5 फरवरी 2026 को अमित शाह ने भारत टैक्सी लॉन्च किया – सहकारिता आधारित ऐप, दिल्ली-NCR, गुजरात से शुरू। ज़ीरो कमीशन, प्रॉफिट शेयर, हेल्थ–एक्सीडेंट इंश्योरेंस, बाइक दीदी। उबर–ओला को चुनौती, 3 साल में पूरे देश। फायदे, मॉडल, भविष्य।
कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत टैक्सी: अमित शाह का सहकारिता मॉडल उबर को कैसे हराएगा?
भारत टैक्सी लॉन्च: अमित शाह ने उबर–ओला को टक्कर देने वाला सहकारिता मॉडल खोला
आज के ज़माने में कैब बुकिंग के बिना कहीं जाना मुश्किल। लेकिन ओला, उबर जैसी कंपनियों के हाई सरचार्ज, कमीशन और ड्राइवरों की शिकायतें आम हैं। इन्हीं परेशानियों का हल लेकर आया है भारत टैक्सी – दुनिया का पहला कोऑपरेटिव सेक्टर राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म। 5 फरवरी 2026 को दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह ने इसका उद्घाटन किया।
दिल्ली-NCR और गुजरात से शुरू, अगले दो साल में सभी राज्य–UT। शाह बोले – “3 साल में कश्मीर से कन्याकुमारी, द्वारका से कामाख्या तक फैलेगा। सहकार से सरथी कम्युनिटी को फायदा। अमूल जैसा मॉडल।” ड्राइवरों को प्रॉफिट शेयर मिलेगा।
ये सिर्फ़ ऐप नहीं, ड्राइवरों का अपना प्लेटफॉर्म। आइए फीचर्स, मॉडल, फायदे, चुनौतियां समझें।
लॉन्च का पूरा विवरण: अमित शाह ने क्या कहा?
शाह ने कहा – “सहकार अब टैक्सी सेक्टर में। हर सरथी टैक्सी का मालिक। ये रेवोल्यूशनरी ट्रांसफॉर्मेशन। दुनिया में अनोखा कोऑपरेटिव मॉडल। तुम्हारी टैक्सी के पहिए सरथी कम्युनिटी के फायदे के लिए घूमेंगे।”
पहले पायलट दिल्ली-NCR, गुजरात (2 दिसंबर 2025 से)। मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज़ एक्ट 2002 के तहत रजिस्टर्ड (6 जून 2025)। 8 टॉप कोऑपरेटिव्स का बैकिंग।
भारत टैक्सी के मुख्य फीचर्स: ड्राइवर–राइडर दोनों को फायदा
- ज़ीरो कमीशन और सरज-फ्री प्राइसिंग
ओला–उबर 20–30% कमीशन लेती। भारत टैक्सी ज़ीरो। फेयर डायरेक्ट मार्केट बेस्ड, कोई सरचार्ज नहीं। - प्रॉफिट शेयरिंग
कमाई का हिस्सा ड्राइवरों को। वो मालिक जैसे। - कार, थ्री-व्हीलर, टू-व्हीलर बुकिंग
सभी ऑप्शन। - सोशल सिक्योरिटी पैकेज
- हेल्थ इंश्योरेंस
- एक्सीडेंट इंश्योरेंस
- रिटायरमेंट सेविंग्स
- डेडिकेटेड सपोर्ट सिस्टम (दिल्ली में 7 सेंटर्स)
- इमरजेंसी असिस्टेंस
फास्ट हेल्प, वेरिफाइड राइड डेटा। - महिलाओं के लिए बाइक दीदी
150+ महिलाएं जॉइन। एम्पावरमेंट। कोई एक्सक्लूसिविटी क्लॉज़ – दूसरे ऐप्स भी यूज़ करो।
मार्केट बैकग्राउंड: ओला–उबर का दबदबा क्यों तोड़ना?
भारत राइड-हेलिंग मार्केट ओला (मार्केट लीडर), उबर, रैपिडो पर निर्भर। विदेशी इन्वेस्टमेंट। ड्राइवर शोषित – हाई कमीशन, कोई सिक्योरिटी।
भारत टैक्सी इंडिजिनस अल्टरनेटिव। दुनिया का सबसे बड़ा ड्राइवर-ओन्ड मोबिलिटी प्लेटफॉर्म। कोऑपरेशन मिनिस्ट्री का सपोर्ट।
ड्राइवरों के फायदे: अब मालिक बनो
- कमीशन सेफ
- प्रॉफिट डायरेक्ट पॉकेट
- इंश्योरेंस कवर
- फ्लेक्सिबल वर्क – दूसरे ऐप्स भी
- सपोर्ट सेंटर्स
शाह बोले – “अमूल ने दूध किसानों को मालिक बनाया, भारत टैक्सी सरथियों को।”
राइडर्स के फायदे: सस्ता, सुरक्षित
- सरज फ्री
- वेरिफाइड ड्राइवर्स
- ट्रांसपेरेंट फेयर
- सभी व्हीकल ऑप्शन
महिलाओं–स्टूडेंट्स के लिए सेफ।
एक्सपैंशन प्लान: कब कहाँ?
- फेज 1: दिल्ली-NCR, गुजरात (शुरू)
- अगले 2 साल: सभी राज्य–UT
- 3 साल: फुल कवरेज
कोऑपरेटिव मिनिस्ट्री का लक्ष्य – लाखों ड्राइवर जोड़ना।
चुनौतियां: ओला–उबर से कैसे मुकाबला?
- ऐप यूज़र बेस बनाना
- ड्राइवर रिक्रूटमेंट
- टेक इंफ्रास्ट्रक्चर
- मार्केटिंग
लेकिन ज़ीरो कमीशन आकर्षक। सरकारी बैकिंग।
सरकार का विज़न: आत्मनिर्भर मोबिलिटी
PM मोदी का ‘सहकार से समृद्धि’। अमूल, इफको मॉडल। भारत टैक्सी EV, सस्टेनेबल मोबिलिटी को प्रमोट करेगा।
प्रतिक्रियाएं: क्या कह रहे लोग?
ड्राइवर वेलकम। ओला–उबर ने वेलकम किया लेकिन कॉम्पिटिशन। सोशल मीडिया पर हाइप।
भविष्य: क्या रेवोल्यूशन?
अगर सफल, लाखों ड्राइवरों का जीवन बदलेगा। इंडियन ऐप्स को बूस्ट। लेकिन एक्ज़ीक्यूशन कीपॉइंट।
5 FAQs
प्रश्न 1: भारत टैक्सी क्या है?
उत्तर: सहकारिता आधारित राइड ऐप। दिल्ली-NCR, गुजरात से शुरू। कार, बाइक, ऑटो बुकिंग। ज़ीरो कमीशन, प्रॉफिट शेयर।
प्रश्न 2: अमित शाह ने क्या कहा लॉन्च पर?
उत्तर: “3 साल में पूरे देश। सरथी मालिक। अमूल मॉडल। सहकार से ट्रांसफॉर्मेशन।”
प्रश्न 3: ड्राइवरों को क्या फायदा?
उत्तर: ज़ीरो कमीशन, प्रॉफिट शेयर, हेल्थ–एक्सीडेंट इंश्योरेंस, रिटायरमेंट सेविंग्स।
प्रश्न 4: ओला–उबर से अंतर?
उत्तर: ज़ीरो कमीशन vs हाई, सरज फ्री, ड्राइवर ओन्ड vs कॉर्पोरेट, इंश्योरेंस इनक्लूडेड।
प्रश्न 5: कब पूरे देश?
उत्तर: 2 साल में सभी राज्य–UT, 3 साल फुल कवरेज।
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