झरिया के अग्नि एवं भू – धंसान से प्रभावित एवं अन्य लोगों के वैकल्पिक आजीविका हेतु नेशनल टेक्सटाइल कॉर्पोरेशन (NTC) की पहल,अधिकारियों के दल ने किया धनबाद का दौरा।
वस्त्र उद्योग के माध्यम से सम्मानजनक और स्थायी रोजगार प्रदान करने हेतु की गई विस्तृत चर्चा।
नेशनल टेक्सटाइल कॉर्पोरेशन के प्रतिनिधियों द्वारा बेलगड़िया तथा करमाटांड़ का किया गया निरीक्षण।
धनबाद । भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय के निर्देशानुसार, धनबाद के झरिया क्षेत्र रह रहे प्रभावित लोगों के स्थायी रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कपड़ा मंत्रालय द्वारा झरिया के स्थानीय निवासियों के लिए कोयला आधारित गतिविधियों के बजाय गारमेंट आधारित (वस्त्र उद्योग) वैकल्पिक आजीविका विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के क्रियान्वयन के लिए मंत्रालय ने नेशनल टेक्सटाइल कॉर्पोरेशन (NTC), जो कि कपड़ा मंत्रालय के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (PSU) है, को इस क्षेत्र में व्यापक व्यवहार्यता मूल्यांकन (Feasibility Assessment) और कौशल अंतर विश्लेषण (Skill Gap Analysis) करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
इस सर्वेक्षण और जमीनी हकीकत का जायजा लेने के लिए NTC के वरिष्ठ अधिकारियों का एक उच्च स्तरीय दल धनबाद का दौरा कर रहा है। नेशनल टेक्सटाइल कॉर्पोरेशन द्वारा बेलगड़िया तथा कर्माटांड़ का निरीक्षण किया गया।
इसी क्रम में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में बैठक आयोजित की गई। इस दौरान वस्त्र उद्योग के माध्यम से रोजगार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य झरिया की स्थानीय आबादी, जो वर्तमान में पूरी तरह से कोयला क्षेत्र पर निर्भर है, को वस्त्र उद्योग के माध्यम से सम्मानजनक और स्थायी रोजगार प्रदान करना है।यह कदम क्षेत्र के आर्थिक विविधीकरण और सामाजिक उत्थान में मील का पत्थर साबित होगा।
मौके पर महाप्रबंधक (रिटेल) NTC (मुख्यालय) विकास अग्रवाल, महाप्रबंधक (मार्केटिंग), NTC (WRO) एस.एस. वासन, महाप्रबंधक (कॉर्पोरेट सेल्स), NTC (मुख्यालय) लोकेश हस्तवाला, महाप्रबंधक (तकनीकी) अचलपुर अमित कुमार सिंह, बीसीसीएल निदेशक (तकनीकी) संजय कुमार सिंह एवं अन्य पदाधिकारी, जेआरडीए की टीम के साथ मौजूद रहे।
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