Home देश “भारत ने दूसरों की सेवा के लिए रॉ टैलेंट बनाया” – सैम पित्रोदा के बयान पर फिर बवाल
देश

“भारत ने दूसरों की सेवा के लिए रॉ टैलेंट बनाया” – सैम पित्रोदा के बयान पर फिर बवाल

Share
Sam Pitroda raw talent serve others
Share

कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने कहा कि “भारत ने दूसरों की सेवा के लिए रॉ टैलेंट बनाया” और यह भी जोड़ा कि भारत के पास अपना ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं है। बयान के बाद BJP ने कांग्रेस पर भारत को नीचा दिखाने का आरोप लगाते हुए कड़ा पलटवार किया।

पित्रोदा बोले—“हमारे पास अपना Operating System तक नहीं”, BJP ने कहा—“भारत को कोसना कांग्रेस की आदत”

सैम पित्रोदा के बयान पर फिर विवाद: “भारत ने दूसरों की सेवा के लिए रॉ टैलेंट बनाया”, BJP ने कांग्रेस पर साधा निशाना

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि “भारत ने दूसरों की सेवा के लिए रॉ टैलेंट (कच्ची प्रतिभा) बनाया है”, जिससे संकेत मिलता है कि भारत के बहुत से प्रतिभाशाली लोग और स्किल्ड प्रोफेशनल्स बाहर की कंपनियों और देशों के लिए काम करते हैं। उन्होंने यह भी आलोचना की कि भारत के पास अपना ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) तक नहीं है।

इस टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला और पित्रोदा के बयान को “भारत को कोसने” वाली मानसिकता से जोड़ दिया। BJP का कहना है कि कांग्रेस के नेता बार-बार ऐसे बयान देते हैं जिनसे देश की उपलब्धियों का अपमान होता है और राष्ट्रीय आत्मविश्वास को चोट पहुंचती है।

पित्रोदा ने क्या कहा? – बयान का सार

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, सैम पित्रोदा ने कहा कि भारत ने “रॉ टैलेंट” पैदा किया है जो “दूसरों की सेवा” में चला जाता है। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने अब तक अपना खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं बनाया है, जिससे वे भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता पर सवाल उठाते दिखे।

पित्रोदा के बयान का एक एंगल यह भी है कि भारत में टैलेंट तो बहुत है, लेकिन उसी टैलेंट से ग्लोबल-स्केल टेक प्रोडक्ट्स, प्लेटफॉर्म्स और कोर टेक्नोलॉजी (जैसे OS) बनाने की क्षमता/इकोसिस्टम उतना मजबूत नहीं बन पाया जितना होना चाहिए। हालांकि बयान की भाषा और टोन पर ही राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।

BJP का पलटवार: “कांग्रेस भारत को नीचा दिखाती है”

BJP ने पित्रोदा पर हमला करते हुए कहा कि वे बार-बार “भारत को बुरा बताने” और “देश को कमतर दिखाने” वाले बयान देते हैं। पार्टी ने इसे कांग्रेस की “पुरानी आदत” बताते हुए कहा कि जब-जब भारत तकनीक, स्टार्टअप्स, डिजिटल पेमेंट्स, स्पेस और मैन्युफैक्चरिंग में आगे बढ़ता है, तब-तब कांग्रेस के कुछ चेहरे देश की आलोचना करके नैरेटिव बदलने की कोशिश करते हैं।

BJP के अनुसार, इस तरह के बयान देश के युवाओं का मनोबल गिराते हैं और यह संदेश देते हैं कि भारत सिर्फ “मैनपावर सप्लायर” है, जबकि सरकार का दावा है कि भारत अब इनोवेशन, स्टार्टअप और डीप-टेक में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

“Operating System” वाला मुद्दा: इतनी बहस क्यों?

ऑपरेटिंग सिस्टम किसी भी कंप्यूटर या स्मार्टफोन का बेसिक सॉफ्टवेयर होता है, जिसके ऊपर सारे ऐप्स और बाकी सिस्टम चलते हैं। दुनिया में मोबाइल OS के मामले में Android और iOS का दबदबा है, जबकि कंप्यूटर OS में Windows, macOS और Linux का बड़ा रोल है। पित्रोदा का कहना है कि भारत ने अब तक अपना प्रमुख OS इकोसिस्टम विकसित नहीं किया, इसलिए भारत की टेक “स्वतंत्रता” सीमित रहती है।

हालांकि, दूसरी ओर यह भी सच है कि कई देश अपना मेनस्ट्रीम OS नहीं बनाते, बल्कि ओपन-सोर्स (Linux) और लोकल कस्टमाइजेशन के जरिए अपनी जरूरतें पूरी करते हैं। इसलिए आलोचक कह रहे हैं कि मुद्दा OS बनाने का नहीं, बल्कि सुरक्षा, डेटा और क्रिटिकल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर नियंत्रण का है। पित्रोदा के बयान में यही बात राजनीतिक भाषा में विवाद का कारण बनी।

कांग्रेस के लिए चुनौती: बयान और डैमेज कंट्रोल

कांग्रेस के लिए पित्रोदा की टिप्पणी नई नहीं है—पहले भी उनके कुछ बयानों पर राजनीतिक विवाद हुए हैं। ऐसे में पार्टी के सामने दो विकल्प होते हैं: या तो बयान को “कॉन्टेक्स्ट” के साथ डिफेंड करे, या उससे दूरी बनाकर डैमेज कंट्रोल करे। इस बार BJP ने इसे तुरंत बड़ा मुद्दा बनाकर कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया है।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब देश में टेक्नोलॉजी, AI, स्टार्टअप्स और आत्मनिर्भरता को लेकर बहस तेज है। पित्रोदा का तर्क “टैलेंट को प्रोडक्ट बनाने” की तरफ इशारा करता है, लेकिन शब्दों की तीखी बनावट ने इसे राजनीतिक बवाल बना दिया।

आगे क्या? – बहस का असली सवाल

इस पूरे विवाद के पीछे असल बहस यह है कि भारत अपने टैलेंट का उपयोग केवल सर्विस इंडस्ट्री और आउटसोर्सिंग तक सीमित रखेगा या कोर टेक्नोलॉजी, प्लेटफॉर्म्स और वैश्विक उत्पाद (product companies) भी बड़े पैमाने पर बनाएगा। पित्रोदा के बयान से यह मुद्दा फिर चर्चा में आया है—लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच मूल मुद्दा कहीं दब भी सकता है।

Sam Pitroda raw talent serve others

  1. सैम पित्रोदा ने ऐसा क्या कहा जिससे विवाद हुआ?
    उन्होंने कहा कि “भारत ने दूसरों की सेवा के लिए रॉ टैलेंट बनाया” और यह भी जोड़ा कि भारत के पास अपना ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं है, जिसके बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
  2. BJP ने पित्रोदा के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
    BJP ने कांग्रेस पर भारत को नीचा दिखाने का आरोप लगाया और कहा कि पित्रोदा बार-बार “भारत को कोसने” वाले बयान देते हैं।
  3. “ऑपरेटिंग सिस्टम” से पित्रोदा क्या कहना चाहते थे?
    उनका इशारा तकनीकी आत्मनिर्भरता पर था—कि भारत को केवल टैलेंट सप्लायर न बनकर कोर टेक्नोलॉजी और प्लेटफॉर्म्स भी विकसित करने चाहिए।
  4. यह विवाद बार-बार क्यों होता है?
    क्योंकि ऐसे बयानों को विपक्ष “भारत-विरोधी” नैरेटिव मानता है और समर्थक इसे “कठोर लेकिन जरूरी आलोचना” कहकर देखते हैं; पित्रोदा के पुराने बयानों का संदर्भ भी बहस को तेज कर देता है।
  5. इस बहस का सबसे बड़ा मुद्दा क्या है?
    असल मुद्दा यह है कि भारत अपने टैलेंट को ग्लोबल प्रोडक्ट्स, डीप-टेक और कोर प्लेटफॉर्म्स (जैसे OS, चिप्स, साइबर सिक्योरिटी) में कैसे बदले—ताकि देश केवल सर्विस नहीं, इनोवेशन का सेंटर बने।
Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

‘बिश्नोई ग्रुप’ बताकर बिल्डर से वसूली की कोशिश: MP यात्रा के दौरान पहली धमकी, 20 फरवरी को FIR

ठाणे के एक प्रमुख बिल्डर ने ‘बिश्नोई ग्रुप’ के नाम पर 10...

ED का बड़ा टारगेट: इस वित्त वर्ष 500 चार्जशीट, मनी-लॉन्ड्रिंग जांच 1–2 साल में पूरी करने का निर्देश

ED ने चालू वित्त वर्ष में मनी-लॉन्ड्रिंग मामलों में 500 चार्जशीट/प्रॉसिक्यूशन कम्प्लेंट...

AI समिट 2026 पर ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’: BJP बोली – महात्मा गांधी का अपमान

AI समिट 2026 के दौरान भारत मंडपम में हुए कथित ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’...

ट्रेन में सफाई अब “स्टेशन तक सीमित नहीं”: रेलवे का नया नियम

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन साफ-सफाई नियमों में बड़ा बदलाव किया...