कर्नाटक सरकार नंदिनी लेआउट में 2.5 एकड़ पर 100 करोड़ का मल्टीप्लेक्स फिल्म कॉम्प्लेक्स PPP मॉडल से बनाएगी। स्क्रीनिंग, स्टूडियो, BIFF, रिटेल स्पेस शामिल; कंसल्टेंट चुनने का टेंडर जारी।
टिकट कैप 200 रुपए के बाद अब सुपर मल्टीप्लेक्स? कर्नाटक सरकार का नंदिनी लेआउट प्लान क्या है?
बेंगलुरु को मिलेगा नया सिनेमा हब: 100 करोड़ का मल्टीप्लेक्स प्लान क्या कहता है?
सिडारमैया सरकार ने कन्नड़ सिनेमा को बूस्ट देने के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। 2025-26 के कर्नाटक बजट में मुख्यमंत्री ने कहा था कि नंदिनी लेआउट में कर्नाटक फिल्म अकादमी की 2.5 एकड़ ज़मीन पर PPP मॉडल से मल्टीप्लेक्स मूवी थिएटर कॉम्प्लेक्स बनेगा। अनुमानित खर्च 100 करोड़ रुपये। अब ये प्रोजेक्ट धरातल पर उतरने को तैयार है।
इन्फॉर्मेशन एंड पब्लिक रिलेशंस डिपार्टमेंट (DIPR) ने हाल ही में कंसल्टेंट चुनने के लिए टेंडर जारी किया है। ये कंसल्टेंट टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट (TEFR) तैयार करेगा और PPP स्ट्रक्चर सुझाएगा। बात सिर्फ थिएटर की नहीं, ये पूरा कल्चरल और सिनेमा फोकस्ड हब बनेगा।
कॉम्प्लेक्स में क्या-क्या सुविधाएँ होंगी?
ये कॉम्प्लेक्स सिर्फ फिल्म दिखाने की जगह नहीं बनेगा। इसमें मल्टीपल स्क्रीनिंग थिएटर्स, परफॉर्मिंग आर्ट्स स्टेज, प्रोडक्शन स्टूडियोज़ और ट्रेनिंग एक्टिविटीज़ होंगी। बेंगलुरु इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (BIFF) जैसे बड़े इवेंट्स यहाँ हो सकेंगे।
राजस्व के लिए रिटेल स्पेस, फूड कोर्ट्स और कन्वेंशन सेंटर भी बनेंगे। कंसल्टेंट डिमांड असेसमेंट करेगा, इंडिया-अब्रॉड के बेंचमार्क देखेगा, फुटफॉल अनुमान लगाएगा। कनेक्टिविटी, लैंड यूज़, प्राइसिंग स्ट्रैटेजी सब चेक होगा।
कॉन्सेप्ट प्लान में लेआउट, एक्सेस रोड्स, पार्किंग, यूटिलिटीज़ शामिल होंगे। प्रीलिमिनरी कॉस्ट एस्टीमेट भी बनेगा। फाइनेंशियल मॉडल से कमर्शियल वायबिलिटी चेक होगी, PPP स्ट्रक्चर सुझाएगा – DIPR और प्राइवेट पार्टनर के रोल्स क्लियर होंगे।
PPP मॉडल क्यों चुना गया? फायदे क्या हैं?
PPP यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप। सरकार ज़मीन देगी, प्राइवेट कंपनी इनवेस्टमेंट, मैनेजमेंट और ऑपरेशन्स संभालेगी। इससे सरकार पर फाइनेंशियल बोझ कम, प्राइवेट एक्सपर्टाइज़ से क्वालिटी बेहतर।
राजस्व शेयरिंग से प्रोजेक्ट सेल्फ-सस्टेनेबल बनेगा। कंसल्टेंट प्रोजेक्ट इन्फॉर्मेशन मेमोरैंडम (PIM) तैयार करेगा – प्रोजाइल, मार्केट पोटेंशियल, रेवेन्यू स्ट्रीम्स सब डिटेल में। इम्प्लीमेंटेशन रोडमैप से प्लानिंग से ऑपरेशन्स तक रास्ता क्लियर।
बेंगलुरु के लिए क्यों खास ये प्रोजेक्ट?
बेंगलुरु IT हब है, लेकिन सिनेमा-कल्चर के लिए स्पेस कम। नंदिनी लेआउट वेस्ट बेंगलुरु में अच्छी कनेक्टिविटी वाली जगह। यहाँ BIFF जैसे फेस्ट हो सकेंगे, जो जनवरी-फरवरी में लाखों लोगों को खींचते हैं। कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री को प्रोडक्शन, ट्रेनिंग मिलेगी।
हाल ही में कर्नाटक ने मल्टीप्लेक्स टिकट्स पर 200 रुपये कैप लगाया, जिससे सिनेमा सस्ता हुआ। ये कॉम्प्लेक्स उसी कड़ी का हिस्सा लगता है – क्वालिटी सिनेमा को प्रमोट करना।
कन्नड़ सिनेमा को मिलेगा क्या बूस्ट?
बजट 2025 में सिनेमा को इंडस्ट्री स्टेटस दिया गया, जिससे पॉलिसी बेनिफिट्स मिलेंगे। कन्नड़ फिल्म रेपॉजिटरी के लिए 3 करोड़ दिए। OTT प्लेटफॉर्म भी बनेगा कन्नड़ मूवीज़ प्रमोट करने को।
मैसूर में 500 करोड़ का इंटरनेशनल फिल्म सिटी PPP से बनेगा। ये मल्टीप्लेक्स कन्नड़ टैलेंट को ग्रूम करेगा, लोकल स्टोरीज़ को बड़ा प्लेटफॉर्म देगा।
अभी तक प्रोजेक्ट कहाँ पहुँचा?
DIPR ने कंसल्टेंट बिड्स आमंत्रित की हैं। TEFR, फाइनेंशियल मॉडल, PPP स्ट्रक्चर तैयार होगा। फिर प्राइवेट पार्टनर चुनेंगे। कॉन्स्ट्रक्शन 2027 तक शुरू हो सकता है, अगर सब स्मूद रहा।
चुनौतियाँ क्या हो सकती हैं?
PPP में अक्सर डिले होते हैं – लैंड एक्विज़िशन, एनवायरनमेंटल क्लियरेंस, लोकल ऑपोज़िशन। रेवेन्यू प्रोजेक्शन अगर गलत हुआ तो प्राइवेट पार्टनर पीछे हट सकता। लेकिन DIPR का कहना है कि लोकेशन अच्छा है, डिमांड हाई।
फुटफॉल अनुमान: BIFF जैसे इवेंट्स से लाखों विज़िटर्स, रेगुलर मूवीज़, फूड कोर्ट से डेली रेवेन्यू।
बेंगलुरु के सिने लवर्स के लिए क्या मतलब?
अभी बेंगलुरु में मल्टीप्लेक्स हैं, लेकिन डेडिकेटेड फिल्म-आर्ट्स हब नहीं। ये जगह बनेगी वन-स्टॉप – मूवी देखो, फूड करो, इवेंट अटेंड करो, ट्रेनिंग लो। युवाओं, फिल्ममेकर्स के लिए ग्रेट। टिकट कैप के साथ किफायती भी।
कुल मिलाकर ये प्रोजेक्ट कर्नाटक के सॉफ्ट पावर को बूस्ट करेगा। सिडारमैया सरकार कन्नड़ प्राइड पर फोकस कर रही, देखते हैं कितनी जल्दी हकीकत बनता।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: मल्टीप्लेक्स कॉम्प्लेक्स कहाँ बनेगा और कितने खर्च में?
उत्तर: नंदिनी लेआउट, कर्नाटक फिल्म अकादमी की 2.5 एकड़ ज़मीन पर, अनुमानित 100 करोड़ रुपये PPP मॉडल से। - प्रश्न: इसमें क्या सुविधाएँ होंगी?
उत्तर: मल्टीपल थिएटर्स, परफॉर्मिंग आर्ट्स, प्रोडक्शन स्टूडियोज़, ट्रेनिंग, BIFF जैसे इवेंट्स, फूड कोर्ट्स, रिटेल, कन्वेंशन सेंटर। - प्रश्न: कंसल्टेंट की क्या भूमिका है?
उत्तर: TEFR तैयार करेगा, मार्केट स्टडी, फाइनेंशियल मॉडल, PPP स्ट्रक्चर, कॉन्सेप्ट प्लान और PIM बनाएगा। - प्रश्न: ये प्रोजेक्ट कब अनाउंस हुआ था?
उत्तर: 2025-26 कर्नाटक बजट में CM सिडारमैया ने घोषणा की थी। - प्रश्न: कन्नड़ सिनेमा को इससे क्या फायदा?
उत्तर: प्रोडक्शन-ट्रेनिंग सुविधाएँ, BIFF वेन्यू, इंडस्ट्री स्टेटस से बेनिफिट्स, लोकल टैलेंट प्रमोशन।
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