बांग्लादेश में 13 फरवरी 2026 को चुनाव से एक दिन पहले मौलवीबाजार में हिंदू युवक रतन साहूकार (28) की हत्या। हाथ-पैर बाँधकर गहरे घाव, अल्पसंख्यक समुदाय में डर। चांचल भौमिक, दीपू चंद्रा जैसी घटनाएँ जारी।
चाय बागान में हिंदू युवक की लाश: बांग्लादेश चुनावी हिंसा में कितने हिंदू मारे जा चुके, आंकड़े चौंकाने वाले?
बांग्लादेश चुनाव से ठीक पहले हिंदू युवक की भयानक हत्या
13 फरवरी 2026 को सुबह करीब 10 बजे बांग्लादेश के मौलवीबाजार जिले के चम्पा इलाके के चाय बागान में एक भयावह लाश मिली। 28 साल का हिंदू युवक रतन साहूकार वहाँ काम करता था और उसके हाथ-पैर रस्सी से कसकर बँधे हुए थे। शरीर पर गहरे-गहरे घाव थे, जिनसे अभी भी खून बह रहा था। सहकर्मियों ने तुरंत पुलिस को खबर की और उन्होंने इसे हत्या का मामला माना। रतन के दोस्तों का कहना है कि चोटों की हालत देखकर लगता है कि हमला सोचा-समझा था। ये घटना चुनाव के एक दिन पहले हुई, जिससे अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय में दहशत फैल गई।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती रिपोर्ट्स कहती हैं कि धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। रतन चाय बागान में ही रहता था और कोई दुश्मनी की बात नहीं बताई गई। लेकिन इलाके के लोग इसे धार्मिक नफरत से जोड़ रहे हैं। स्थानीय हिंदू संगठनों ने तुरंत विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ये सिर्फ एक घटना नहीं लग रही, बल्कि बढ़ते हमलों का हिस्सा है।
चांचल भौमिक की जलाकर हत्या: हाल की एक और घटना
बांग्लादेश में हिंदूओं पर हमले नए नहीं हैं, लेकिन जनवरी 2026 में नरसिंदी शहर में एक और सनसनीखेज कांड हुआ। 23 जनवरी की रात चांचल भौमिक नाम का 23 साल का हिंदू मैकेनिक अपनी गैरेज में सो रहा था। बाहर से किसी ने शटर बंद किया, पेट्रोल डाला और आग लगा दी। आग इतनी तेज़ फैली कि चांचल जिंदा जल गया। वो अपने बीमार माँ, विकलांग भाई और छोटे भाई का एकमात्र सहारा था। पिता की मौत के बाद वो छह साल से गैरेज में काम कर रहा था। गवाहों ने कहा कि हमलावर बाहर खड़े होकर आग बुझने का इंतज़ार करते रहे।
सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध दिखे, लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं बताई। चांचल को ईमानदार और सीधा लड़का बताया जा रहा है, कोई दुश्मनी नहीं थी। पड़ोसी और फैमिली इसे धार्मिक घृणा मानते हैं। नरसिंदी में हिंदू समुदाय ने हड़ताल की और सुरक्षा की माँग की। ये घटना यूनुस सरकार पर सवाल उठा रही है। स्थानीय मीडिया ने इसे सुनियोजित कत्ल कहा।
दीपू चंद्रा दास को पीट-पीटकर मारकर जला दिया
दिसंबर 2025 में मायमेन्सिंघ जिले के भालुका इलाके में एक और हिंदू युवक दीपू चंद्रा दास (30) को भीड़ ने घेर लिया। आरोप लगा कि उसने इस्लाम का अपमान किया, तो गुस्सैल भीड़ ने उसे पीट-पीटकर बेहाल कर दिया। फिर नंगा करके जला दिया। ये घटना वर्ल्ड अरेबिक लैंग्वेज डे के फैक्ट्री इवेंट से जुड़ी थी। दीपू गारमेंट फैक्ट्री में काम करता था और इलाके में किराएदार था। पुलिस ने पहचान की, लेकिन शुरुआत में हमलावरों का पता नहीं चला। बाद में RAB ने सात लोगों को पकड़ा।
मुहम्मद यूनुस ने सोशल मीडिया पर कहा कि दोषियों को सजा मिलेगी। लेकिन हिंदू संगठनों ने कहा कि ये ब्लास्फेमी का बहाना था। मायमेन्सिंघ में विरोध भड़क गया। परिवार वाले न्याय की गुहार लगा रहे हैं। ये घटनाएँ दिखाती हैं कि छोटे-छोटे बहाने पर हिंसा भड़क जाती है। अल्पसंख्यक डर के साए में जी रहे हैं।
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमले: आंकड़े
शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद अगस्त 2024 से मार्च 2025 तक बांग्लादेश हिंदू बौद्ध क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल ने 2,000 से ज्यादा हमलों की रिपोर्ट की। इसमें 61 हत्याएँ, 28 महिलाओं पर हिंसा (रेप सहित), 95 मंदिरों पर हमले शामिल हैं। जनवरी-मार्च 2025 में 142 हिंसक घटनाएँ हुईं। अप्रैल 2025 तक 2,326 मामले दर्ज। अब 2026 चुनाव के समय ये तेज़ हो गए। हिंदू आबादी 8% है, लेकिन निशाने पर सबसे ज्यादा।
जमात-ए-इस्लामी और इस्लामी चत्र शिबिर जैसे संगठन सक्रिय हो गए हैं। हसीना के समर्थक माने जाने वाले हिंदू सबसे असुरक्षित। अंतरिम सरकार कहती है कि ज़्यादातर मामले धार्मिक नहीं, लेकिन संगठन इसे सिस्टमेटिक कहते हैं। यूनुस प्रशासन पर आरोप है कि दोषियों को सजा नहीं मिलती। इससे हिंसा बढ़ती जा रही। हिंदू परिवार दरवाजे बंद रखते हैं।
मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार: क्या सुरक्षा में चूक?
मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने हमलों को “घिनौना” कहा है। लेकिन आलोचक कहते हैं कि पुलिस कार्रवाई कमज़ोर है। हसीना के जाने के बाद राजनीतिक खालीपन में इस्लामी कट्टरपंथी उभर आए। चुनाव 12 फरवरी 2026 को हो रहे, लेकिन अल्पसंख्यक डर रहे। हसीना के अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोका गया, जिससे हिंदू और असुरक्षित महसूस कर रहे। यूनुस ने कहा कि सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। लेकिन आंकड़े उलट कहानी बता रहे।
मानवाधिकार ग्रुप्स कहते हैं कि इम्प्यूनिटी कल्चर बढ़ा है। दोषी पकड़े नहीं जाते, तो हिंसा जारी। हिंदू लीडर्स कहते हैं कि ये सिर्फ निजी रंजिश नहीं, बल्कि टारगेटेड अटैक हैं। सरकार ने कम्युनिटी लीडर्स से बात की, लेकिन ठोस कदम कम। चुनाव बाद क्या होगा, ये बड़ा सवाल।
भारत की प्रतिक्रिया: चिंता और कूटनीतिक दबाव
भारत ने इन हमलों पर चिंता जताई है। अप्रैल 2025 में भाभेश चंद्रा रॉय की हत्या पर MEA ने “सिस्टमेटिक पर्सीक्यूशन” कहा। वेस्ट बंगाल BJP ने चांचल की हत्या को बंगाली हिंदूओं पर पैटर्न बताया। भारत ने बांग्लादेश से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा। हसीना भारत में शरण में हैं, इसलिए संबंध तनावपूर्ण। विपक्ष भारत को दोष देता है। लेकिन भारत मानवाधिकार पर ज़ोर दे रहा।
पड़ोसी देश होने से लाखों बंगाली हिंदू भारत आते हैं। लेकिन डिप्लोमेसी से दबाव बनाना ज़रूरी। UN और ह्यूमन राइट्स ग्रुप्स भी नोटिस ले रहे। भारत ने डिप्लोमैटिक चैनल से बात की। चुनाव परिणाम देखना होगा।
हिंदू अल्पसंख्यकों का डर: भविष्य क्या?
बांग्लादेश के हिंदू अब दरवाजे बंद रखते हैं। गाँवों से शहर तक डर का माहौल। मंदिर जलाए जाते हैं, घर लूटे जाते। परिवार सोचते हैं कि कब कौन दस्तक देगा। यूनिटी काउंसिल के वाइस प्रेसिडेंट कहते हैं कि सब काँप रहे। चुनाव हिंसा पुरानी समस्या, लेकिन इस बार तीव्र। जमात जैसे संगठन सत्ता की ओर बढ़ रहे। हिंदू हसीना समर्थक माने जाते, इसलिए निशाना।
सरकार सुरक्षा का वादा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग। हिंदू समुदाय न्याय और सुरक्षा माँग रहा। अंतरराष्ट्रीय निगरानी ज़रूरी। ये सिर्फ बांग्लादेश की नहीं, दक्षिण एशिया की समस्या। शांति और समानता का रास्ता ढूँढना होगा।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: रतन साहूकार की हत्या कैसे हुई?
उत्तर: 13 फरवरी 2026 को मौलवीबाजार के चाय बागान में हाथ-पैर बाँधकर धारदार हथियार से गहरे घाव दिए गए। सुबह 10 बजे लाश मिली, खून बह रहा था। - प्रश्न: चांचल भौमिक की हत्या का तरीका क्या था?
उत्तर: 23 जनवरी 2026 को नरसिंदी गैरेज में सोते समय बाहर से पेट्रोल डालकर आग लगाई गई। वो जिंदा जल गया, परिवार का इकलौता कमाने वाला था। - प्रश्न: बांग्लादेश में हिंदूओं पर हमलों के आंकड़े क्या हैं?
उत्तर: अगस्त 2024 से 2,000+ घटनाएँ, 61 हत्याएँ, 95 मंदिर हमले। जनवरी-मार्च 2025 में 142 हिंसक मामले। - प्रश्न: दीपू चंद्रा दास को क्यों मारा गया?
उत्तर: दिसंबर 2025 में मायमेन्सिंघ में ब्लास्फेमी के आरोप पर भीड़ ने पीटकर मारा और जला दिया। RAB ने 7 गिरफ्तार किए। - प्रश्न: भारत ने इन हमलों पर क्या कहा?
उत्तर: MEA ने “सिस्टमेटिक पर्सीक्यूशन” कहा, अल्पसंख्यक सुरक्षा की माँग की। BJP ने पैटर्न बताया।
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