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बाल विवाह कानून-2006 में हैं सजा का प्रावधान : डालसा

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There is provision for punishment in Child Marriage Act-2006: Dalsa
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खेरबेड़ा गांव में डालसा का जागरूकता कार्यक्रम।

पीएलवी शंकर महतो ने दी बाल विवाह कानून एवं बाल श्रम की जानकारी।

रांची : झालसा के निर्देश में न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष,जिला विधिक सेवा प्राधिकार के मार्गदर्शन में सिल्ली प्रखंड के गोड़ाडीह पंचायत के खेरबेड़ा गांव में डोर-टू-डोर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पीएलवी शंकर महतो, कौशल्या देवी, ब्रजेश कुमार माहतो, बंशीधर महतो, बंशीधर घटवार, पंकज कुमार माहतो, राजकुमार माहतो एवं अन्य उपस्थित थे।
पीएलवी शंकर महतो एवं ब्रजेश कुमार महतो ने बाल-विवाह, दहेज प्रथा, डायन बिसाही, कन्या भ्रूण हत्या इत्यादि विषय के संबंध में न्याय प्राप्त करने के बारे में जानकारी दी। कौशल्या देवी ने ग्रामीणों को डालसा के तरफ से निःशुल्क विधिक सेवा प्राप्त करने के तरीकों के बारे में बताया।
बंशीधर महतो ने मोटरवैहिकल एक्ट, बाल विवाह कानून एवं दहेज प्रथा कानून के बारे में फोकस किया। पंकज कुमार महतो ने कहा कि युवाओं को नशा से दूर रहना चाहिए। नशा से घर और परिवार दोनों नष्ट होता है। वहीं राजकुमार महतो ने कहा कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन वादकारियों के वादों को अधिवक्ताओं व मध्यस्थों के द्वारा निःशुल्क निस्तारण किया जायेगा, इसका लाभ उठावें।
पीएलवी शंकर महतो ने वृद्ध पेंशन, विधवा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, मईंया सम्मान योजना, जॉब कार्ड, प्री-लिटिगेशन वाद, कन्या भ्रूण हत्या एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची से मिलनेवाली सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।
यह भी ज्ञात हो कि एलएडीसी डिपुटी चीफ ने कन्या भ्रूण हत्या तथा इससे संबंधित कानून के बारे में भी अपने विचार रखें। इसके अलावा उन्होंने बाल विवाह कानून-2006, बाल श्रम, पोक्सो एक्ट, मानव तस्करी, शिक्षा का अधिकार, नालसा, झालसा और डालसा क्या है ? इस पर चर्चा किये।

तैयारी जोरों पर राष्ट्रीय लोक अदालत 14 मार्च को।

ज्ञात हो कि 14 मार्च को आयोजित होनेवाले राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में डालसा के पीएलवी के द्वारा जानकारी दी गयी। उन्होंने कहा कि न्यायालय में कोई भी वाद लंबित हैं, तो राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन अपने वादों का निबटरा करा सकते हैं, जिससे आपको समय व धन की बचत होगी। आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी आपराधिक सुलहनीय मामले, दीवानी से संबंधित मामले, श्रम से संबंधित वाद, वैवाहिक वाद, पारिवारिक वाद, उत्पाद से संबंधित मामले, चेक बाउंस के मामले, वन विभाग के मामले, बिजली से संबंधित मामले, ट्रैफिक चालान से संबंधित मामले साथ ही साथ भूमि अधिग्रहण, मोटरयान, माप-तौल से संबंधित वाद एवं वैवाहिक से संबंधित मामलों को चिन्हित करके पक्षकारों को नोटिस भेजा जा रहा है।

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