कपिल सिब्बल ने भारत-US इंटरिम ट्रेड डील पर सरकार को घेरा – आत्मनिर्भर के नाम पर ट्रंप पर निर्भरता, रशियन तेल पर 25% टैरिफ खतरा, विदेश नीति अमेरिका से जोड़ ली।
क्या भारत ने ट्रंप को खुश करने के लिए रशियन तेल छोड़ा? सिब्बल ने खोले राज
कपिल सिब्बल का तीखा तंज: आत्मनिर्भर नहीं, ट्रंप पे निर्भर हो गए!
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने 14 फरवरी 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-अमेरिका इंटरिम ट्रेड डील पर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार आत्मनिर्भर भारत का नारा तो बुलंद करती है लेकिन असल में ‘ट्रंप पे निर्भर’ हो गई है। सिब्बल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 14066 और 14329 का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि अगर भारत सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से रशियन तेल खरीदता रहा तो 25 प्रतिशत की सजा टैरिफ दोबारा लग जाएगी। फिर भी सरकार ने ऐसी शर्तें मान लीं। सिब्बल ने पूछा कि इतिहास में कभी ऐसा हुआ जब हमारी विदेश नीति किसी दूसरे देश से जोड़ दी जाए। उन्होंने कहा कि BJP चुनाव जीतना जानती है लेकिन शासन करना नहीं।
इंडो-US डील में क्या–क्या कमिटमेंट्स? 500 बिलियन का लक्ष्य
सिब्बल ने डील के एक बड़े हिस्से पर उंगली उठाई – भारत ने अगले पांच साल में अमेरिका से 500 बिलियन डॉलर (लगभग 42 लाख करोड़ रुपये) के सामान और सर्विसेज खरीदने का लक्ष्य रखा। इसमें एनर्जी प्रोडक्ट्स, एयरक्राफ्ट पार्ट्स, कीमती धातुएँ, टेक्नोलॉजी और कोकिंग कोल शामिल हैं। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत का इम्पोर्ट डिमांड 2 ट्रिलियन डॉलर का है तो 500 बिलियन आसान है। लेकिन सिब्बल ने इसे आत्मनिर्भरता के खिलाफ बताया। ट्रंप ने कहा कि भारत ने अमेरिकी इमरजेंसी (EO 14066) को संबोधित करने के कदम उठाए हैं और नेशनल सिक्योरिटी, फॉरेन पॉलिसी, इकॉनमी में काफी अलाइनमेंट किया है। सिब्बल ने पूछा – ये कदम क्या थे और क्यों माने।
ट्रंप के EO 14066 और 14329 का भारत पर क्या असर?
EO 14066 अमेरिका की नेशनल इमरजेंसी से जुड़ा है, जो रशियन एनर्जी इम्पोर्ट्स पर टैरिफ लगाता है। सिब्बल के मुताबिक अगर भारत रशिया से तेल लेता रहा तो 25% पेनल्टी दोबारा लगेगी। EO 14329 इससे जुड़ा। ट्रंप ने भारत को छूट दी लेकिन शर्त ये कि हम उनकी पॉलिसी से मैच करें। सिब्बल ने कहा कि सरकार ने रशियन तेल डिस्काउंट पर निर्भर अर्थव्यवस्था को खतरे में डाल दिया। 2022–25 में भारत रशिया से सस्ता तेल खरीदकर 1 लाख करोड़ से ज्यादा बचा। अब US डील से ये रणनीति खतरे में। विशेषज्ञ कहते हैं ट्रंप रेसिप्रोकल टैरिफ्स चाहते हैं – भारत जितना चार्ज करे, US भी उतना।
PM मोदी पर सिब्बल का हमला: कर्तव्य भवन बनाया लेकिन कर्तव्य निभाया?
सिब्बल ने PM मोदी के नए PMO ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन 1–2 के उद्घाटन पर तंज कसा। कहा भवन अच्छे बनते हैं, कर्तव्य पथ नाम बदलते हैं लेकिन 11 साल में PM ने देश के प्रति क्या कर्तव्य निभाया। ‘सत्यमेव जयते’ सुनते हैं लेकिन ‘असत्य’ जीत रहा है। उन्होंने संसद में डील पर बहस की मांग की। सिब्बल ने कहा सरकार चुनावी जीत पर फोकस करती है, शासन पर नहीं। ये तंज मोदी सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर फोकस और आत्मनिर्भर नारे पर था। विपक्ष इसे राजनीतिक हमला मान रहा।
भारत-US ट्रेड डील का बैकग्राउंड: ट्रंप का रेसिप्रोकल एप्रोच
ट्रंप ने भारत के साथ इंटरिम डील साइन की, जिसमें रेसिप्रोकल टैरिफ्स का जिक्र। भारत MFN देशों पर औसत 17% टैरिफ लगाता, US 3.3%। ट्रंप चाहते हैं मैचिंग। डील से दोनों देशों का ट्रेड 500 बिलियन तक ले जाने का टारगेट। भारत डिफेंस, LNG इम्पोर्ट्स बढ़ा सकता। रघुराम राजन ने कहा लक्ष्य हासिल हो सकता। लेकिन सिब्बल जैसे आलोचक इसे आत्मनिर्भरता के खिलाफ मानते। ट्रंप ने कहा तुरंत नहीं लेकिन रेट तय करेंगे। चीन, कनाडा, मैक्सिको पर पहले टैरिफ लगाए। भारत को छूट लेकिन शर्तें सख्त।
आत्मनिर्भर भारत का नारा: क्या अब ट्रंप पर निर्भरता?
सरकार आत्मनिर्भरता पर दावा करती है लेकिन US डील से इम्पोर्ट्स दोगुने करने का वादा। सिब्बल ने कहा विदेश नीति अमेरिका से अलाइन – इतिहास में पहली बार। रशियन तेल, डिफेंस, एनर्जी में भारत की स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी खतरे में। पूर्व डिप्लोमैट कानवाल सिब्बल ने कहा ट्रंप को EO साइन करने से पावर फील होता है। लेकिन भारत यूक्रेन वार से रशियन तेल पर निर्भर। डील से बैलेंस बनाना चुनौती। विपक्ष संसद में बहस चाहता।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ: डील के फायदे–नुकसान
विशेषज्ञों का मानना है कि 500 बिलियन टारगेट महत्वाकांक्षी लेकिन संभव। भारत डिफेंस से रशिया शिफ्ट कर सकता, LNG बढ़ा सकता। लेकिन रशियन तेल कटने से इकॉनमी पर बोझ। ट्रंप रेसिप्रोकल चाहते – भारत टैरिफ कटे तो US भी। आत्मनिर्भरता को सप्लाई चेन रिजिलिएंस से लिंक। सिब्बल का तंज राजनीतिक है लेकिन सवाल वैलिड। सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए। ट्रेड डील फाइनल होने पर और डिटेल्स क्लियर होंगी।
कुल मिलाकर सियासी घमासान जारी
सिब्बल का तंज विपक्ष का नया हथियार बन सकता। सरकार आत्मनिर्भरता का जवाब देगी। ट्रेड डील भारत-US रिश्तों को मजबूत करेगी लेकिन शर्तें सतर्कता मांगती। रशियन तेल, टैरिफ, पॉलिसी अलाइनमेंट पर बहस तेज़। PM को संसद में स्पष्ट करना होगा। ये डिबेट भारत की ग्लोबल पोजीशन पर असर डालेगी।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: कपिल सिब्बल ने सरकार पर क्या तंज कसा?
उत्तर: आत्मनिर्भर भारत के बजाय ‘ट्रंप पे निर्भर’ हो गए; US डील में विदेश नीति अमेरिका से जोड़ ली। - प्रश्न: US EO 14066 और 14329 क्या हैं?
उत्तर: रशियन एनर्जी इम्पोर्ट्स पर टैरिफ से जुड़े; भारत तेल खरीदे तो 25% पेनल्टी लग सकती। - प्रश्न: डील में भारत का 500 बिलियन क्या मतलब?
उत्तर: अगले 5 साल में US से 500 बिलियन डॉलर के सामान-सेवाएँ खरीदने का लक्ष्य। - प्रश्न: सिब्बल ने PM मोदी पर क्या कहा?
उत्तर: कर्तव्य भवन बनाया लेकिन देश के प्रति कर्तव्य निभाया नहीं; संसद में डील पर जवाब दो। - प्रश्न: ट्रंप का रेसिप्रोकल टैरिफ क्या है?
उत्तर: भारत जितना टैरिफ लगाए, US भी उतना; डील से बैलेंस का वादा।
- Atmanirbhar vs Trump dependent
- India foreign policy alignment US
- India Russian oil tariff 25 percent
- India US 500 billion USD imports five years
- India US interim trade deal
- Kapil Sibal Trump nirbhar
- Piyush Goyal 500 bn trade target
- Seva Teerth inauguration criticism
- Sibal swipe Modi Kartavya Bhawan
- Trump reciprocal tariffs India
- US EO 14066 14329
Leave a comment