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वंदे भारत में सांप क्यों छोड़ा? नासिक आदमी गिरफ्तार, मकसद जानकर चौंक जाएंगे

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Vande Bharat snake incident, Jagan Arjun Bhale arrested
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27 दिसंबर 2025 को मुंबई-सोलापुर वंदे भारत के टॉयलेट में सांप मिलने का केस सॉल्व: RPF ने नासिक के जगन अर्जुन भाले को मुंब्रा से गिरफ्तार किया, कन्फेशन लिया।

50 दिन बाद CCTV ने फंसा लिया: नासिक मैन का वंदे भारत सांप कांड का सच

वंदे भारत में सांप का हंगामा: 50 दिन बाद नासिक मैन गिरफ्तार

27 दिसंबर 2025 को मुंबई-सोलापुर वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22225) के कोच C-16 के टॉयलेट में एक सांप दिखने से पैसेंजर्स में खलबली मच गई। यात्री करजत स्टेशन पर सांप देखकर चिल्लाए, स्टाफ ने तुरंत टॉयलेट सील कर दिया। पुणे में भी सांप नहीं मिला, लेकिन सोलापुर में स्नेक कैचर ने 2-2.5 फुट लंबे रैट स्नेक को सुरक्षित पकड़ लिया। किसी को चोट नहीं लगी, लेकिन घबराहट फैली। RPF ने CCTV चेक किया तो ठाणे से चढ़ा एक शख्स सांप टॉयलेट में छोड़ता दिखा। टिपऑफ मिला तो मुंब्रा से 37 साल के जगन अर्जुन भाले को 12 फरवरी को पकड़ लिया।

जगन ने कन्फेस किया: पैनिक फैलाना था मकसद

पूछताछ में जगन ने कबूल किया कि उसने जानबूझकर सांप छोड़ा ताकि ट्रेन में हड़बड़ी मचे। वो नासिक जिले का रहने वाला है। RPF ने कल्यान रेलवे कोर्ट में पेश किया, जहां 14 दिन की मजिस्ट्रियल कस्टडी रिमांड (MCR) मिल गई। सेंट्रल रेलवे के CPRO डॉ. स्वप्निल निला ने बताया कि जांच में CCTV और इनफॉर्मर की मदद ली गई। आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। डिटेल्ड प्रोब जारी है।

कैसे पकड़ा गया आरोपी: CCTV और इनफॉर्मर का कमाल

हादसे के तुरंत बाद RPF ने कोच C-16 के CCTV फुटेज खंगाले। ठाणे स्टेशन पर चढ़ा जगन सांप को टॉयलेट में डालता दिखा। मामला दर्ज कर लिया गया। 50 दिन की मैनहंट चली। फिर इनफॉर्मर से टिप मिली कि मुंब्रा में छिपा है। RPF टीम ने दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पूरा कन्फेशन आ गया। अब कोर्ट ने 14 दिन कस्टडी में भेज दिया।

रेलवे एक्ट के तहत केस: सजा क्या हो सकती?

केस रेलवे एक्ट 1989 की धारा 145(B) (न्यूसेंस), 147 (ट्रेसपास) और 153 (सेफ्टी को खतरा) के तहत दर्ज। धारा 145(B) में पहली बार 100 रुपये जुर्माना, दोबारा 250 या 1 महीना जेल। धारा 147 ट्रेसपास के लिए सजा। धारा 153 सबसे सख्त – जानबूझकर सेफ्टी खतरे में डालने पर 5 साल तक जेल। जगन पर ये सब लग सकता है। जांच पूरी होने पर चार्जशीट बनेगी।

वंदे भारत की सेफ्टी फीचर्स: सांप भी नहीं रोक पाया

वंदे भारत में कवच सिस्टम, ऑटो प्लग डोर, हर कोच में CCTV, फायर अलार्म, कोच मॉनिटरिंग है। इमरजेंसी बटन, ड्राइवर-गार्ड कम्युनिकेशन। लेकिन सांप जैसी अंदरूनी शरारत CCTV ने ही पकड़ी। पैसेंजर्स की सतर्कता से बड़ा हादसा टला। सोलापुर में स्नेक कैचर ने रैट स्नेक पकड़ा, जो जहरीला नहीं। ट्रेन समय पर पहुंची।

ऐसे हादसे क्यों होते: ट्रेनों में शरारतें बढ़ रही

रेलवे में पत्थरबाजी, चेन पुलिंग, अब सांप छोड़ना। मकसद पैनिक या सोशल मीडिया वीडियो। RPF सख्ती बरत रही। पैसेंजर्स को अलर्ट रहना चाहिए। CCTV और इनफॉर्मर्स ने इस बार काम किया। लेकिन सिक्योरिटी चेक बढ़ाने की जरूरत। रेल मंत्री ने भी ऐसे केसों पर नकेल कसने को कहा।

जगन का बैकग्राउंड: नासिक का आम आदमी या कुछ और?

जगन अर्जुन भाले के बारे में ज्यादा डिटेल्स नहीं आईं। नासिक जिले का रहने वाला, शायद मजदूर या छोटा व्यापारी। मोटिव पैनिक बताया। कोई टेरर लिंक नहीं दिखा। लेकिन जांच में पूरा सच खुलेगा। कोर्ट रिमांड में और पूछताछ होगी। परिवार ने कुछ नहीं कहा।

रेलवे की रिस्पॉन्स: पैसेंजर्स की सेफ्टी पहले

CPRO स्वप्निल निला ने कहा टॉयलेट तुरंत बंद किया, कंट्रोल रूम अलर्ट। सोलापुर में रेस्क्यू। जांच तेज़। वंदे भारत की सेफ्टी फीचर्स ने बड़ा हादसा रोका। RPF को बधाई। पैसेंजर्स ने भी शांति बनाए रखी। अब ऐसे शरारती तत्वों पर सख्ती।

क्या सजा मिलेगी और आगे क्या?

14 दिन रिमांड के बाद कोर्ट फैसला लेगा। रेलवे एक्ट के तहत भारी सजा हो सकती। चार्जशीट बनने पर ट्रायल। रेलवे ने सिक्योरिटी बढ़ाई। पैसेंजर्स सतर्क रहें। यह केस ट्रेनों में शरारत रोकने का उदाहरण बनेगा। जांच पूरी होने का इंतजार।

FAQs (Hindi)

  1. प्रश्न: जगन अर्जुन भाले ने सांप क्यों छोड़ा?
    उत्तर: पूछताछ में कन्फेस किया कि पैसेंजर्स में पैनिक फैलाने के लिए वंदे भारत के टॉयलेट में सांप डाला।
  2. प्रश्न: हादसा कब और कहाँ हुआ?
    उत्तर: 27 दिसंबर 2025 को कोच C-16 के टॉयलेट में, करजत से पुणे-सोलापुर रूट पर।
  3. प्रश्न: सांप कैसा था?
    उत्तर: 2-2.5 फुट लंबा रैट स्नेक, जहरीला नहीं; सोलापुर स्टेशन पर स्नेक कैचर ने पकड़ा।
  4. प्रश्न: केस किन धाराओं में दर्ज?
    उत्तर: रेलवे एक्ट 1989 की धारा 145(B) न्यूसेंस, 147 ट्रेसपास, 153 सेफ्टी खतरे के लिए।
  5. प्रश्न: जगन को कितनी कस्टडी मिली?
    उत्तर: कल्यान रेलवे कोर्ट ने 14 दिन की मजिस्ट्रियल कस्टडी रिमांड दी।

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