बजट 2026 में FM सीतारमण ने दावा किया – 10 साल में 25 करोड़ लोग मल्टीडाइमेंशनल गरीबी से बाहर! NITI रिपोर्ट, कैपेक्स बढ़ोतरी, टैक्स राहत, MSME फंड, हाई-स्पीड रेल, जॉब स्कीम्स और इकोनॉमी पर पूरा विश्लेषण। क्या ये विकास की सच्ची कहानी है?
सीतारमण का 9वां बजट: गरीबी उन्मूलन का जश्न या आंकड़ों का जादू?
बजट 2026: 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर – सीतारमण का दावा, विकास की सच्ची कहानी?
1 फरवरी 2026 को संसद में अपना रिकॉर्ड नौवां लगातार बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक ऐसा आंकड़ा पेश किया जिसने सबको चौंका दिया। उन्होंने कहा – पिछले 10 सालों में सरकार की मेहनत से करीब 25 करोड़ लोग मल्टीडाइमेंशनल गरीबी (MPI) से बाहर आ चुके हैं।
ये आंकड़ा NITI आयोग की रिपोर्ट पर आधारित है, जो बताती है कि 2013-14 में 29.17% आबादी MPI में थी, जो 2022-23 तक घटकर 11.28% रह गई। यानी 24.82 करोड़ लोगों ने गरीबी के कई आयामों – हेल्थ, एजुकेशन, लिविंग स्टैंडर्ड – से बाहर निकलने का सफर तय किया।
सीतारमण ने इसे सरकार की वेलफेयर स्कीम्स का नतीजा बताया। लेकिन क्या ये आंकड़े पूरी सच्चाई बयान करते हैं? या इसमें कुछ छिपा है? बजट के दूसरे बड़े ऐलानों के साथ ये दावा विकास की पूरी तस्वीर पेश करता है। आइए स्टेप बाय स्टेप देखें।
मल्टीडाइमेंशनल गरीबी क्या है? आंकड़े कैसे बने?
सामान्य गरीबी सिर्फ़ कम आय नहीं, बल्कि MPI 12 इंडिकेटर्स पर आधारित है – न्यूट्रिशन, चाइल्ड मॉर्टेलिटी, हेल्थ, ईयर स्कूलींग, अटेंडेंस, कुकिंग फ्यूल, सैनिटेशन, ड्रिंकिंग वॉटर, इलेक्ट्रिसिटी, हाउसिंग, एसेट्स, बैंक अकाउंट।
NITI की रिपोर्ट कहती है: 2015-16 से 2019-21 के बीच सालाना 10.66% की रफ्तार से कमी आई। UP में 5.94 करोड़, बिहार 3.77 करोड़, MP-राजस्थान ने सबसे तेज़ कमी दर्ज की।
सीतारमण ने इसे स्कीम्स से जोड़ा – PM आवास, उज्ज्वला, जन धन, सौभाग्य, पोषण अभियान, PMGKAY। इनसे DBT, फूड सिक्योरिटी, हाउसिंग, इलेक्ट्रिसिटी पहुंची।
विपक्ष सवाल उठाता है – क्या MPI सही मापदंड? आलोचक कहते हैं कि इसमें आय शामिल नहीं, सिर्फ़ एक्सेस। फिर भी, UNDP-ऑक्सफोर्ड के साथ मिलकर ये ग्लोबल स्टैंडर्ड है।
सीतारमण का 9वां बजट – इतिहास रचने वाली महिला FM
सीतारमण ने 2019 से लगातार 9 बजट पेश किए – मोदी सरकार के तहत सबसे ज़्यादा। मोरारजी देसाई के 10 रिकॉर्ड से एक कदम दूर। पी चिदंबरम 9, प्रणब मुखर्जी 8 बजट पेश कर चुके।
ये बजट ग्लोबल चैलेंजेस – US टैरिफ्स, ट्रेड फ्रिक्शंस – के बीच आया। फोकस: ग्रोथ, फिस्कल डिसिप्लिन, रिफॉर्म्स।
कैपेक्स पर ज़ोर: विकास का इंजन
सीतारमण ने कहा – 2014-15 से कैपेक्स तेज़ी से बढ़ा। FY27 के लिए ₹12.22 लाख करोड़ का टारगेट – FY26 RE के ₹10.96 लाख करोड़ से 11.5% ऊपर। 2018-19 के ₹3 लाख करोड़ से कई गुना।
ये इंफ्रास्ट्रक्चर – हाईवे, रेल, एयरपोर्ट्स – पर खर्च से जॉब्स, ग्रोथ देगा। FY25 फिस्कल डेफिसिट 4.8%, FY26 टारगेट 4.4%। नेट मार्केट बोरrowing ₹11.54 लाख करोड़।
नॉमिनल GDP ग्रोथ 10-10.5% प्रोजेक्शन। रियल GDP 6.8-7.2%, इन्फ्लेशन 4%। FY26 रियल GDP 7.4%।
टैक्स राहत: मिडिल क्लास को सांस
बजट में टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत:
- TCS थ्रेशोल्ड ₹7 लाख से ₹10 लाख।
- रेंट पर सालाना TDS ₹6 लाख तक।
- अपडेटेड ITR फाइल करने की समयसीमा 4 साल।
- नॉन-PAN केस में ही हाई TDS।
- दो सेल्फ-अक्यूपाइड हाउस पर टैक्स बेनिफिट।
STT हाइक का झटका भी – लेकिन ओवरऑल राहत।
MSME और स्टार्टअप्स को बूस्ट
MSME को ₹10,000 करोड़ SME ग्रोथ फंड। क्रेडिट गारंटी ₹10 करोड़ तक डबल। स्टार्टअप्स के लिए ₹10,000 करोड़ फंड-ऑफ-फंड्स। MSME क्लासिफिकेशन लिमिट्स बढ़ाईं।
नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन: फुटवियर, टॉयज, सोलर PV। फुटवियर स्कीम से 22 लाख जॉब्स, एक्सपोर्ट बूस्ट।
इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसपोर्ट: हाई-स्पीड फ्यूचर
7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर्स। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर्स, नेशनल वॉटरवेज एक्सपैंशन। मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड ₹25,000 करोड़।
अर्बन चैलेंज फंड ₹1 लाख करोड़ नेक्स्ट-जनरेशन सिटीज के लिए।
स्किलिंग और जॉब्स: एजुकेशन-एम्प्लॉयमेंट कमिटी
हाई-पावर्ड स्टैंडिंग कमिटी सर्विस सेक्टर के लिए। 50,000 अटल टिंकरिंग लैब्स, 10,000 टेक फेलोशिप्स IIT-IISc में, AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एजुकेशन में।
10,000 न्यू मेडिकल सीट्स FY26 में। डे-केयर कैंसर सेंटर्स। किसान क्रेडिट स्कीम लिमिट बढ़ाई। पल्स, फिशरी, फ्रूट्स-वेज मिशन्स। बिहार में मखाना बोर्ड।
ग्लोबल चैलेंजेस का जवाब
US टैरिफ्स के बीच SEZ यूनिट्स को DTA सेल्स पर कन्सेशनल ड्यूटी। EV, मोबाइल बैटरी मैन्युफैक्चरिंग पर कैपिटल गुड्स एग्ज़ेम्प्ट। क्रिटिकल मिनरल्स पर BCD जीरो। न्यूक्लियर पावर पुष।
मल्टीपल सेसेस-सर्चार्ज हटाने का वादा।
क्या ये दावे हकीकत हैं? आलोचना और सच्चाई
25 करोड़ का आंकड़ा सराहनीय लगता है, लेकिन आलोचक कहते हैं – MPI में आय नहीं, सिर्फ़ एक्सेस। महंगाई, बेरोज़गारी अभी चैलेंज। NITI CEO बोले – 1% से नीचे ले जाने का लक्ष्य।
बजट का फोकस सर्विस सेक्टर, टूरिज्म, केयर सर्विसेज, बायोफार्मा, टेक्सटाइल्स, शिपबिल्डिंग पर।
सीतारमण का रिकॉर्ड ब्रेकिंग बजट विकास, इंक्लूजन और फिस्कल प्रूडेंस का मिश्रण लगता है। लेकिन असली टेस्ट इंप्लीमेंटेशन में।
5 FAQs
प्रश्न 1: बजट 2026 में सीतारमण ने गरीबी पर क्या दावा किया?
उत्तर: FM ने कहा – 10 साल में 25 करोड़ लोग मल्टीडाइमेंशनल गरीबी से बाहर। NITI रिपोर्ट के अनुसार 2013-14 के 29.17% से घटकर 2022-23 में 11.28%। UP, बिहार में सबसे तेज़ कमी।
प्रश्न 2: कैपेक्स टारगेट FY27 में कितना बढ़ा?
उत्तर: ₹12.22 लाख करोड़ – FY26 RE के ₹10.96 लाख करोड़ से 11.5% ऊपर। 2014-15 के ₹3 लाख करोड़ से कई गुना। फिस्कल डेफिसिट FY26 टारगेट 4.4%।
प्रश्न 3: टैक्स में क्या राहतें मिलीं?
उत्तर: TCS ₹10 लाख तक, रेंट TDS ₹6 लाख सालाना, अपडेटेड ITR 4 साल में, दो सेल्फ-अक्यूपाइड हाउस पर बेनिफिट। STT हाइक भी।
प्रश्न 4: MSME-स्टार्टअप्स के लिए क्या प्रावधान?
उत्तर: ₹10,000 करोड़ SME ग्रोथ फंड, क्रेडिट गारंटी ₹10 करोड़ तक, स्टार्टअप फंड-ऑफ-फंड्स ₹10,000 करोड़। मैन्युफैक्चरिंग मिशन फुटवियर-टॉयज-सोलर।
प्रश्न 5: इंफ्रा और जॉब्स पर क्या बड़े ऐलान?
उत्तर: 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर्स, ₹1 लाख करोड़ अर्बन फंड, 50,000 अटल लैब्स, 10,000 मेडिकल सीट्स। एजुकेशन-एम्प्लॉयमेंट कमिटी सर्विस सेक्टर के लिए।
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