ममता बनर्जी ने बांग्लार युवा साथी योजना को अगस्त से आगे बढ़ाकर 1 अप्रैल 2026 से शुरू करने का ऐलान किया। 21–40 साल के बेरोजगार युवाओं को नौकरी तक 1500 रुपए मासिक। आवेदन 15 फरवरी से।
बेरोजगार युवाओं के लिए ममता का तोहफा: योजना क्यों आगे बढ़ाई, कौन लेगा फायदा?
ममता ने योजना को एडवांस किया: 1 अप्रैल से युवाओं को 1500 रुपए मासिक
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बांग्लार युवा साथी योजना को अगस्त 15 से बहुत पहले 1 अप्रैल 2026 से शुरू करने का ऐलान कर दिया। यह फैसला इंटरिम बजट 2026 के बाद आया, जिसमें युवा कल्याण पर जोर दिया गया था। योजना का मकसद है बेरोजगार शिक्षित युवाओं को नौकरी मिलने तक आर्थिक सहारा देना। हर योग्य लाभार्थी को हर महीने 1500 रुपए मिलेंगे, जो सीधे उनके बैंक खाते में जाएंगे। ममता ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं, उन्हें सपोर्ट करना जरूरी है। यह स्कीम 5 साल बाद रिव्यू होगी।
कौन लेगा फायदा: एलिजिबिलिटी के नियम क्या हैं?
इस योजना के तहत 21 से 40 साल के वे युवा आवेदन कर सकेंगे जो कम से कम क्लास 10 (माध्यमिक) पास हैं। आवेदक पश्चिम बंगाल का स्थायी निवासी होना चाहिए और फिलहाल बेरोजगार होना चाहिए। अगर कोई पहले से राज्य सरकार की दूसरी वेलफेयर योजनाओं से लाभ ले रहा है (स्कॉलरशिप को छोड़कर), तो वो अयोग्य माना जाएगा। लेकिन ऐक्यश्री, मेधास्री, शिक्षा श्री स्मार्ट कार्ड या स्वामी विवेकानंद मेरिट कम स्कॉलरशिप लेने वाले युवा आवेदन कर सकते हैं। ममता ने साफ कहा कि यह योजना अन्य स्कॉलरशिप के साथ चलेगी। उद्देश्य है रोजमर्रा के खर्चों में मदद करना।
आवेदन कैसे करें: कैंप और डॉक्यूमेंट्स की डिटेल
आवेदन प्रक्रिया 15 फरवरी से 26 फरवरी तक हर विधानसभा क्षेत्र में लगने वाले कैंप पर होगी। सैंपल फॉर्म स्पोर्ट्स एंड यूथ डिपार्टमेंट की वेबसाइट wbsportsandyouth.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं। आवेदन के साथ बैंक पासबुक, ID प्रूफ (आधार/वोटर आईडी), क्लास 10 सर्टिफिकेट, पासपोर्ट साइज फोटो और निवास प्रमाण-पत्र की फोटोकॉपी लगानी होगी। कैंपों में वेरिफिकेशन होगा और अप्रूवल के बाद अप्रैल से पेमेंट शुरू। सरकार ने कहा कि प्रक्रिया ट्रांसपेरेंट रखी जाएगी। लाखों युवाओं को कवर करने का लक्ष्य है।
बजट पर असर: कितना खर्च होगा और कितने लाभार्थी?
सरकार ने इंटरिम बजट में इस योजना के लिए बड़ा प्रावधान किया है, अनुमानित 10 लाख युवाओं को कवर करने का प्लान। सालाना खर्च 18,000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकता है। ममता सरकार ने कहा कि यह निवेश भविष्य में इकॉनमी को बूस्ट देगा। लेकिन विपक्ष का आरोप है कि यह चुनावी पॉपुलिज्म है। योजना 2026 विधानसभा चुनाव से पहले आ रही है। सरकार ने जवाब दिया कि युवा कल्याण प्राथमिकता है। 5 साल बाद रिव्यू से प्रभाव देखा जाएगा।
ममता का वादा: युवाओं को नौकरी और स्किल ट्रेनिंग भी
ममता ने सिर्फ पैसे की बात नहीं की, बल्कि युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट और जॉब प्लेसमेंट प्रोग्राम्स को जोड़ने का ऐलान किया। योजना के तहत नौकरी लगते ही भत्ता बंद हो जाएगा। इससे युवाओं पर प्रेशर बनेगा कि जल्दी जॉब ढूंढें। अन्य योजनाओं जैसे लक्ष्मी भंडार के साथ यह युवा फोकस्ड है। ममता ने कहा कि बंगाल में युवा उद्यमिता को बढ़ावा देंगे। कैंपों में जॉब काउंसलिंग भी होगी। यह स्टेप बेरोजगारी दर कम करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा।
विपक्ष की आलोचना: क्या यह निर्भरता बढ़ाएगी?
भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने योजना को “डोल कल्चर” बताया। उनका कहना है कि 1500 रुपए देकर युवाओं को सरकारी निर्भरता में बांधा जा रहा। नौकरियां पैदा करने के बजाय पैसे बांटना सही नहीं। ममता ने पलटवार किया कि केंद्र सरकार नौकरियां नहीं दे रही, राज्य को कदम उठाना पड़ रहा। योजना चुनावी तोहफा नहीं, जरूरी सपोर्ट है। लेकिन आंकड़े दिखाते हैं कि बंगाल में युवा बेरोजगारी ऊंची है। यह स्कीम अस्थायी राहत देगी।
पहले भी ऐसी योजनाएं: 2013 का इतिहास क्या कहता?
2013 में ममता ने एम्प्लॉयमेंट बैंक रजिस्टर्ड बेरोजगार युवाओं को 1500 रुपए देने की घोषणा की थी। करीब 1 लाख युवाओं को फायदा हुआ। अब बांग्लार युवा साथी उसी कॉन्सेप्ट का विस्तार है। लेकिन तब योजना लॉन्ग–टर्म नहीं चली। इस बार 5 साल की वैलिडिटी और सख्त एलिजिबिलिटी। सरकार ने डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम बनाया है। लाभार्थी लिस्ट पब्लिक होगी। ट्रांसपेरेंसी पर जोर।
योजना का असर: युवा क्या कह रहे?
युवा संगठनों ने स्वागत किया लेकिन कहा कि 1500 रुपए कम हैं, महंगाई में गुजारा मुश्किल। स्किल ट्रेनिंग और जॉब गारंटी जोड़ें। ग्रामीण इलाकों में जागरूकता कम्पेन चलानी होगी। कैंपों में भीड़ की उम्मीद। ऑनलाइन पोर्टल भी जल्द आएगा। यह योजना बंगाल की पॉलिटिकल इकॉनमी बदल सकती है। लेकिन सक्सेस जॉब क्रिएशन पर निर्भर।
कुल मिलाकर ममता का बिगर बेट
ममता सरकार ने युवाओं को लुभाने के लिए तेज कदम उठाए। योजना से लाखों परिवारों को राहत मिलेगी। लेकिन सस्टेनेबिलिटी और जॉब लिंकेज अहम। आवेदन जल्दी करें जो योग्य हैं। सरकार ने कहा ट्रांसपेरेंट डिलीवरी सुनिश्चित। बंगाल के युवा अब इंतजार कर रहे।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: बांग्लार युवा साथी योजना कब शुरू हो रही?
उत्तर: 1 अप्रैल 2026 से, आवेदन कैंप 15 से 26 फरवरी तक हर विधानसभा क्षेत्र में। - प्रश्न: कौन आवेदन कर सकता है?
उत्तर: 21–40 साल के WB निवासी, क्लास 10 पास, बेरोजगार (अन्य वेलफेयर से छोड़कर)। - प्रश्न: कितना पैसा मिलेगा और कितने समय?
उत्तर: 1500 रुपए मासिक, नौकरी लगने तक या 5 साल तक, जो पहले हो। - प्रश्न: आवेदन के लिए डॉक्यूमेंट्स क्या लगेंगे?
उत्तर: बैंक पासबुक, ID प्रूफ, क्लास 10 सर्टिफिकेट, फोटो, निवास प्रमाण। - प्रश्न: स्कॉलरशिप लेने वाले योग्य हैं?
उत्तर: हाँ, ऐक्यश्री, मेधास्री आदि स्कॉलरशिप के साथ ले सकते हैं।
- application camps Feb 15-26
- Banglar Yuva Sathi scheme
- Bengal youth financial assistance
- eligibility 21-40 years Class 10 pass
- Mamata Banerjee youth allowance
- Mamata interim budget schemes
- Rs 1500 monthly unemployed youth
- Swasthyasathi Yuva Sathi camps
- unemployed educated youth stipend
- WB sports and youth department
- West Bengal unemployment dole
- West Bengal youth welfare 2026
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