पीएम मोदी का मलेशिया दौरा 2026 की पहली विदेश यात्रा: कुआलालंपुर में ASEAN समिट, मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम से मुलाकात, बिलियनेयर टॉनी फर्नांडिस से बातचीत, द्विपक्षीय व्यापार, निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, सुरक्षा सहयोग और भारत–मलेशिया के 70 साल रिश्ते का जश्न। पूरा दौरा व भाषण के मुख्य बिंदु।
मलेशिया में मोदी ने क्या कहा ASEAN के बीच: भारत का नया विज़न और 2026 की शुरुआत
पीएम मोदी का मलेशिया दौरा: 2026 की पहली विदेश यात्रा में कुआलालंपुर के ये 5 बड़े संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 फरवरी 2026 को कुआलालंपुर में एक महत्वपूर्ण संबोधन दिया जिसमें उन्होंने स्पष्ट कहा कि मलेशिया यात्रा उनकी 2026 की पहली विदेश यात्रा है। यह दौरा न सिर्फ़ भारत–मलेशिया के द्विपक्षीय रिश्तों को नई ऊँचाई देने का अवसर बना बल्कि दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र ASEAN के साथ भारत की बढ़ती साझेदारी को भी मजबूत करने का मंच साबित हुआ। पीएम ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ गहन बातचीत की और एयर एशिया के बिलियनेयर टॉनी फर्नांडिस से भी मिले। दौरा के दौरान द्विपक्षीय व्यापार निवेश डिजिटल अर्थव्यवस्था और सुरक्षा सहयोग जैसे मुद्दों पर कई समझौते हुए। मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया के बीच 70 साल पुराने राजनयिक रिश्ते अब नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
मलेशिया यात्रा का बैकग्राउंड: ASEAN समिट और द्विपक्षीय मीटिंग्स
पीएम मोदी का यह दौरा ASEAN–भारत समिट का हिस्सा था जो कुआलालंपुर में आयोजित हुआ। मलेशिया ASEAN का मौजूदा चेयरमैन है इसलिए यह यात्रा क्षेत्रीय सहयोग के लिहाज़ से बेहद अहम थी। मोदी ने मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम से अलग से मुलाकात की जिसमें दोनों नेताओं ने व्यापार लक्ष्य बढ़ाने डिजिटल पेमेंट सिस्टम्स को जोड़ने और सांस्कृतिक आदान–प्रदान को बढ़ावा देने पर सहमति जताई। पीएम ने कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया जहाँ उन्होंने मलेशिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की उपलब्धियों का ज़िक्र किया। दौरा के दौरान भारत और मलेशिया ने कई MoU पर हस्ताक्षर किए जो शिक्षा प्रौद्योगिकी और पर्यावरण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे। मोदी ने कहा कि मलेशिया मेरी 2026 यात्राओं की शुरुआत है और यह भारत के Act East Policy का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पीएम मोदी का कुआलालंपुर संबोधन: मुख्य बिंदु और संदेश
कुआलालंपुर में दिए गए संबोधन में पीएम मोदी ने भारत की वैश्विक भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में भारत और ASEAN जैसे क्षेत्रीय संगठनों की साझेदारी शांति स्थिरता और समृद्धि का आधार बनेगी। मोदी ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर यानी UPI Aadhaar और डिजिटल आइडेंटिटी को मलेशिया के साथ शेयर करने की पेशकश की। उन्होंने कहा कि भारत का डिजिटल क्रांति मॉडल न सिर्फ़ तेज़ी से आगे बढ़ रहा बल्कि दूसरे देशों के लिए भी उदाहरण बन रहा है। पीएम ने सुरक्षा सहयोग पर भी फोकस किया और दक्षिण चीन सागर जैसे क्षेत्रों में शांति के लिए दोनों देशों की साझा ज़िम्मेदारी का ज़िक्र किया। संबोधन में उन्होंने मलेशिया के साथ द्विपक्षीय व्यापार को 50 बिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा।
मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम से गहन बातचीत और समझौते
पीएम मोदी और मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम की मुलाकात दौरा का हाइलाइट रही। दोनों नेताओं ने 70 साल पुराने राजनयिक रिश्तों को सेलिब्रेट किया और भविष्य के रोडमैप पर चर्चा की। व्यापार निवेश और डिफेंस कोऑपरेशन पर कई समझौते हुए। मोदी ने मलेशिया को भारत के ग्लोबल साउथ विज़न का अहम पार्टनर बताया। अनवर ने भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को सराहा और दोनों देशों के बीच पेमेंट सिस्टम्स को इंटीग्रेट करने पर सहमति बनी। सुरक्षा के मोर्चे पर दोनों ने आतंकवाद के खिलाफ़ ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी दोहराई। पीएम ने मलेशिया को भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट के लिए आकर्षक मार्केट बताया।
एयर एशिया के टॉनी फर्नांडिस से अनौपचारिक मुलाकात का मतलब
दौरा के दौरान पीएम मोदी ने एयर एशिया ग्रुप के संस्थापक और बिलियनेयर टॉनी फर्नांडिस से भी मुलाकात की। यह अनौपचारिक लेकिन अहम मुलाकात थी जिसमें एविएशन सेक्टर में सहयोग पर बात हुई। फर्नांडिस ने भारत के तेज़ी से बढ़ते एविएशन मार्केट की तारीफ़ की और एयर एशिया की भारत में और निवेश की योजना बताई। मोदी ने भारत के UDAN स्कीम और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को हाइलाइट किया। दोनों ने सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल और ग्रीन एयर ट्रैवल पर भी चर्चा की। यह मुलाकात भारत में FDI और प्राइवेट इन्वेस्टमेंट आकर्षित करने की मोदी सरकार की स्ट्रेटेजी का हिस्सा लगती है।
भारत–मलेशिया व्यापार और निवेश: नए लक्ष्य और संभावनाएँ
मोदी के दौरे से पहले भारत–मलेशिया द्विपक्षीय व्यापार 15 बिलियन डॉलर के आसपास था। पीएम ने इसे 50 बिलियन तक ले जाने का लक्ष्य रखा। इलेक्ट्रॉनिक्स फार्मास्यूटिकल्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर्स में मलेशिया के निवेश को बढ़ावा देने पर फोकस। मलेशिया ने भारत में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और रिन्यूएबल एनर्जी में रुचि दिखाई। डिजिटल अर्थव्यवस्था में UPI जैसे सिस्टम्स को मलेशिया के पेमेंट इंफ्रा के साथ जोड़ने पर सहमति। पीएम ने मेक इन इंडिया को ASEAN मार्केट्स के लिए हब बनाने का विज़न पेश किया।
ASEAN के साथ भारत का रिश्ता: मलेशिया यात्रा का क्षेत्रीय महत्व
मलेशिया ASEAN का चेयरमैन होने के कारण यह यात्रा क्षेत्रीय सहयोग के लिहाज़ से महत्वपूर्ण थी। मोदी ने ASEAN को भारत के Act East Policy का कोर बताया। इंडो–पैसिफिक रीजन में शांति और समृद्धि के लिए भारत–ASEAN साझेदारी को मजबूत करने पर ज़ोर। दक्षिण चीन सागर में नेविगेशन फ्रीडम और रूल ऑफ लॉ पर दोनों पक्ष सहमत। मोदी ने ASEAN को भारत के G20 प्रेसिडेंसी के दौरान दिए गए महत्व का ज़िक्र किया। मलेशिया ने भारत को ASEAN–भारत ट्रेड एग्रीमेंट के तहत ज़्यादा एक्सेस देने का वादा किया।
भारतीय समुदाय से मुलाकात और सॉफ्ट पावर
कुआलालंपुर में पीएम ने भारतीय मूल के लोगों से मुलाकात की। मलेशिया में करीब 30 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं जो देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं। मोदी ने उनकी उपलब्धियों को सराहा और योग दिवस जैसी सांस्कृतिक पहल का ज़िक्र किया। समुदाय ने पीएम का स्वागत पारंपरिक तरीके से किया। यह मुलाकात भारत की सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी का हिस्सा थी। पीएम ने ओवरसीज़ इंडियंस को भारत की ग्रोथ स्टोरी में पार्टनर बताया।
दौरा के मुख्य परिणाम और भविष्य की राह
मलेशिया यात्रा से कई ठोस परिणाम निकले। डिजिटल पेमेंट्स इंटीग्रेशन, डिफेंस कोऑपरेशन MoU, ट्रेड टारगेट्स और एविएशन निवेश। पीएम ने कहा कि यह यात्रा भारत के ग्लोबल विज़न की शुरुआत है। मलेशिया ने भारत को ASEAN चेयरमैनशिप के दौरान सपोर्ट का वादा किया। दौरा सफल रहा और दोनों देशों के रिश्ते नई ऊँचाई पर।
5 FAQs
प्रश्न 1: पीएम मोदी का मलेशिया दौरा कब और क्यों महत्वपूर्ण था?
उत्तर: पीएम मोदी का मलेशिया दौरा 7 फरवरी 2026 को हुआ जो उनकी 2026 की पहली विदेश यात्रा थी। यह ASEAN–भारत समिट का हिस्सा था और मलेशिया ASEAN चेयरमैन था। द्विपक्षीय व्यापार निवेश डिजिटल सहयोग और सुरक्षा पर फोकस रहा।
प्रश्न 2: कुआलालंपुर संबोधन में पीएम ने क्या मुख्य बातें कही?
उत्तर: पीएम ने कहा मलेशिया मेरी 2026 पहली विदेश यात्रा है। ASEAN के साथ शांति समृद्धि पर ज़ोर दिया। डिजिटल इंफ्रा शेयरिंग, ट्रेड 50 बिलियन लक्ष्य, इंडो–पैसिफिक में सहयोग। भारत का Act East Policy हाइलाइट किया।
प्रश्न 3: अनवर इब्राहिम से मुलाकात में क्या समझौते हुए?
उत्तर: मलेशियाई पीएम अनवर से व्यापार लक्ष्य डिजिटल पेमेंट्स इंटीग्रेशन डिफेंस MoU पर सहमति। 70 साल रिश्तों का जश्न। भारत को ASEAN ट्रेड एक्सेस बढ़ाने का वादा।
प्रश्न 4: टॉनी फर्नांडिस से पीएम की मुलाकात का मतलब?
उत्तर: एयर एशिया बिलियनेयर टॉनी से एविएशन निवेश सस्टेनेबल फ्यूल पर बात। भारत मार्केट में FDI बढ़ाने का सिग्नल। UDAN स्कीम हाइलाइट।
प्रश्न 5: यात्रा से भारत–मलेशिया रिश्तों को क्या फायदा?
उत्तर: ट्रेड टारगेट 50 बिलियन, डिजिटल MoU, डिफेंस सहयोग, सांस्कृतिक आदान–प्रदान। ASEAN चेयरमैनशिप में भारत को सपोर्ट। 70 साल रिश्ते मजबूत।
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