PM मोदी ने सेवा तीर्थ से पहला संबोधन दिया, विकसित भारत के संकल्प पर जोर दिया। साउथ ब्लॉक छोड़ नया PMO, कर्तव्य भवन में मंत्रालय शिफ्ट। कालोनियल मानसिकता से मुक्ति का संदेश।
कालोनियल भवनों को अलविदा, सेवा तीर्थ में विकसित भारत का संकल्प – मोदी के संदेश का राज
सेवा तीर्थ का उद्घाटन: PM मोदी का पहला बड़ा संबोधन, नया इतिहास बन रहा
13 फरवरी 2026 को दिल्ली के नए सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना पहला बड़ा संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि आज हम सब विकसित भारत के संकल्प के साथ सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन में प्रवेश कर रहे हैं। यह एक नई शुरुआत है जो भारत के विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित होगी। मोदी ने कहा कि हमारे लक्ष्यों को पाने का दिव्य आशीर्वाद हमारे साथ है। यह इमारतें नागरिक-केंद्रित शासन और राष्ट्र प्रगति की प्रतिबद्धता दिखाती हैं। केंद्रीय मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में यह ऐतिहासिक पल था।
कालोनियल भवनों को अलविदा: साउथ ब्लॉक से शिफ्ट, नया PMO
लंबे समय से साउथ ब्लॉक में रहे PMO को मोदी ने औपचारिक रूप से नए सेवा तीर्थ में शिफ्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक ब्रिटिश साम्राज्य के प्रतीक थे जो भारत को गुलामी की जंजीरों में बांधने के लिए बने। आज सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बने हैं। यहां के फैसले महाराजा के विजन पर नहीं बल्कि जनता की जरूरतों पर आधारित होंगे। यह शिफ्ट केंद्रीय विहंग परियोजना का हिस्सा है। मोदी ने इसे नई इतिहास रचना बताया।
सेवा तीर्थ में क्या–क्या है: PMO से NSC तक एक छत
सेवा तीर्थ तीन भवनों का कॉम्प्लेक्स है। सेवा तीर्थ-1 में PMO है, सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सेक्रेटेरिएट पहले ही शिफ्ट हो चुका, सेवा तीर्थ-3 NSA ऑफिस के लिए। कुल 2,26,000 वर्ग फुट जगह पर 1200 करोड़ खर्च हुए। Larsen & Toubro ने बनाया। यह एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव का हिस्सा है। पहले PMO अलग-अलग जगहों पर बिखरा था अब एकीकृत। डिजिटल इंटीग्रेशन से कामकाज तेज होगा। जनता के लिए पब्लिक इंटरफेस जोन भी हैं।
कर्तव्य भवन 1 और 2: 11 महत्वपूर्ण मंत्रालय शिफ्ट
उद्घाटन के दौरान कर्तव्य भवन 1 और 2 भी लॉन्च हुए। इनमें फाइनेंस, डिफेंस, हेल्थ, एजुकेशन, कल्चर, लॉ एंड जस्टिस, I&B, एग्रीकल्चर, केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स, ट्राइबल अफेयर्स जैसे 11 मंत्रालय हैं। पहले ये किराए के ऑफिसों या पुरानी इमारतों में बिखरे थे। अब लॉजिस्टिक्स आसान, खर्च कम। मोदी ने कहा विकसित भारत का विजन पॉलिसी, प्लान के साथ वर्कप्लेस में भी दिखे। ये इमारतें इंस्पायरिंग और इफेक्टिव होंगी।
विकसित भारत का संकल्प: मोदी के मुख्य संदेश क्या रहे?
मोदी ने जोर दिया कि सेवा तीर्थ विकसित भारत की यात्रा में माइलस्टोन है। उन्होंने कहा कालोनियल माइंडसेट से मुक्त होकर सेवा भाव से काम करेंगे। पहले फैसले जैसे PM राहत स्कीम लॉन्च, लाखपति दीदी टारगेट 3 से 6 करोड़ दोगुना। उन्होंने PMO टीम को बधाई दी। कहा आज का दिन विकास यात्रा में नई शुरुआत है। दिव्य आशीर्वाद से लक्ष्य हासिल करेंगे। यह शिफ्ट इंडिपेंडेंस के बाद पहली बार है।
केंद्रीय विहंग प्रोजेक्ट: सेवा तीर्थ इसका हिस्सा क्यों?
केंद्रीय विहंग रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट 2020 से चल रहा है। राजपथ को कर्तव्य पथ नाम दिया। राज भवनों को लोक भवन। कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट को कर्तव्य भवन। सेवा तीर्थ से कालोनियल स्ट्रक्चर से अलविदा। मोदी ने कहा नॉर्थ-साउथ ब्लॉक डिटीरियोरेट हो रहे थे, स्पेस कम। नई इमारतें किराया खर्च बचाएंगी। कार्यक्षमता बढ़ेगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: विपक्ष ने क्या कहा?
कांग्रेस ने इसे प्रतीकात्मक बताया लेकिन असली विकास पर सवाल उठाए। कहा नई इमारतें अच्छी लेकिन किसानों, बेरोजगारों की समस्याएं वही। BJP ने इसे ट्रांसफॉर्मेशन बताया। मोदी ने X पर लिखा सेवा तीर्थ विकसित भारत का प्रतीक। मंत्रियों ने सराहना की। सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
आने वाले समय में क्या बदलाव दिखेंगे?
नए कॉम्प्लेक्स से कोऑर्डिनेशन बेहतर होगा। डिजिटल टूल्स से फाइल स्पीड बढ़ेगी। जनता के लिए आसान एक्सेस। लेकिन असली टेस्ट योजनाओं के अमल में। लाखपति दीदी, राहत स्कीम जैसे प्लान तेजी से लागू होंगे। सेवा तीर्थ से विकसित भारत का नया चैप्टर शुरू।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: सेवा तीर्थ क्या है?
उत्तर: दिल्ली का नया PMO कॉम्प्लेक्स, जिसमें PMO, कैबिनेट सेक्रेटेरिएट, NSA ऑफिस; केंद्रीय विहंग का हिस्सा। - प्रश्न: मोदी ने उद्घाटन पर क्या कहा?
उत्तर: विकसित भारत के संकल्प से प्रवेश कर रहे, नया इतिहास बन रहा, कालोनियल से मुक्ति। - प्रश्न: कर्तव्य भवन में कौन–से मंत्रालय?
उत्तर: फाइनेंस, डिफेंस, हेल्थ, एजुकेशन सहित 11 प्रमुख मंत्रालय शिफ्ट। - प्रश्न: कब शिफ्ट हुआ?
उत्तर: 13 फरवरी 2026 को साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ-1 में। - प्रश्न: पहले फैसले क्या थे?
उत्तर: PM राहत स्कीम लॉन्च, लाखपति दीदी टारगेट 6 करोड़।
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