बॉम्बे हाईकोर्ट ने विजय माल्या को चेतावनी दी – फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर टैग चैलेंज करने के लिए भारत लौटना होगा, वरना याचिका नहीं सुनी जाएगी। किंगफिशर लोन डिफॉल्ट केस में नया ट्विस्ट।
क्या माल्या कभी भारत लौटेंगे? UK में छिपे किंगफिशर वाले पर HC का हार्ड लाइन
बॉम्बे हाईकोर्ट ने विजय माल्या को लगाया आईना: पहले भारत लौटो
11 फरवरी 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने विजय माल्या को साफ कह दिया – अगर तुम विदेश में बैठे-बैठे फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर (FEO) का टैग चैलेंज करना चाहते हो, तो पहले भारत लौटो। चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड़ की बेंच ने कहा कि कोर्ट प्रोसेस से बचते हुए राहत नहीं मिलेगी।
कोर्ट ने माल्या को एफिडेविट फाइल करने को कहा कि वो कब लौटने को तैयार हैं। वरना याचिका पर सुनवाई नहीं होगी। अगली सुनवाई 18 फरवरी को रखी गई। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने विरोध किया और कहा कि माल्या पहले आएँ, फिर देखा जाए कि लायबिलिटी है या नहीं।
माल्या की याचिकाएँ क्या हैं?
माल्या ने दो याचिकाएँ दाखिल की हैं – एक FEO घोषणा को चैलेंज करने वाली, दूसरी FEO एक्ट 2018 की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाने वाली। उनके वकील अमित देसाई ने कहा कि प्रेजेंस के बिना भी सुनवाई हो सकती है, जजमेंट्स हैं। लेकिन कोर्ट ने साफ मना कर दिया।
दिसंबर 2025 में भी कोर्ट ने यही कहा था। अब दोबारा चेतावनी दी। मेहता ने तर्क दिया कि माल्या ने लंदन में एक्सट्राडिशन रोकने की कोशिश की, अब हार मानकर भारत में FEO चैलेंज कर रहे। उन्होंने माल्या के एफिडेविट का हवाला दिया जिसमें बैंक गलत हैं, पैसा माँग रहे।
किंगफिशर लोन डिफॉल्ट: कितना पैसा अटका है?
किंगफिशर एयरलाइंस ने 2012 में उड़ानें बंद कीं। उसके पहले 17 बैंकों से 9000 करोड़ का लोन लिया था। लेकिन ब्याज-पेनल्टी जोड़कर कुल ड्यूज़ 17,781 करोड़ (अप्रैल 2025 तक) हो गईं। बैंकों ने माल्या के एसेट्स बेचकर 10,815 करोड़ वसूल लिए – शेयर्स, गोवा की किंगफिशर विला आदि।
फिर भी बैलेंस 6,997 करोड़ बाकी। माल्या दावा करते हैं कि प्रिंसिपल सिर्फ 6,203 करोड़ था और रिकवर 14,000 करोड़ हो चुका। लेकिन मिनिस्ट्री कहती है PF, स्टेच्यूटरी ड्यूज़ भी शामिल हैं।
FEO एक्ट क्या है और माल्या पर कैसे लागू हुआ?
FEO एक्ट 2018 भगोड़े आर्थिक अपराधियों के लिए बना। अगर कोई 100 करोड़ से ज्यादा का डिफॉल्ट कर देश छोड़ भागे, तो FEO घोषित हो सकता है। प्रॉपर्टी जब्त हो जाती है बिना ट्रायल के।
माल्या को जनवरी 2019 में PMLA स्पेशल कोर्ट ने पहला FEO घोषित किया। ED ने उनके 13,000 करोड़ के एसेट्स अटैच किए। एक्ट का मकसद – भागने वालों को फायदा न हो, रिकवरी आसान हो।
माल्या का सफर: कैसे पहुँचे यहाँ?
विजय माल्या (70) यूनाइटेड ब्रूअरीज़ चेयरमैन, किंगफिशर का मालिक। मार्च 2016 में CBI केस के बाद लंदन भागे। CBI-ED ने फ्रॉड, मनी लॉन्ड्रिंग के केस दर्ज किए। लंदन कोर्ट ने 2018 में एक्सट्राडिशन मंजूर किया, लेकिन अपील्स चल रही।
2017 में लंदन में अरेस्ट हुए, लेकिन बेल मिली। UK होम सेक्रेटरी ने एक्सट्राडिशन अप्रूव किया। माल्या ने ECHR तक जाना चाहा, लेकिन अब एक्सट्राडिशन एडवांस स्टेज पर।
बैंकों को क्या मिला, क्या बाकी?
बैंकों ने माल्या के शेयर्स, प्रॉपर्टी बेची। रिकवरी 10,815 करोड़। लेकिन ब्याज चक्रवृद्धि से ड्यूज़ बढ़ती गई। माल्या पॉडकास्ट में कहते हैं डबल रिकवर हो गया, लेकिन सरकार असहमत। FEO से बची प्रॉपर्टी भी जब्त हो सकती है।
एक्सट्राडिशन की जंग: UK में क्या स्टेटस?
UK में एक्सट्राडिशन प्रोसीडिंग्स एडवांस्ड स्टेज पर। माल्या ने अपील की, लेकिन हाईकोर्ट ने रिजेक्ट किया। सुप्रीम कोर्ट ने भी नो लिव अपील। अब फाइनल स्टेज, जल्द भारत आ सकते हैं।
कोर्ट ने कहा – कोर्ट से भागो मत
हाईकोर्ट ने साफ कहा कि माल्या कोर्ट प्रोसेस अवॉइड कर रहे। इक्विटेबल रिलीफ नहीं मिलेगी। ये स्टैंड FEO एक्ट को स्ट्रॉन्ग करता है – भागो तो प्रॉपर्टी चली जाएगी।
अगर माल्या 18 फरवरी तक क्लियर न कहा तो याचिका डिसमिस हो सकती। ये उनके लिए प्रेशर पॉइंट है।
माल्या के दावे vs सरकार का पक्ष
माल्या कहते हैं एसेट्स बेचकर बैंकों को ज्यादा मिला। लेकिन सरकार कहती PF, एम्प्लॉयी ड्यूज़ भी उनके। सॉलिसिटर मेहता ने कहा – देश का कानून न मानो तो चैलेंज मत करो।
क्या माल्या लौटेंगे?
10 साल बाद भी माल्या भारत नहीं लौटे। लेकिन कोर्ट का अल्टीमेटम और UK प्रेशर से शायद फैसला बदलें। अगर लौटे तो ट्रायल फेस करेंगे, वरना FEO स्टेटस पक्का।
FEO एक्ट के फायदे आम आदमी के लिए
ये कानून भगोड़ों से रिकवरी आसान बनाता। माल्या जैसे केस से बैंकों को पैसा मिला। टैक्सपेयर का लोन रिकवर होता। भविष्य में और सख्ती आएगी।
कुल मिलाकर कोर्ट ने माल्या को आईना दिखाया – भागना समाधान नहीं। भारत लौटो, हिसाब दो।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: बॉम्बे हाईकोर्ट ने विजय माल्या को क्या कहा?
उत्तर: भारत लौटो वरना FEO टैग चैलेंज वाली याचिका नहीं सुनेंगे; एफिडेविट फाइल करो कब लौटोगे। - प्रश्न: FEO एक्ट क्या है?
उत्तर: 2018 का कानून, 100cr+ डिफॉल्ट कर भागने वालों को फ्यूजिटिव घोषित कर प्रॉपर्टी जब्त करता। - प्रश्न: माल्या पर कितना लोन बकाया है?
उत्तर: मूल ~6200cr, ब्याज सह 17,781cr; 10,815cr रिकवर, बैलेंस ~7000cr बाकी। - प्रश्न: माल्या का एक्सट्राडिशन स्टेटस क्या?
उत्तर: UK में एडवांस्ड स्टेज, अपील्स खत्म, जल्द भारत आ सकते। - प्रश्न: माल्या कब भागे और क्यों FEO बने?
उत्तर: मार्च 2016 में किंगफिशर डिफॉल्ट के बाद लंदन भागे; 2019 में पहला FEO घोषित।
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