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Panic Attack के दौरान खुद को कैसे ग्राउंड करें

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Grounding exercise during a panic attack
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Panic Attack के दौरान खुद को ग्राउंड करने के सरल और प्रभावी तरीके जानें, जो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए हैं

Panic Attack से निपटने के लिए 5 असरदार ग्राउंडिंग तकनीकें

Panic Attack अक्सर बिना किसी चेतावनी के अचानक आ जाता है और इस दौरान व्यक्ति को सांस फूलना, चक्कर आना और घबराहट का अनुभव होता है। ऐसे में डर महसूस होना स्वाभाविक है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि यह अटैक आपके मस्तिष्क और शरीर का टूटना नहीं बल्कि आपकी तंत्रिका प्रणाली का अधिक सक्रिय होना है। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ आरूबा काबिर के अनुसार, पैनिक अटैक के समय छोटे वाक्य और शांतिपूर्ण सोच से आप इस मानसिक उथल-पुथल को तोड़ सकते हैं।

ग्राउंडिंग तकनीक आपको “क्या हो रहा है” के पक्ष में वापस लाती है, जिससे आपका मन वर्तमान में होता है और आप अपनी सांस, संवेदनाओं पर ध्यान केन्द्रित करते हैं। पैरों से फर्श पर लगना, अपने सीने पर हाथ रखना या कपड़ों की बनावट महसूस करना ये सरल उपाय हैं जो आपको वापस अपने आप में केंद्रित कराते हैं।

गहरे और धीरे-धीरे सांस छोड़ना पैनिक अटैक के दौरान सबसे अधिक लाभकारी होता है। सांस को एक सेकंड और लंबा छोड़ने का अभ्यास करें क्योंकि ऐसा करने से आपके शरीर को सुरक्षा का संदेश मिलता है और घबराहट धीरे-धीरे कम होती है।

कोल्ड ऑब्जेक्ट पकड़ना जैसे ठंडी बोतल या बर्फ के टुकड़े को हाथ में रखना आपके संवेदन तंत्र को जागृत करता है और मानसिक घुमाव को जल्दी रोकता है। ठंडा एहसास मानसिक ऊहापोह को तोड़ने में तेजी लाता है।

अपने आप से कोमल और सहायक भाषा में बात करें जैसे कि बच्चे से करते हैं। “मुझे पता है कि तुम डर रहे हो, लेकिन मैं यहाँ हूँ, तुम सुरक्षित हो।” यह स्नेही शब्द आपके शरीर की तंगी कम करने में मदद करते हैं।

पैनिक अटैक का सामना करते समय विरोध करने की बजाय इसे एक लहर के रूप में स्वीकार करें जो आती है और जाती है। जितना आप इसके खिलाफ लड़ेंगे, उतना यह और तीव्र लगेगा। अपने आप को 5-4-3-2-1 तकनीक से ग्राउंड करें: 5 चीजें देखें, 4 स्पर्श करें, 3 आवाजें सुनें, 2 चीजों को सूंघें और 1 स्वाद को महसूस करें।

अटैक के बाद अपने शरीर को आराम दें, पानी पीएं और किसी नरम स्थान पर बैठ जाएं। खुद के प्रति दयालु रहें और रिकवरी के लिए समय दें।

पैनिक अटैकों से बचाव के लिए नियमित ग्राउंडिंग अभ्यास और माइंडफुल ब्रीथिंग कारगर हैं। साथ ही ट्रिगर्स को पहचानना और उनसे बचना भी आवश्यक है। यदि बार-बार अटैक होते हैं तो विशेषज्ञ सलाह लेना चाहिए।

FAQs

  1. पैनिक अटैक क्या होता है?
    पैनिक अटैक अचानक आने वाली घबराहट और शारीरिक प्रतिक्रियाएँ होती हैं, जिससे सांस फूलना, दिल तेज धड़कना जैसी समस्याएं होती हैं।
  2. ग्राउंडिंग तकनीक क्या है?
    ग्राउंडिंग तकनीक से आपका ध्यान वर्तमान में आता है जिससे आप भय और घबराहट से दूर रहते हैं।
  3. पैनिक अटैक के दौरान सांस लेने की क्या खास तकनीक है?
    धीमे और गहरे सांस लेते हुए सांस छोड़ने को एक सेकंड लंबे समय तक करना चाहिए।
  4. पैनिक अटैक से निपटने का सबसे असरदार घरेलू उपाय क्या है?
    अपने आसपास की पांचों इंद्रियों पर ध्यान देना और ठंडे वस्तु को छूना सबसे प्रभावी है।
  5. क्या पैनिक अटैक को खुद से संभाला जा सकता है?
    हाँ, ग्राउंडिंग, सांस पर ध्यान और सहायता मांगना इस समय बहुत मददगार होता है।
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