Home झारखण्ड प्रधानाध्यापक और शिक्षक ने आदिवासी बच्चे के शैक्षणिक भविष्य को बचाने में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका।
झारखण्डराज्य

प्रधानाध्यापक और शिक्षक ने आदिवासी बच्चे के शैक्षणिक भविष्य को बचाने में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका।

Share
Share

फॉर्म भराने का संकल्प लेकर दुर्गम रास्ते से पहुंचे बच्चे के गांव, भराया परीक्षा का फॉर्म।

धनबाद । हीरापुर के तेलीपाड़ा में अवस्थित राजकीयकृत मध्य विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार कर्ण और सहायक शिक्षक राज कुमार वर्मा ने एक आदिवासी बच्चे का शैक्षणिक भविष्य बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों उस बच्चे की खोज में दुर्गम रास्ते से मोटरसाइकिल और पैदल यात्रा कर उसके गांव पहुंचे। बच्चे से मिले। उसे आगे पढ़ने के लिए प्रेरित किया। अंततः बच्चे ने परीक्षा का फॉर्म भर दिया।

इसकी जानकारी देते हुए श्री कर्ण एवं श्री वर्मा ने बताया कि उनकी विद्यालय में कक्षा 8 की जैक बोर्ड परीक्षा का फॉर्म भरा जा रहा है। जिसमें सभी बच्चों का फॉर्म कुछ दिनों पूर्व तक भरा जा चुका था। परंतु कक्षा 8 में अध्ययनरत एक छात्र प्रमाण मरांडी, जो कुछ माह पूर्व तक विद्यालय आता था, परंतु विगत लगभग चार पांच माह से विद्यालय नहीं आ रहा था। प्रयास कार्यक्रम के अंतर्गत अनेक प्रयास किए गए। परंतु विद्यालय में अंकित उसका पता और मोबाइल नंबर दोनों निष्काम थे।

उन्होंने बताया कि कक्षा 8 का फॉर्म भरे जाने की अंतिम तिथि में कुछ ही दिन बचे हैं। इस आलोक में प्रभारी प्रधानाध्यापक तथा सहायक शिक्षक ने उसे ढूंढकर कक्षा 8 के फॉर्म भरने की ठानी।

जानकारी मिली कि बच्चे के बड़े भाई प्रेम मरांडी ने उच्च विद्यालय धनबाद में दसवीं बोर्ड की परीक्षा का फॉर्म भरा है। उक्त विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजेश कुमार एवं लिपिक सुरेंद्र कुमार से उसके फॉर्म का डीटेल प्राप्त किया। जो मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया गया था वह नंबर भी निष्काम हो गया था। उसने भी स्थानीय पता तेलीपाड़ा, हीरापुर लिखाया था। परंतु स्थाई पता महतोटांड़ राजगंज, धनबाद लिखाया था।

उसी आलोक में दिलीप कुमार कर्ण और राज कुमार वर्मा ने उक्त बच्चे तक इस सोच के साथ पहुंचने की ठानी ताकि कक्षा 8 का छात्र प्रमाण मरांडी कक्षा 8 का फॉर्म भर कर आगे की शिक्षा हासिल करे और कक्षा 10 का छात्र प्रेम मरांडी आगामी 15 जनवरी से प्रारंभ हो रहे प्री बोर्ड की परीक्षा में शामिल हो सके।

महज एक छोटी सी जानकारी के आधार पर दोनों ने राजगंज क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों से लोकेशन की जानकारी ली। पुनः राजगंज से आगे एक बाइक से ही लगभग 4 किलोमीटर दूर जाने के बाद दाईं ओर पहाड़ की तलहटी में स्थित महतो टांड़ पहुंचे। वहां जानकारी मिली कि उक्त गांव में करमचंद मरांडी (प्रेम मरांडी और प्रमाण मरांडी के पिता) नहीं रहते बल्कि गांव से दूर एक कोने में रहते हैं। बिना किसी रास्ते के किसी तरह उनके घर पहुंचे। घर में प्रेम मरांडी और उसकी माता पनसुखी देवी से और उनके चाचा से मुलाकात हुई। उनकी माता दोनों के गांव आने का प्रयोजन जानकर काफी खुश हुई। उस समय प्रमाण मरांडी घर पर नहीं था। फॉर्म के प्रपत्र पर माता से हस्ताक्षर (अंगूठे का छाप) करवाने के बाद प्रेम मरांडी को लेकर दोनों प्रमाण मरांडी को ढूंढने निकल पड़े।

लगभग 2 किलोमीटर दूर पहाड़ के नीचे जंगल में वह क्रिकेट खेलता दिख गया। पहले तो वह सबको देखकर सहमा। परंतु आने का प्रयोजन को समझकर खुश हो गया। उसकी बातों से समझ में आया कि वो आगे की पढ़ाई के प्रति समर्पित तो है परन्तु घरेलू परिस्थितियां उसे मजबूर कर रही हैं।

उसे तेलीपाड़ा पुनः आने को कहा और कक्षा 8 की बोर्ड परीक्षा तक उसके लिए आवासन, भोजन आदि की वैकल्पिक व्यवस्था भी की। बोर्ड परीक्षा के फॉर्म पर हस्ताक्षर, फोटो आदि लेने के पश्चात कक्षा 10 के प्रेम मरांडी को भी 15 तारीख से प्रारंभ होने वाली प्री टेस्ट परीक्षा में शामिल होने का जोर दिया। उच्च विद्यालय धनबाद के लिपिक सुरेंद्र जी से बात कराई और परीक्षा का कार्यक्रम उपलब्ध करवाया।

करमचंद मरांडी की पारिवारिक परिस्थितियां ऐसी नहीं है कि वो अपने बच्चों के लिए मोबाइल, आवागमन हेतु राशि, अध्ययन के अन्य खर्चे की व्यवस्था कर सकें। इसपर दोनों शिक्षकों ने यहां तक भी कहा कि मोबाइल रिचार्ज अभी कर देते हैं पर उन्होंने बताया कि मोबाइल ही खराब है।

वहीं राजगंज से घर आते ही सर्वप्रथम प्रमाण मरांडी के बोर्ड परीक्षा का फॉर्म भर दिया।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

ध्वजारोहण के साथ श्रीरामचरित मानस महायज्ञ अनुष्ठान का शुभारंभ।

धनबाद । शनिवार को बाघमारा प्रखंड के बौआ कला उत्तर पंचायत अंतर्गत...

खूनी नशा : एक रात,एक गुस्सा और खत्म हो गया एक रिश्ता।

कानपुर देहात । डेरापुर थाना क्षेत्र का उरसान गांव का एक साधारण...