लोहरदगा । केंद्र की मोदी सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने और विपक्ष को बदनाम करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाते हुए लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने तीखा हमला बोला है।उन्होंने कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार लगातार विपक्ष को क्रिमिनल इमेज में पेश करने का प्रयास कर रही है, जो न सिर्फ दु:खद है बल्कि देश के लोकतंत्र के लिए अत्यंत खतरनाक संकेत है।महिला सांसदों को लेकर भाजपा सांसदों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे गए पत्र के संदर्भ में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री भगत ने कहा कि यह पूरी घटना भाजपा की अहंकारी, असंवेदनशील और महिला विरोधी मानसिकता को उजागर करती है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री संसद के भीतर ही खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं, तो क्या अब लोकसभा के अंदर एसपीजी की तैनाती कर दी जाए? या फिर प्रधानमंत्री के केबिन को बुलेटप्रूफ कांच से घेर दिया जाए? सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है, जहां देश की जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि अपनी बात रखते हैं। ऐसे में विपक्ष और विशेषकर महिला सांसदों पर सवाल खड़े करना न सिर्फ उनका अपमान है, बल्कि यह महिलाओं के प्रति भाजपा के घटिया सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जो बहनें और महिलाएं जनता के विश्वास से निर्वाचित होकर संसद पहुंची हैं, उन पर इस तरह के आरोप लगाना सीधे-सीधे लोकतंत्र और नारी सम्मान पर हमला है। श्री भगत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आलोचना से घबराकर विपक्ष को डराने, दबाने और बदनाम करने की नीति पर चल रही है। संसद के भीतर विपक्ष की आवाज को कुचलने के लिए कभी निलंबन, कभी आरोप और कभी चरित्र हनन जैसे हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकतंत्र सरकार की जागीर नहीं है। संसद में सवाल पूछना, सरकार से जवाब मांगना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है। इसे अपराध की तरह पेश करना बेहद शर्मनाक है। अंत में सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि कांग्रेस और समूचा विपक्ष इस तरह की तानाशाही प्रवृत्ति के खिलाफ चुप नहीं बैठेगा और लोकतंत्र, संविधान तथा महिला सम्मान की रक्षा के लिए हर मंच पर संघर्ष जारी रहेगा।
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