमण के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार करता है। यह एक ‘कैंसर-निवारक’ वैक्सीन है, जो वायरस के संक्रमण को होने से पहले रोकता है।
प्रेस वार्ता में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के एसएमओ डॉ दीपक कुमार ने बताया कि यह टीका बहुत सुरक्षित है और इसके साइड इफेक्ट्स बहुत कम या न के बराबर हैं। यह टीका एचपीवी संक्रमण होने के बाद काम नहीं करता है, इसलिए इसे यौन रूप से सक्रिय होने से पहले लगवाना ही हितकारी है। टीका लगवाने के लिए यू-वीन पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना है। तत्पश्चात टीका लेने के लिए सदर अस्पताल या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आना है।
उन्होंने बताया कि यह वैक्सीन काफी महंगा है। बाहर लगाने से इसके 2 डोज लेने पड़ते हैं। जबकि सरकार ने इसे निःशुल्क उपलब्ध कराया है। 14 वर्ष से अधिक तथा 15 वर्ष से कम आयु की बच्चियों को टीका एक डोज लगाया जाएगा।
बताया कि अध्ययन दर्शाते हैं कि एचपीवी टीका अत्यधिक प्रभावी और इम्यूनोजेनिक होते हैं। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में इनकी प्रभावशीलता 93-100% होती है। वैक्सीन प्रजनन क्षमता तथा मासिक धर्म चक्र पर भी कोई असर नहीं डालती है।
पत्रकार वार्ता में सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा, डॉ रोहित गौतम, डॉ दीपक कुमार, डीपीएम प्रतिमा कुमारी मौजूद थे।
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