Home झारखण्ड 10वें दिन आदिवासी परिवार को मिला न्याय,आश्रित को प्रोविजनल नियोजन पर बनी सहमति।
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10वें दिन आदिवासी परिवार को मिला न्याय,आश्रित को प्रोविजनल नियोजन पर बनी सहमति।

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धनबाद । पुटकी कोलियरी में कार्यरत मृतक आदिवासी श्रमिक अर्जुन कोड़ा के आश्रित को नियोजन देने की मांग को लेकर बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ चल रहा आंदोलन आखिरकार सफलता के मुकाम तक पहुंच गया। झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन (JCMU) के नेतृत्व में बने संयुक्त मोर्चा के सतत और दबावपूर्ण संघर्ष के बाद त्रिपक्षीय वार्ता में आश्रित को प्रोविजनल नियोजन देने पर सहमति बनी। इसके बाद आंदोलन के 10वें दिन मृतक का शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा गया।

शुक्रवार को आंदोलन के दसवें दिन भी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले विभिन्न श्रमिक संगठनों ने पीबी एरिया के मुख्य गेट के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन के चलते पीबी एरिया कार्यालय में लगातार 10वें दिन भी ताला लटका रहा। कार्यालय परिसर में केवल सीआईएसएफ जवान तैनात दिखे, जबकि किसी भी वरीय अधिकारी की उपस्थिति नहीं रही।

आचार संहिता का तर्क खारिज, तत्काल नियोजन पर अड़ा संयुक्त मोर्चा

बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए दो माह के भीतर कागजात जमा कराने के बाद नियोजन देने के प्रस्ताव को परिजनों और यूनियनों ने सिरे से खारिज कर दिया। संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट कर दिया कि तत्काल आश्रित नियोजन से कम किसी भी शर्त को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

28 जनवरी की घटना से 10 दिन का संघर्ष

उल्लेखनीय है कि 28 जनवरी को प्रथम पाली के दौरान पुटकी कोलियरी में कार्यरत बीसीसीएल कर्मी अर्जुन कोड़ा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया था। इसके बाद 29 जनवरी से ही परिजन शव को पीबी एरिया के मुख्य द्वार के समीप रखकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान पुटकी कोलियरी क्षेत्र के सभी श्रमिक संगठनों का संयुक्त मोर्चा मजबूती से आंदोलन के साथ खड़ा रहा।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद हरकत में आया प्रशासन

झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के नेतृत्व में लगातार दबाव बनाए जाने और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद जिला प्रशासन तथा बीसीसीएल प्रबंधन हरकत में आया। इसके बाद धनबाद के हिंदी भवन में आयोजित त्रिपक्षीय वार्ता में मामले पर निर्णायक सहमति बनी।

06 मार्च 2026 तक कागजात, फिर प्रोविजनल नौकरी

वार्ता में यह निर्णय लिया गया कि पीड़ित के आश्रित दीपक कोड़ा द्वारा 06 मार्च 2026 तक आवश्यक कागजात जमा किए जाने के बाद उन्हें प्रोविजनल नौकरी प्रदान की जाएगी। इस निर्णय के साथ ही परिजन आंदोलन समाप्त करने पर सहमत हुए और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।

संयुक्त मोर्चा की निर्णायक भूमिका

इस पूरे संघर्ष में झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के जोनल अध्यक्ष उमाशंकर चौहान, जोनल उपाध्यक्ष सूरज महतो, जोनल उपाध्यक्ष रतिलाल टुडू, जोनल सचिव रामू मंडल,जोनल सदस्य अजय रवानी और राजू चौहान के नेतृत्व में पीबी एरिया के संयुक्त मोर्चा की भूमिका निर्णायक रही। यूनियन नेताओं ने इसे मजदूर एकता की जीत बताते हुए कहा कि यह आंदोलन भविष्य में भी श्रमिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रेरणा बनेगा।

यह प्रकरण झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन की संघर्षशीलता और एक आदिवासी परिवार को न्याय दिलाने की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।

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