Home लाइफस्टाइल Dance Therapy: कैसे नृत्य बनता है मन की दवा
लाइफस्टाइल

Dance Therapy: कैसे नृत्य बनता है मन की दवा

Share
Dance Therapy
Share

जानिए कैसे Dance न केवल कला बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, याददाश्त और खुशी का स्रोत है। डांस शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखता है।

Dance से बढ़ती है मन और शरीर की ऊर्जा

Dance — केवल कला नहीं, बल्कि जीवन की ऊर्जा का स्रोत है। प्रसिद्ध भारतीय नृत्यांगना अनीता रत्नम के अनुसार, डांस न केवल एक प्रदर्शन या अनुशासन है, बल्कि “मुक्ति” का माध्यम है। उनके लिए नृत्य एक जीवन-दर्शन है, जो मानसिक स्वास्थ्य, अनुशासन और आत्मविश्वास को मजबूत करता है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण: कैसे Dance मस्तिष्क को ठीक करता है
आधुनिक न्यूरोसाइंस यह साबित करती है कि मूवमेंट यानी गति से शरीर में सेरोटोनिनडोपामिन और ऑक्सीटोसिन जैसे रसायन निकलते हैं, जो मूड को अच्छा करते हैं और खुशी की भावना बढ़ाते हैं। जब हम नाचते हैं, शरीर और मन के बीच समन्वय बढ़ता है जिससे तनाव घटता और रचनात्मकता बढ़ती है।

स्मृति और एकाग्रता का संबंध
Dancers को प्रत्येक स्टेप और मुद्रा याद रखनी होती है। इससे नृत्य स्मरण शक्ति और मानसिक अनुशासन दोनों को निखारता है। अनीता रत्नम कहती हैं, “हर प्रस्तुति वर्तमान क्षण में जीने का अभ्यास कराती है।” डांस न केवल दिमाग को सक्रिय रखता है बल्कि माइंडफुलनेस को भी विकसित करता है।

Dance — मानसिक ताकत का अभ्यास
नृत्य की सुंदरता के पीछे कठिन परिश्रम, समर्पण और अनुकूलन की क्षमता छिपी होती है। चोट, समय की कमी या असफल प्रयास — इन सबके बीच डांसर हार नहीं मानता। यही गुण उसे जीवन की विषमताओं का सामना करने की ताकत देते हैं।

सहयोग और भावनात्मक बुद्धिमत्ता
डांस टीमवर्क और सहानुभूति सिखाता है। मंच के पीछे कलाकारों, संगीतकारों और डिजाइनर्स के बीच संतुलन और सहयोग की भावना मानव समाज के लिए आदर्श उदाहरण बनती है।

शरीर के प्रति कृतज्ञता
डांस शरीर की महत्ता का सम्मान करता है। अनीता रत्नम के शब्दों में — “नृत्य शरीर को वस्तु नहीं बल्कि साधन के रूप में स्वीकारता है।” यह हमें यह सिखाता है कि हम अपने शरीर की सीमाओं के बावजूद आभार व्यक्त करें।

Dance थेरेपी: मानसिक स्वास्थ्य के लिए नई राह
आज के समय में गरबाकोलकत्तासांबासाल्सा जैसे सामाजिक नृत्य ही नहीं, बल्कि शास्त्रीय नृत्य भी डिप्रेशन, चिंता और अकेलेपन से लड़ने के सफल उपकरण बन रहे हैं। रत्नम के अनुभव बताते हैं कि ताल, संगीत और मूवमेंट का मेल एक प्रभावी और आनंददायक मेंटल थेरेपी बन गया है।


नृत्य हमें केवल हिलाता नहीं, बल्कि हमें जोड़ता, चंगा करता और जीवंत बनाता है। शरीर की गति ही मन की स्थिरता का माध्यम बनती है। जैसे अनीता रत्नम कहती हैं, “अगर मैं नाच नहीं रही होती, शायद जीवन में वही दृढ़ विश्वास और खुशी नहीं पा सकती।”


FAQs:

  1. क्या Dance वाकई मानसिक स्वास्थ्य में मदद करता है?
  2. डांस से कौन से न्यूरोकेमिकल्स रिलीज होते हैं?
  3. क्या हर उम्र में डांस थेरेपी लाभकारी है?
  4. भारतीय नृत्य रूपों में कौन-कौन से मानसिक फायदे देखे गए हैं?
  5. क्या डांस स्मरण शक्ति बढ़ाता है?
  6. डांस और योग में मानसिक संतुलन के दृष्टि से क्या समानता है?

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Winter-to-Spring Wardrobe Hacks: 7 आसान स्टाइल टिप्स जो कपड़े नया कर देंगी!

Winter-to-Spring Wardrobe Hacks: लाइटवेट स्वेटर्स, पेस्टल कलर्स, बूट्स विद ड्रेसेस। लेयर्स, फैब्रिक...

Dolphin Skin Nails 2026: डेमी लोवाटो का ट्रेंड जो ब्यूटी फीड्स हिला देगा!

Dolphin Skin Nails 2026 ट्रेंड: डेमी लोवाटो इंस्पायर्ड स्मोकी ग्रे जेल पॉलिश,...

7 Statement Choli Designs जो हर दुल्हन बुकमार्क करे: वेडिंग सीजन का धमाका!

7 Statement Choli Designs: ऑफ-शोल्डर, कोर्सेट, हाई नेक, स्वीटहार्ट। लेहंगा के साथ...

Azim Premji का सफलता का दोहरा फॉर्मूला: पहले दिमाग में, फिर हकीकत में – क्या है राज?

Azim Premji का उद्धरण: “सफलता दो बार हासिल होती है। पहले दिमाग...