कानपुर लैम्बोर्गिनी क्रैश में तंबाकू व्यापारी के बेटे शिवम मिश्रा को गिरफ्तारी के चंद घंटों बाद ही 20 हज़ार के बॉन्ड पर बेल मिली। पुलिस का दावा CCTV से ड्राइवर साबित, परिवार बोला एपिलेप्सी अटैक।
कानपुर क्रैश: CCTV में दिखा शिवम ड्राइविंग, फिर भी बेल? क्या प्रेशर में पुलिस ने गलत गिरफ्तारी की?
कानपुर में लैम्बोर्गिनी का खौफनाक हादसा: क्या हुआ था VIP रोड पर?
8 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 3 बजे कानपुर के ग्वालतोली इलाके में VIP रोड पर एक लैम्बोर्गिनी रेवोल्टो ने तहलका मचा दिया। ये इतालवी लग्ज़री कार, जिसकी कीमत 10 करोड़ रुपये से ज़्यादा बताई जा रही है, तेज़ रफ्तार में ऑटो रिक्शा, पार्क्ड बाइक और पैदल चलने वालों से टकरा गई। हादसे में कम से कम 6 लोग ज़ख्मी हो गए, जिसमें ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौसीफ़ (18) सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए।
सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि कार पहले बुलेट बाइक से टकराई, फिर फुटपाथ पर चढ़ गई और लोगों को कुचलते हुए पोल से जा धड़ी। हादसे के बाद कार के साथ आए प्राइवेट सिक्योरिटी वाले यानी बाउंसर भागते नज़र आए, जो वीडियो में साफ दिखा। पूरा इलाका घंटों हिल गया, लोग चीखने-चिल्लाने लगे।
तंबाकू किंग के बेटे शिवम मिश्रा पर FIR: ड्राइवर कौन?
पुलिस ने शुरुआत में अनजान ड्राइवर के खिलाफ IPC की धारा 279 (लापरवाह ड्राइविंग), 337 (चोट पहुँचाना) के तहत मुकदमा दर्ज किया। बाद में जांच में पाया गया कि कार तंबाकू व्यापारी के.के. मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा (24-26 साल) चला रहे थे। नाम जोड़कर FIR अपडेट हुई।
शिवम को 11 फरवरी सुबह आर्या नगर स्थित घर से गिरफ्तार किया गया। वो दिल्ली में इलाज करवा रहे थे, लेकिन पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। कमिश्नर रघुबीर लाल ने कहा कि सबूत – सीसीटीवी, गवाह – साफ बताते हैं कि शिवम ही ड्राइवर थे। कार जब्त कर ली गई।
परिवार का दावा: ड्राइवर मोहन था, शिवम को एपिलेप्सी था
मिश्रा परिवार ने पूरी तरह इनकार किया। बोले शिवम को आधे साल से एपिलेप्सी (मिर्गी) है, हादसे के वक्त सीज़र अटैक आया इसलिए कंट्रोल खो दिया। वकील धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि डेडिकेटेड ड्राइवर मोहन लाल कार चला रहा था। मोहन ने एफिडेविट दिया कि टेम्पो ने टक्कर मारी, शीशा टूटा, शिवम को बाहर निकाला।
परिवार बोला शिवम दिल्ली हॉस्पिटल में भर्ती हैं। लेकिन पुलिस ने दावा किया कि वीडियो में शिवम को ड्राइवर सीट से ही बाउंसर निकालते दिखा। शराब या स्पीड का भी टेस्ट होगा।
गिरफ्तारी के चंद घंटों में बेल: कोर्ट ने क्या कहा?
11 फरवरी को एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेशी हुई। वकील नरेश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि पुलिस पर सरकारी दबाव था, गलत गिरफ्तारी हुई। शिवम ने खुद अपना केस लड़ लिया। कोर्ट ने रिमांड खारिज कर 20 हज़ार के अंडरटेकिंग और पर्सनल बॉन्ड पर बेल दे दी।
वकील बोले तौसीफ़ अब केस आगे नहीं बढ़ाना चाहता। SHO पर भी कार्रवाई हुई प्रोसीजर लैप्स के लिए। शिवम दोपहर तक रिहा हो गए।
कानपुर पुलिस की जांच: क्या होगा आगे?
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि मेडिकल क्लेम वेरिफाई हो रहा है। ड्राइवर मोहन का दावा झूठा बताया, क्योंकि सबूत शिवम को पॉइंट करते हैं। ज़ख्मियों में तौसीफ़ को इंटरनल इंजरी, विशाल व सोनू त्रिपाठी को चोटें आईं। केस अब IPC से BNS में शिफ्ट हो सकता है।
अगर एपिलेप्सी साबित हुई तो लापरवाही का एंगल कमज़ोर, लेकिन अगर स्पीड या नशा मिला तो सख्त सज़ा।
लैम्बोर्गिनी रेवोल्टो: भारत में कितनी दुर्लभ?
ये लैम्बो रेवोल्टो भारत में रेयर कार है, कीमत 8.89 से 10 करोड़ तक। V12 इंजन, 1000 HP पावर। लेकिन हाई स्पीड पर कंट्रोल मुश्किल। कई वीडियो में दिखा कि ये कितनी खतरनाक हो सकती है शहर की सड़कों पर।
तंबाकू व्यापारी के.के. मिश्रा कौन?
के.के. मिश्रा कानपुर के बड़े तंबाकू एक्सपोर्टर हैं। उनका बिज़नेस करोड़ों का। शिवम उनका बेटा, लग्ज़री लाइफ जीते हैं। परिवार का कहना है कि ये दुर्घटना थी, न कि रैश ड्राइविंग।
सोशल मीडिया पर बवाल: अमीर-गरीब का फर्क क्यों?
हादसा वायरल होते ही लोग भड़क गए। बोले अमीरों को जल्दी बेल, गरीब जेल में सड़ते। बाउंसर भागने के वीडियो ने आग में घी डाला। पब्लिक आउटरेज से पुलिस पर प्रेशर आया।
कानपुर जैसे शहरों में लग्ज़री कारें तेज़ चलाने का ट्रेंड बढ़ा है, लेकिन सेफ्टी इग्नोर होती है। ये केस चेतावनी है।
क्या सिखाता है ये हादसा आम लोगों को?
सबसे बड़ा सबक – हाई वैल्यू कार हो या बाइक, रूल्स सबके लिए बराबर। मेडिकल कंडीशन हो तो ड्राइव न करें। ड्राइवर रखें तो वो ही ड्राइव करे। CCTV और टेक्नोलॉजी अब झूठ नहीं बोलती। ज़ख्मियों को न्याय मिलना चाहिए, चाहे आरोपी कितना भी बड़ा हो।
अब केस कोर्ट में चलेगा। अगर सबूत मज़बूत रहे तो बेल कैंसल भी हो सकती है। फिलहाल शिवम बाहर हैं, लेकिन विवाद थमने वाला नहीं।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: कानपुर लैम्बो क्रैश कब और कहाँ हुआ?
उत्तर: 8 फरवरी 2026 को दोपहर 3 बजे ग्वालतोली VIP रोड पर, कार ने ऑटो, बाइक और पैदल लोगों को मारा; 6 घायल। - प्रश्न: शिवम मिश्रा को बेल कब और कैसे मिली?
उत्तर: 11 फरवरी को गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद ACJM कोर्ट ने 20 हज़ार बॉन्ड पर रिहा किया, रिमांड खारिज। - प्रश्न: परिवार का ड्राइवर वाला दावा क्या है?
उत्तर: मोहन लाल ने एफिडेविट दिया कि वो चला रहा था, शिवम को एपिलेप्सी अटैक आया; लेकिन पुलिस CCTV से शिवम को ड्राइवर बता रही। - प्रश्न: लैम्बोर्गिनी रेवोल्टो की कीमत और खासियत क्या?
उत्तर: 8.89-10 करोड़ रुपये, V12 इंजन 1000 HP, भारत में दुर्लभ सुपरकार। - प्रश्न: पुलिस ने क्या सबूत दिए ड्राइवर साबित करने?
उत्तर: CCTV फुटेज, गवाह बयान और हादसे के बाद बाउंसर द्वारा ड्राइवर सीट से निकालना।
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