AI समिट 2026 के दौरान भारत मंडपम में हुए कथित ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’ पर BJP ने कांग्रेस को निशाना बनाते हुए कहा, “सत्याग्रह से शर्टलेस शेनानिगन्स तक, कांग्रेस ने महात्मा गांधी की गरिमामय लड़ाई का अपमान किया।” PM मोदी ने भी इसे “गंदी और नंगी राजनीति” बताया, जबकि दिल्ली कोर्ट ने राष्ट्रीय हित और भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को लेकर सख्त टिप्पणी करते हुए चार यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पांच दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर की।
‘सत्याग्रह से शर्टलेस नौटंकी तक’: गांधी से तुलना पर BJP का कांग्रेस पर वार, AI समिट पर ‘गंदी राजनीति’ आरोप
‘सत्याग्रह से शर्टलेस नौटंकी तक’: AI समिट के शर्टलेस प्रोटेस्ट पर BJP का कांग्रेस पर तगड़ा वार
AI Summit 2026 के दौरान नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुए कथित ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोल दिया है। घटना के बाद कांग्रेस ने इस विरोध को महात्मा गांधी की सत्याग्रह परंपरा से जोड़ने की कोशिश की, जिस पर BJP ने कहा कि यह तुलना “स्वतंत्रता संग्राम का अपमान” है और कांग्रेस ने “सत्याग्रह से शर्टलेस शेनानिगन्स” तक गिरावट दिखा दी है।
कांग्रेस पर BJP की तीखी प्रतिक्रिया: “सत्याग्रह से शर्टलेस शेनानिगन्स”
BJP ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल से पोस्ट में लिखा, “From Satyagraha to shirtless Shenanigans, Congress hits rock bottom by comparing Mahatma Gandhi’s dignified fight for freedom to their goons’ embarrassing stunt at the AI Summit! Insulting the Father of the Nation while shaming India globally?” यानी “सत्याग्रह से शर्टलेस नौटंकी तक, कांग्रेस ने महात्मा गांधी की गरिमामय आज़ादी की लड़ाई की तुलना अपने गुंडों की शर्मनाक हरकत से कर के नया निचला स्तर छू लिया है। यह राष्ट्रपिता का अपमान है और वैश्विक मंच पर भारत को शर्मिंदा करना है।”
इसी पोस्ट में BJP ने गांधी परिवार पर भी निशाना साधते हुए कहा, “These ‘fake Gandhis’ are the real mockery! India deserves better; an Opposition that respects national achievements, upholds decorum and fights for the people without dragging the country’s image through the mud.” यानी “ये ‘फेक गांधी’ ही असली मज़ाक हैं। भारत इससे बेहतर विपक्ष का हकदार है, जो राष्ट्रीय उपलब्धियों का सम्मान करे, मर्यादा बनाए रखे और देश की छवि को कीचड़ में घसीटे बिना जनता के लिए लड़े।”
PM मोदी का मेरठ भाषण: “देश जानता है आप पहले से ही नंगे हैं…”
इस ट्वीट से कुछ ही देर पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पर इसी मुद्दे पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हाल ही में दिल्ली में दुनिया का सबसे बड़ा AI सम्मेलन हुआ, जिसमें 80 से अधिक देशों के डेलीगेट्स और करीब 20 देशों के प्रमुख आए। उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या उन्हें इस सम्मेलन पर गर्व महसूस हुआ, और कहा कि पूरा देश इससे गौरवान्वित था।
मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसका “इकोसिस्टम” इस ग्लोबल इवेंट को भारत के लिए गर्व का मौका मानने के बजाय इसे “गंदी राजनीति” का मंच बना रहा है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने इस ग्लोबल इवेंट को अपनी गंदी और नंगी राजनीति का मंच बना दिया। कांग्रेस के नेता विदेशी मेहमानों के सामने नंगे होकर पहुँच गए। मैं कांग्रेस वालों से पूछना चाहता हूँ—देश जानता है कि आप पहले से ही नंगे हैं, तो फिर कपड़े उतारने की ज़रूरत क्यों पड़ी?”
शर्टलेस प्रोटेस्ट: क्या हुआ था भारत मंडपम में?
रिपोर्टों के मुताबिक, AI Summit 2026 के दौरान नई दिल्ली के भारत मंडपम परिसर में चार लोगों ने कथित तौर पर शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। ये सभी यूथ कांग्रेस से जुड़े बताए जा रहे हैं। उन्हें तुरंत हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
कांग्रेस की ओर से इस विरोध को लोकतांत्रिक अधिकार और गांधीवादी परंपरा के तहत जताया गया, जबकि BJP ने इसे “गंदी नौटंकी” और “भारत की छवि खराब करने वाली हरकत” करार दिया। इसी तुलना को लेकर अब “सत्याग्रह बनाम शर्टलेस शेनानिगन्स” की तीखी बहस छिड़ गई है।
दिल्ली कोर्ट की सख्त टिप्पणी: राष्ट्रीय हित और अंतरराष्ट्रीय छवि से समझौता नहीं
इस मामले में ताज़ा घटनाक्रम यह रहा कि दिल्ली की एक अदालत ने चारों यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पाँच दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि राष्ट्रीय हित और भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता, खासकर तब, जब AI Summit 2026 जैसे वैश्विक महत्व के इवेंट के दौरान ऐसा विरोध किया जाए।
कोर्ट ने पाँच दिन की पुलिस रिमांड इसलिए उचित ठहराई ताकि पुलिस इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच कर सके, कम्युनिकेशन लिंक खंगाल सके और यह पता लगा सके कि इस विरोध के पीछे और कौन‑कौन लोग शामिल थे या इसे किसने प्लान किया था। अदालत ने साफ कहा कि ऐसी घटनाएँ केवल लॉ‑एंड‑ऑर्डर का मामला नहीं, बल्कि देश की छवि से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा भी हैं।
कांग्रेस की दलील बनाम BJP का नैरेटिव
कांग्रेस की तरफ से तर्क दिया जा रहा है कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है और AI Summit जैसे मंच पर भी सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज़ उठाना गलत नहीं है, बशर्ते हिंसा या तोड़फोड़ न हो। पार्टी के कुछ नेताओं ने यह भी कहा कि महात्मा गांधी ने भी औपनिवेशिक दौर में प्रतीकात्मक विरोध के कई रूप अपनाए थे।
वहीं, BJP कह रही है कि महात्मा गांधी के सत्याग्रह की तुलना ऐसे “शर्मनाक स्टंट” से करना, जिसमें विदेशी मेहमानों के सामने शर्ट उतारकर विरोध किया जाए, गांधी की विरासत और देश दोनों का अपमान है। उनका कहना है कि विपक्ष अगर सरकार से असहमत है तो उसके पास संसद, जनसभाएँ, प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया जैसे ढेरों मंच हैं, लेकिन ग्लोबल इवेंट पर इस तरह की हरकतें स्वीकार्य नहीं हो सकतीं।
AI Summit 2026 का सियासी मायने
AI Summit 2026 को मोदी सरकार ने भारत की टेक्नोलॉजी क्षमताओं और ग्लोबल साउथ में नेतृत्व दिखाने के बड़े मंच के रूप में पेश किया है। 80 से ज्यादा देशों की भागीदारी और कई हेड्स ऑफ स्टेट की मौजूदगी को “नए भारत” की छवि के तौर पर प्रचारित किया गया।
ऐसे में भारत मंडपम के अंदर हुआ यह विवाद अब सिर्फ कानून‑व्यवस्था या एक छोटे विरोध की घटना नहीं रहा, बल्कि सत्तारूढ़ BJP और मुख्य विपक्षी कांग्रेस के बीच “राष्ट्रीय छवि बनाम विरोध के अधिकार” की बड़ी बहस में बदल चुका है।
5 FAQs
- BJP ने “From Satyagraha to shirtless Shenanigans” वाला बयान किस संदर्भ में दिया?
BJP ने यह टिप्पणी उस समय की जब कांग्रेस ने AI Summit 2026 के दौरान भारत मंडपम में हुए कथित शर्टलेस प्रोटेस्ट को महात्मा गांधी की सत्याग्रह परंपरा से जोड़ने की कोशिश की। BJP ने इसे गांधी की गरिमामय लड़ाई का अपमान और भारत की ग्लोबल छवि को नुकसान बताकर आलोचना की। - PM मोदी ने मेरठ की रैली में क्या कहा?
PM मोदी ने कहा कि AI समिट में 80 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि और 20 देशों के प्रमुख आए, जिससे पूरे देश को गर्व हुआ, लेकिन कांग्रेस ने इस वैश्विक मंच को “गंदी और नंगी राजनीति” के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता विदेशी मेहमानों के सामने “नंगे होकर” पहुँच गए और तंज कसा कि “देश जानता है कि आप पहले से ही नंगे हैं, फिर कपड़े उतारने की ज़रूरत क्यों पड़ी?” - भारत मंडपम में शर्टलेस प्रोटेस्ट के मामले में क्या कार्रवाई हुई है?
AI Summit 2026 के दौरान भारत मंडपम में शर्ट उतारकर विरोध करने वाले चार यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पहले न्यायिक हिरासत और फिर दिल्ली कोर्ट के आदेश से पाँच दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है। - दिल्ली कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में क्या कहा?
दिल्ली कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय हित और भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि से समझौता नहीं किया जा सकता, खासकर जब मामला AI Summit जैसे वैश्विक महत्व के आयोजन का हो। कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और कम्युनिकेशन की जांच के लिए पाँच दिन की पुलिस कस्टडी को उचित ठहराया। - कांग्रेस और BJP की इस मुद्दे पर मूल स्थिति क्या है?
कांग्रेस का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज़ उठाना गलत नहीं; जबकि BJP का आरोप है कि शर्टलेस प्रदर्शन गांधीवादी सत्याग्रह नहीं, बल्कि “शर्मनाक नौटंकी” है, जो गांधी और भारत दोनों की छवि को धूमिल करता है, ख़ासकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर।
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